जय विजय के अंक

शीर्षक :- प्यार की मर्यादा

कुछ चेहरों को कभी भुलाया नहीं जाता गैर तो गैर हैं उन्हें कभी पाया नहीं जाता प्यार की मर्यादाओं में जो बंध जाते हैं तो बंदिशों की सीमाओं को लांँघा नहीं जाता मरता तो रोज है खयालों में हर आदमी मौन होठों में दर्द कभी छुपाया नहीं जाता प्यार तो समर्पण , त्याग की एक […]

कविता जय विजय के अंक

युवा मांगे जवाब अब

भर्ती निकली तो इंतिहान नहीं परीक्षा हो तो परिणाम नहीं परीक्षा हो तो जॉइनिंग नहीं आखिर क्यों युवाओं का सम्मान नहीं? युवा मांगे जवाब अब…… बस करो मजाक अब युवा मांगे हिसाब अब बात करो, संवाद करो दो हमारे प्रश्नों का जवाब अब युवा मांगे जवाब अब……. क्यों हर भर्ती पर पंचवर्षीय योजना है? किस […]

कविता जय विजय के अंक

सशंकित-श्रवण

जिंदगी में कभी -कभी ऐसा दौर भी आता है दिल का चैन,सुकून ,करार कोई और चुरा ले जाता है !! मौखिक विष से ज्यादा कर्ण विष घातक होता है जीवन का बड़ा सा हिस्सा श्रवण आधारित होता है ना जाने कब कौन आकर शक का बीज बो दे विषम और उसकी बातों में आकर होश-ओ […]

जय विजय के अंक धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

हम ईश्वर के उपकारों को जानें और उसके प्रति कृतज्ञ हों

ओ३म् मनुष्य का कर्तव्य होता है कि वह जिससे अपना कोई प्रयोजन सिद्ध करे, उसके उपकारों के बदले में उसके प्रति कृतज्ञता की भावना व्यक्त करे। कृतज्ञ होना मनुष्य का एक श्रेष्ठ गुण होता है। कृतज्ञ न होना अमानवीय होना एवं निन्दित कर्म होता है। यदि दूसरे मनुष्य व ईश्वर हम पर उपकार व सहयोग […]

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सृष्टि की उत्पत्ति रक्षण एवं प्रलय का ज्ञान विज्ञान सम्मत वैदिक सिद्धान्त

ओ३म् हम संसार में रहते हैं और इस सृष्टि का साक्षात् व प्रत्यक्ष अनुभव करते हैं। हम जानते व मानते हैं कि इस सृष्टि का अस्तित्व सत्य एवं यथार्थ है। हमारी सभी ज्ञान इन्द्रियां हमारे सृष्टि के प्रत्यक्ष एवं यथार्थ होने की पुष्टि करती हैं। हम आंखों से इस सृष्टि को देखते हैं, कानों से […]

जय विजय के अंक

चाहत-ए-हरियाली

  शहरों में जीने की ठान ली मैंने हां, गमलों में हरियाली पाल ली मैंने, गमले में बलखाती लता गिलोय की गमले में इठलाती कली अनार की…. गमले में पुदीना और बेल पान की तुलसी का पौधा संग छोटा सा देवस्थान भी…. कहीं गुलाब की सुगंध, कहीं खिलती अश्वगंध कहीं कद्दू करेला तो कहीं फूलों […]

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उत्तरांचली के आलेख-संस्मरण

मेरे आलेख और संस्मरण पर एक मात्र पुस्तक “उत्तरांचली के आलेख-संस्मरण” ऑनलाइन हेतु पीडीएफ भेज रहा हूँ। इसे पढ़ने के लिए लिंक को क्लिक करें। Uttranchali–Aalekh — महावीर उत्तरांचली

आत्मकथाएं

पुस्तक “रामभक्त शिव”

लेखक महावीर उत्तरांचली की पुस्तक “रामभक्त शिव” तैयार है। इस पुस्तक में जीवनी व 108 दोहे हैं।   इसका लिंक नीचे दिया जा रहा है। इसे क्लिक करके आप पुस्तक को पढ़ सकते हैं। आपका ही महावीर उत्तरांचली   RAMBHAKT_SHIV

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कविता संग्रह- ई. बुक सदाबहार काव्यालय- 2

हमने फिर सदाबहार काव्यालय में प्रकाशन के लिए कविताएं आमंत्रित की थीं, जिसमें जय विजय के लेखकों ने भी अपनी कविताएं भेजी थीं. आज वह सदाबहार काव्यालय- 2 ई.बुक के रूप में प्रकाशित हो गई है. प्रस्तुत है उसका लिंक- ”ई. बुक सदाबहार काव्यालय- 2” का लिंक है-