Category : आत्मकथाएं

  • विंती पुस्तक की

    विंती पुस्तक की

    नए ज़माने के नवयुवकों, यूँ मेरी पहचान न मिटाओ तुम, मेरा स्थान मेरा ही रहने दो, उस जगह न किसी और को बिठाओ तुम। कल तक पुस्तकालयों की शोभा थी मैं, न उन पर धूल जमाओ...

  • सौगात

    सौगात

    प्रिय गुरमैल भाई जी, आपको वसंत पंचमी की बहुत-बहुत शुभकामनाएं. पेशे खिदमत है आपके लिए वसंत पंचमी का सुहानी सौगात. आपकी लिखी आत्मकथा का चौथा भाग आपकी ही नज़र है मेरी कहानी-4. बताइएगा, केसर वाले नारियल...

  • उपहार

    उपहार

    प्रिय सखी कुलवंत जी, आपको वसंत पंचमी की बहुत-बहुत शुभकामनाएं. पेशे खिदमत है आपके लिए वसंत पंचमी का सुहाना उपहार, गुरमैल भाई की आत्मकथा का तीसरा भाग, मेरी कहानी-3. गुरमैल भाई को केसर वाले नारियल के...