बोधकथा

कहानी : तीन बातें             

हजारों वर्ष पहले की बात है। सिवनीगढ़ में राजा मनोरम देव का राज्य था। अपने पिता महाराज आदित्य देव से प्राप्त राजसिंहासन में बैठे उन्हें बीस बरस बीत चुके थे। उन्होंने अपने पिता का राज्य संचालन अपनी आँखों से देखा था। शांत, सुख-समृद्ध व वैभवपूर्ण राज्य था सिवनीगढ़; पर अब पता नहीं ऐसा क्या हुआ […]

बोधकथा

सूर्य गायब, प्रकाश गायब, बावजूद जिचकर रहेंगे !

मोस्ट क्वालिफाइड पर्सन यानी डॉ. जिचकर पर पहलाहिंदी आलेख मैंने लिखा था। डॉ. श्रीकांत रामचंद्र जिचकर 02 जून 2004 के बाद से हमारे बीच नहीं है । लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और कई रिकॉर्ड बुक में उनके ये records दर्ज़ है। जो 17 यूनिवर्सिटी से 11 subjects में M.A., जिनमें M.TECH., M.D. , LL.M. , […]

बोधकथा

त्यागवीर

सेनेगल, पश्चिम अफ्रीका के विश्वप्रसिद्ध फुटबॉल खिलाड़ी श्रीमान सादिओ माने की आय भारतीय मुद्रा में प्रतिसप्ताह एक करोड़ चालीस लाख रुपये है, बावजूद वे साधारण फोन का इस्तेमाल करते हैं, किसी कारण फोन टूट गयी, तो वे उस फोन को छोड़ नहीं रहे हैं और उसी का इस्तेमाल कर रहे हैं । वे गाड़ी तक […]

बोधकथा

निजता सिम्पली

ऐसे बहुत सारे लोग हैं, जो सफल और संपन्न होकर भी सिम्पलीसिटी में जीते हैं । यह तो बड़प्पन है । ….किन्तु  कम्युनिस्ट न सम्पन्न हुआ चाहते हैं, न सफल ! वह सिम्पलीसिटी में ही रहना चाहता है, जो कि गरीबी के फलस्वरूप है ! अगर क्षमता है, तो हम गरीब क्यों रहें और गरीबी […]

बोधकथा

सर्वश्रेष्ठ क्रिकेटर का जन्मदिन

महान क्रिकेटर पद्मभूषण कपिलदेव निखंज के जन्मदिवस पर शुभकामनाएं…. कपिलदेव रामलाल निखंज भारत के महान क्रिकेट खिलाड़ी हैं। भारत के सर्वश्रेष्ठ क्रिकेट खिलाड़ियों में उनकी गणना होती है। वे भारतीय क्रिकेट के कप्तान के रह चुके हैं। उनकी कप्तानी में 1983 में भारत ने पहलीबार विश्व कप जीते। वे विस्डेन द्वारा वर्ष 2002 में ‘सदी […]

बोधकथा

प्रथम सांसद

पहली लोकसभा (1952) के एकमात्र सांसद, जो शाहाबाद क्षेत्र से चुने गए थे व अंतिम डुमराँव महाराज ‘माननीय’ कमल बहादुर सिंह का निधन आज प्रातः हो गया, वे 93 वर्ष के थे ! वे दूसरी लोकसभा (1957) के लिए भी बक्सर लोकसभा क्षेत्र से निर्वाचित हुए थे । उनके बिहार और उत्तर प्रदेश में शिक्षा […]

बोधकथा

पश्चिम के सूरदास

महान भाषाविज्ञानी लुई ब्रेल के जन्मदिवस पर उन्हें सादर स्मरण ! पश्चिम के लुई ब्रेल पूरब के संतकवि सूरदास की भांति जन्म से दृष्टिहीन थे, किन्तु अपने चारों ओर फैले अंधियारे को सूरदास की महान कृति ‘सूरसागर’ की भांति ‘ब्रेल लिपि’ यानी दृष्टिहीन ‘से दिव्यांगों को शिक्षा ज्ञान की शैली व पाठशाला अन्वेषित कर अप्रत्याशित […]

बोधकथा

सफाईकर्मी

लॉकडाउन में सफाईकर्मियों और बैंककर्मियों, पत्रकार तथा पोस्टमैन की भी महती भूमिका रही है, वो भी तो वारियर्स हैं, इन पर विमान से पुष्पवर्षा होनी चाहिए । ज्ञात हो, गत वर्ष माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत सरकार की पहल पर अखिल भारतीय चिकित्सा बोर्ड ने भारत भर के सभी एलोपैथिक चिकित्सकों के लिए आदेश […]

बोधकथा

विजयगाथा

26 जुलाई 1999 को न केवल ‘करगिल’, अपितु भारतीय वीर-बाँकुरों ने देश के पश्चिमोत्तर क्षेत्र के उत्तुंग शिखर पर जाकर नापाक ‘पाकिस्तान’ का मर्दन किए थे । हमारे सैनिक हिमालय की तरह अडिग और बर्फ होकर भी इस्पाती चट्टान हैं । ‘करगिल दिवस’ पर हमें खुद पर गर्व महसूस हो रहा है । इस अघोषित […]

बोधकथा

अंदरूनी बातें

स्वामी दयानंद उस विक्रेता बालक को येन (पैसे) देने लगे, तो वह जापानी बालक पैसे लेने से मना कर दिये । स्वामी जी उत्तर में कह उठे — ‘बच्चे! इसकी कीमत तो तुम्हें लेनी होगी, क्योंकि मैं भारतीय हूँ और भारतीय ऐसे ही मुफ़्त में खा नहीं सकते !’ तब जापानी बालक ने कहा– ‘ठीक […]