Category : बोधकथा


  • अनुपम आनंद का अनुभव

    अनुपम आनंद का अनुभव

    हम अपने लिए तो बहुत कुछ व्यय करके अपनी ज़रूरतें पूरी करते हैं, लेकिन उसमें हमें शायद ऐसे अनुपम आनंद का अनुभव न होता हो, जैसा, इन बच्चों को हुआ होगा. अनिता की मां हाल ही...

  • बोधकथा : हीरे की परख

    बोधकथा : हीरे की परख

    एक राजमहल में कामवाली और उसका बेटा काम करते थे. एक दिन राजमहल में कामवाली के बेटे को हीरा मिलता है. वो माँ को बताता है. कामवाली होशियारी से वो हीरा बाहर फेककर कहती है ये कांच है हीरा नहीं….. कामवाली घर...

  • बुद्धिमान राजा

    बुद्धिमान राजा

    .एक राज्य के लोग एक वर्ष के उपरान्त अपना राजा बदल देते थे. राजा को हटाने के दिन जो भी व्यक्तिसबसे पहले शहर में आता था तो उसे ही नया राजा घोषित कर दिया जाता था..पहले...

  • बोधकथा – चतुराई

    बोधकथा – चतुराई

    बहुत समय पहले की बात है तब कि जब बहुत हरियाली थी वन थे बहुत सारे जंगल थे ऐसे ही एक जंगल में जिसका नाम सुदर्शन वन था बहुत सारे जीव ,पंछी, शेर, चीते, खरगोश और...


  • संगत का असर.

    संगत का असर.

    चोरी की नीयत से एक चोर राजा के महल में प्रवेश कर गया, उसे खबर थी की महारानी सोने से पहले अपना हीरो का बहुमूल्य  हार पलंग के सिरहाने ही रख कर सो जाती है। चोर मौका...

  • प्रेम

    प्रेम

    एक डलिया में संतरे बेचती बूढ़ी औरत से एक युवा अक्सर संतरे खरीदता । अक्सर, खरीदे संतरों से एक संतरा निकाल उसकी एक फाँक चखता और कहता, “ये कम मीठा लग रहा है, देखो !” बूढ़ी...

  • जीवन की उत्कृष्टता

    जीवन की उत्कृष्टता

    एक बार एक स्वामीजी एक स्थान पर सत्संग के लिए पधारे। स्वामीजी आकर चुपचाप बैठ गए। लोगों द्वारा प्रवचन के लिए आग्रह करने पर स्वामीजी ने कहा कि मैं क्या बोलूँ, आप सब जानते हैं। जो...