बोधकथा

जैसी सोच वैसा जवाब

एक गांव के नजदीक एक साधु ने झोपड़ी बना रखी थी। धूप और थकान से व्याकुल राहगीर जब दो क्षण के लिए वहां आराम करने के लिए रुकते तो वह उनको पानी पिलाते, छाया में बैठाते और उनका हालचाल पूछते। बातों-बातों में चर्चा छिड़ती कि आगे के गांव के लोग कैसे हैं, उनका स्वभाव कैसा […]

बोधकथा

प्रेम : एक अनकहा अहसास

भरी दोपहरी में टेढ़ी-मेढ़ी पगडंडियों पर वह चला जा रहा था…सूर्य की तीखी किरणें उसके शरीर को बेधती जा रही थी…उसका विश्रांत-क्लांत मन छाया की तलाश करने लगा…जहाँ..वह दो पल ठहर विश्राम कर ले…और…फिर अपने गंतव्य की ओर बढ़ चले…लेकिन दूर-दूर तक उसे कोई ऐसा आश्रय-स्थल नहीं दिखाई दे रहा था….आखिर वह चला ही जा […]

बोधकथा

शेरो को जंजीर से मत बाँधिये

बहुत पहले चीन मे एक महात्मा हुआ करते थे जो सदा शान्ती का उपदेश दिया करते थे लेकिन कमर मे हमेशा तलवार बांधे रहते थे / शिष्य बड़ी हिम्मत करके एक दिन पूछे की गुरु जी आप हमेशा तलवार क्यो लिये रहते है और इसे आप कबतक लिये रहेंगे ? गुरु ने संक्षिप्त उत्तर दिया […]

बोधकथा लघुकथा

मेहरबानी की मेहरबानी

आज वह सोने के पंख वाला हंस न रहकर, एक सामान्य हंस हो गया था. रह-रहकर उसे यह बात याद आ रही थी. सोने के पंख वाले हंस को अपने पिछले जन्म की बात याद थी. तब वह बचपन से ही अत्यंत मेधावी था. महल जैसे बड़े-से घर में उसकी पत्नि और तीन पुत्रियां थीं. […]

बोधकथा

बोधकथा : कौवे

एक समय की बात है सयाने कौवों की बस्ती में खलबली मच गयी , हुआ यूँ की उन्हीं सा दिखने वाला कौवों की बस्ती का सरपंच बन गया और उसने कौवों की नकेल कसनी शुरू करदी । कौवे अपने में से सबसे सयाने को उस से मुकाबला करने भेजते और जो भी जाता उसकी नाक […]

बोधकथा

पत्थर की मूरत

कमल एक मेधावी छात्र था । छमाही इम्तिहान के नतीजे घोषित हो चुके थे । कमल को सत्तर प्रतिशत अंक मिले थे । अपने इस प्रदर्शन से वह स्वयं ही काफी निराश था । लेकिन वह इससे भी ज्यादा परेशान था परिचित लोगों के अफ़सोस जताने से । नतीजे देखकर पहले तो स्कूल में उसके […]

बोधकथा

धैर्य बहादुरी का द्वार खोल देता है

ब्रिटेन में भारतीय मूल की दुकानदार करमजीत संघा ने एक लुटेरे के सामने अपनी बहादुरी का परिचय बहुत मजेदार अंदाज में दिया. मैगजीन शॉप की ओनर करमजीत एक सुबह दुकान का रूटीन काम निपटाकर फुर्सत में बैठकर अपनी चाय का आनंद ले रही थी, कि तभी स्टुअर्ट ग्लीसन नामक एक ड्रग अडिक्ट हाथ में 7 […]

बोधकथा

स्वर्ग का टिकट

शेठ धनीराम तीर्थयात्रा पर निकले । कुछ आवश्यक सामान व एक हजार अशर्फियाँ थैले में डाल कर साथ ले गए थे । रात्रि विश्राम के लिए एक धर्मशाला में रुके । वहीँ उनकी मुलाकात पड़ोस के गाँव के एक गृहस्थ बांकेलाल से हुयी । बांकेलाल एक गरीब किसान था । धरम करम में भी उसकी […]

कथा साहित्य बोधकथा

सोच कर देखो साथ क्या जायेगा ?

सिकंदर  महान  !  यह नाम इतिहास में परिचय का मोहताज नहीं । यूनान का यह बादशाह  कई देशों पर विजय प्राप्त कर उन्हें अपने अधीन करता हुआ भारत की सीमा पंजाब तक आ पहुंचा । यहाँ सतलुज के किनारे सिकंदर और राज़ा पुरु की सेनाओं में घमासान युद्ध हुआ, लेकिन दुर्भाग्यवश राजा पुरु का पराभव हो […]

बोधकथा

अनुपम आनंद का अनुभव

हम अपने लिए तो बहुत कुछ व्यय करके अपनी ज़रूरतें पूरी करते हैं, लेकिन उसमें हमें शायद ऐसे अनुपम आनंद का अनुभव न होता हो, जैसा, इन बच्चों को हुआ होगा. अनिता की मां हाल ही में काल-कवलित हुई थी. उसके पिता का पहले ही देहांत हो चुका था. ऐसे में देवी ने पढ़ाई छोड़ने […]