Category : यात्रा वृत्तान्त

  • चलो कहीं सैर हो जाये-2

    चलो कहीं सैर हो जाये-2

    पूर्वकथा सार : हम लोग कुछ मित्र मुंबई से जम्मू माता वैष्णो देवी के दर्शन हेतु ट्रेन से सफ़र करते हुए जम्मू स्टेशन पहुँच चुके हैं । अब आगे … स्टेशन से बाहर निकलते ही बायीं तरफ...

  • चलो कहीं सैर हो जाये-1

    चलो कहीं सैर हो जाये-1

    रोज एक ही माहौल में रहते हुए कभी-कभी जिंदगी बोझिल सी होने लगती है । ऐसे में अंतर्मन पुकार उठता है……चलो कहीं सैर हो जाये घूमने फिरने के कई फायदे भी हैं ।नया माहौल, नए लोग,...

  • हरसूद यात्रा

    हरसूद यात्रा

    2004 में इंदिरा सागर बांध की चपेट में आया हमारा शहर हरसूद वर्तमान में वहाँ कोई नहीं रहता। बारिश में वहाँ लगभग 20 फिट तक पानी भरा रहता हैं गर्मी के दिनों में रास्ता खुल जाता...





  • अमरनाथ यात्रा – सलाल बाँध परियोजना

    वैष्णों देवी से लौटने के बाद कटरा से हमने सलाल बाँध परियोजना (डैम) और शिवखोड़ी की यात्रा की योजना 5-8-2006को तैयार की | वर्षा का प्रकोप लगातार जारी था और मौसम यात्रा के अनुकूल बिल्कुल  नहीं था,...

  • श्रीकृष्ण-जन्मभूमि

    श्रीकृष्ण-जन्मभूमि

    पुण्य नगरी मथुरा में चार दिवसीय प्रवास के बाद मैं कल ही बनारस लौटा. प्रवास अत्यन्त आनन्दायक था. मेरी प्रबल इच्छा थी कि अपने नवीनतम पौराणिक उपन्यास ‘यशोदानन्दन’ की पाण्डुलिपि श्रीकृष्ण-जन्मभूमि में जाकर उनके श्रीचरणों में...

  • जा रहा था—मैं !

    जा रहा था—मैं !

    मैं कुद्रा रेलवे स्टेशन पर ज्यों ही पहुंचा तभी एक आवाज़ सुनाई दी कि गाड़ी थोड़ी देर में प्लेट फार्म नम्बर दो पहुंचने वाली है। आवाज़ को सुनते ही मेरे अन्दर इधर टिकट कटाने की तो...