संस्मरण

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कई बरस पहले देहरादून जाने पर जब मैं डॉ बुद्धि नाथ मिश्र के घर मिलने गई तो उन्होंने अपने एक प्रवासी मित्र सुरेन्द्र नाथ तिवारी की पुस्तक ‘उठो पार्थ गाण्डीव सम्भालो’ मुझे दी। मेरा तब तक प्रवासी साहित्य या साहित्यकारों से कोई परिचय नहीं था। बहुत उत्सुकता हुई कि देखें ये प्रवासी लोग क्या लिखते […]

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नकलिए

आज से 8 दशक पहले गांव में किसी के यहां बारात आने पर नकलिए अवश्य आते थे। केवल 2 ही व्यक्ति होते थे । उनका काम बारातियों और अन्य उपस्थित लोगों को हंसाना होता था ।गांव में विवाह की तिथि का सभी को पता चल जाता था । बारातियों को ठहराने और खान-पान की व्यवस्था […]

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रानी झाँसी रेजिमेंट की अंतिम कप्तान

आजाद हिंद फ़ौज की अंतिम महिला कप्तान “मानवती आर्य्या”। दादीअम्मा यानी नेताजी सुभाषचंद्र बोस के आज़ाद हिन्द फ़ौज में रानी झाँसी रेजिमेंट की कप्तान रही वरेण्य स्वतंत्रता सेनानी श्रीमती मानवती आर्य्या 100 वर्ष जीकर 20 दिसम्बर 2019 को पृथ्वीलोक से प्रस्थान कर गयी। दादीअम्मा (आदरणीया मानवती आर्य्या) से दोबार मुलाकातें हुईं। पहली, 1992-93 में अर्जक […]

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ईश्वर भरोसे है सब कुछ

बात कुछ पुरानी है। इस से कोई विशेष अतर नहीं पड़ता।केवल कलाकार ही बदलते हैं, परिस्थितियां वही रहती हैं । उन दिनों मैं काफी अनुसंधान केन्द्र, ल्यामुंगो, तन्ज़ानिया में प्रतिनियुक था। मैं और इंस्ट्रक्टर मिस्टर मफूरु सरकारी काम के लिए सरकारी वाहन द्वारा दार-ए-सलाम गये थे।। वहां मुख्यालय में हमारी एक मीटिंग थी और अपने […]

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रेखाचित्र – टिम्मू भाग 1

ज्यों ही गाड़ी से उतरी, पाँव ज़मीन पर धरते ही देखा, गाड़ी के एकदम आगे स्याह श्यामल रंग का एक कुत्ता आशान्वित दृष्टि से निहार रहा है | एकदम वैसा ही स्नेह, वैसी ही सूरत, एक पल को तो ठहर सी गई मेरी नज़र अपलक उसकी आँखों में | लगा जैसे अपने बचपन में हूँ […]

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आज भी ‌देवदूत हैं

उन दिनों मेरी नियुक्ति तंज़ानिया में काफी रिसर्च इन्स्टीट्यूट ल्यामुंगो में थी। ल्यामुंगो से अरूशा 35 मील दूर था। हमारी बेटी शुचि अरूशा स्कूल में पढ़ती थी।वह यहां बोर्डिंग होस्टल में रहती थी और हम उसे शनिवार शाम को घर ले आया करते थे और सोमवार को स्कूल समय‌ से पहले ही पहुंचा देते थे। […]

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लहू वही है जो वतन के काम आए

वैश्विक स्तर की कोरोना महामारी से जूझ रहे समूचे विश्व के लोगों के समक्ष अपनी और अपनों की जान बचाना सबसे बड़ी चुनौती थी । आये दिन दुर्दांत खबरें सुन मानो कलेजा फटा जा रहा था । हर तरफ से केवल बुरी खबरें कानों को झकझोर रही थीं। ऐसे समय पर इंसान के चेहरे पर […]

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खुशबू का चुनावी सफर

“शिक्षक, विद्यार्थी, व्यवसायी, मजदूर हो या किसान, दादा-दादी, चाचा-चाची, भैया-भाभी या नौजवान। सालों से शिक्षा फैला रहे , आपके घर की खुशबू हूँ, मैं तो फूलों की नहीं, आपके आँगन की खुशबू हूँ।” @@@ …..पंचायत समिति निर्वाचन क्षेत्र के सभी आदरणीय/आदरणीया मतदाताओं से विनम्र “अपील” @@@ अपना बिहार 22 मार्च 1912 को अस्तित्व में आया, […]

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भावुक स्मरण

पाठकों से नम्र निवेदन है कि वे इंटरनेट संस्करण व स्मार्टफोन की आभासी दुनिया से बाहर निकल मुद्रित पुस्तकों व पत्रिकाओं को खरीदने में रुचि दिखाएँ, जिनसे ये विक्रेता बंधु भी मुदित व प्रफुल्लित होते रहें ! बिहार के कटिहार ज़िले में प्रिंट किताबों और पत्र-पत्रिकाओं की बिक्री साफ खत्म-सी हो गई है । मनिहारी […]

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संस्मरण – नवरात्रों के दिन 

आज से ठीक छह महीने पहले ,नए साल के शुभारंभ में जब नवरात्रों का आगमन हुआ वैशाख पर्व पर।सोचा नहीं था…..वैशाख , इस बार जिंदगी की  वैशाखियां ही तोड़ने आ रहा है। जिंदगी हर बात से अनजान …मुझे याद है शादी के बाद जब ‘तारादेवी ‘मंदिर जाना हुआ ।जिसकी सेवा असीम जी के दादा जी […]