संस्मरण

अतीत की अनुगूँज -12 : पूर्वाग्रहों के साथ-साथ

पिछले सत्तर वर्ष हमने देखे हैं।  हममे से कोई भी छाती पर हाथ धरकर यह नहीं कह सकता कि हमें होश संभालने के साथ साथ मुसलामानों, नौकरों, जमादारिन आदि के प्रति आदर सिखाया गया था।  ये बात और है कि वकील नियाज़ी साहब के आने पर पापा या बाबूजी अदब से खड़े होकर सलाम करते […]

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जन्म शताब्दी संस्मरण

इस वर्ष मेरे पूज्य पिता श्री लक्ष्मी चरण जी की जन्म शताब्दी है।  पापाजी अत्यंत मेधावी व्यक्ति थे।  अपने स्वभाव में वह अतिशय उदार एवं सकारात्मक सोंच रखते थे।  उनके निकट जो भी कभी आया था उनको वर्षों के बाद भी याद करता है।  इस अवसर पर मैं उनके जीवन से जुड़े कुछ तथ्य उल्लिखित कर […]

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आत्मकथ्य : कैसा रहा साल – 2019 मेरे लिए 

निरन्तर चलना ही जिंदगी है, फिर चाहे जाड़ा हो, गर्मी हो, बरसात हो बस चलना ही है और मैं निरन्तर चल रहा हूँ | परन्तु चलने के बाद भी ऐसा लग रहा है कि जिंदगी ठहर सी गई है | न जाने क्यों लगता है कि अब बाकी कुछ करने को बचा ही नहीं | […]

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सुख की वर्षा

बात लगभग 50 साल पहले की है। मैं छोटी-सी बच्ची थी। मेरी एक सहेली ने हारमोनियम सीखने का मन बनाया। उसने मुझसे भी हारमोनियम सीखने में साथ देने का आग्रह किया। सिखाने वाली एक बुज़ुर्ग अध्यापिका थीं, जिनका नाम था श्रीमती सुखवर्षा। उन्होंने मेरी सहेली को कहा था कि वे एक महीने की फीस 10 […]

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संस्मरण : जयमाला

बात उन दिनों की है जब मैं कालेज में पढ़ती थी ! हम आठ लोगों का एक बढ़िया सा ग्रुप था ! वैसे तो हम सब ही बहुत अच्छे थे, पर हमारी एक फ्रेंड “निशा” हमेशा ही दूसरों की मदद के लिए तैयार रहती थी ! कॉलेज खत्म होते ही हमारे दो दोस्तों “गायत्री और […]

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खेल क्या-क्या सिखा जाता है

प्यारे भैया , जो बात बर्षों से मेरे दिल में दबी पड़ी थी ,आज मैं उसे इस खत के जरिए आपके पास पहुँचाना चाहता हूँ। मोबाइल और टेलीफोन पर बात करते समय हम आधी बातें भूल जाते हैं या बातों का सही अभिप्राय ,भावनाओं के साथ व्यक्त नहीं कर पाते। खत लिखना मेरे लिए इसलिए […]

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ढह गया यादों का एक और स्तंभ ।

मुंबई के प्रसिद्ध चर्चगेट स्टेशन के निकट न्यू सीजीओ बिल्डिंग में वस्त्र आयुक्त का कार्यालय है। वहीं छठी मंजिल पर एक कमरा हिंदी प्रशिक्षण के लिए हमारे कार्यालय को मिला हुआ था। लंबे समय तक कामिनी ने वहां पर कक्षाएं लीं। उसी दौरान कुछ समय तक पास की ही बिल्डिंग, ओल्ड सीजीओ बिल्डिंग में मैंने […]

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आर्यसमाज में मेरे 19 वर्षों का अनुभव

आर्यसमाज में मेरे 19 वर्षों का अनुभव (आज 28/11/2019 को जन्मदिवस के अवसर पर आप सभी मित्रों का मंगल कामना एवं बधाई सन्देश मिला। उनका कोटि कोटि धन्यवाद। अनेक मित्रों ने इस अवसर पर अपने आर्यसमाज के अनुभवों को साँझा करने का निवेदन किया। मैं मेरे आर्यसमाज में 19 वर्षों के अनुभव को एक लेख […]

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अतीत की अनुगूंज – १० : नैंसी का परिवार

सितम्बर में नया सत्र शुरू हुआ।  उस वर्ष मुझे पहली कक्षा को पढ़ाना था।  रंगा रंगी बच्चे। सब एक उम्र के मगर कोई समानता नहीं उनमे।  ३० में से दस बच्चे गोरे  अवश्य कहे जाएंगे मगर सबके माँ बाप अलग अलग देशों की खुरचन। अब कोई भूखा नंगा तो है नहीं इंग्लैंड में जो आप […]

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मेरी कहानी 167

मैं और गियानी जी उठ कर गियानी जी के कमरे में आ गए। यह कमरा घर का फ्रंट रूम ही था। वैसे तो यह कमरा महमाननिवाज़ी के लिए था लेकिन गियानी जी के लिए यह कमरा सब कुछ था, यहाँ अपने दोस्तों से वे गियान गोष्ठी भी किया करते थे और स्ट्डी रूम के तौर […]