लेख विविध संस्मरण

बिजली ग्रिड की उपादेयता

6 जुलाई 2018 को कटिहार ज़िले के मनिहारी अंचलान्तर्गत बहुप्रतीक्षित नवाबगंज विद्युत सब-स्टेशन चालू हुई थी, जिनसे लो-वोल्टेज़ समस्या तो दूर हुई, किन्तु 1 मिनट में कभी-कभी 10-15 बार बिजली कट जाती है, जिससे बिजली बल्ब फ्यूज़ हो रहे हैं, तो अन्य यांत्रिक सामान खराब हो रहे हैं ! स्थाईवासी होने के नाते नवाबगंज विद्युत […]

कथा साहित्य संस्मरण

संस्मरण में सरकार !

विकास पर जाति अब भी हावी है, बिहार में कभी यादव, तो कभी कुर्मी…. एक एससी बना, तो गर्भकाल (9 माह) लिए ! करोड़ों की आबादी के बावजूद कोई अल्पसंख्यक कैसे हो सकता है ? कर्नाटक का नाटक ‘लिंगायत’ के प्रति था या विकास के ! भारत में— ‘जाति, जो नहीं जाती !’ बिहार में […]

संस्मरण

अतीत की अनुगूंज – १७ : असलियत और भ्रम

      मेरी  अध्यापन की  पहली नौकरी का पहला वर्ष पूरा हो चुका था।  अब मैं पक्की अध्यापिका घोषित कर दी गयी थी।  जहां नौकरी मिली थी वह  शिक्षण संस्था बहुत निम्न कोटि की मानी जाती थी।  लंदन के क्षेत्रों के अनुसार संस्थाओं का स्तर  भी निर्धारित होता है।  यह लड़कों का स्कूल था। इसमें अधिकाँश बच्चे मजदूर वर्ग के […]

संस्मरण

अप्रैल 2020 : डायरीनामा

मैंने मार्च के अंतिम सप्ताह से चाय-नाश्ता छोड़ दिया, घर के सभी सदस्यों ने दिन में एकबार और रात में एकबार ही भोजन ले रहे ! पुरानी जांता-चक्की निकाली गई, उसी से दर्रे कर व पीसकर घांटा, घांटी, दलिया, खिचड़ी, बगिया, मक्के की रोटियां, सत्तू और सब्जी में सिर्फ़ आलू व सोयाबीन ही खाद्य के […]

संस्मरण

मार्च 2020 : डायरीनामा

मार्च में होली पर लोग इस कारक् को हवा में उड़ाते हुए खूब गुलछर्रे उड़ाए, इसलिए लोग फगुआ के बोल चार किये, किंतु बासी मलपूवे का मजा नहीं ले पाए ! हालाँकि यह वायरस हवा में न होकर थूक, लार, कफ़ इत्यादि से निसृत होती हैं ! यूट्यूब चैनल kura kachra में कविता ‘बुरा ना […]

संस्मरण

भारतरत्न अटल से रूबरू

मंदिर से आती शंख-ध्वनि, मस्ज़िद से आ रही अज़ान, गुरद्वारे के घंटे और गिरजे से आती ‘हैप्पी क्रिसमस डे’ की अतल ध्वनि-प्रतिध्वनियों के बीच ‘अटल’ का जन्म होना नए युगयात्रा में नींव पड़ना कहा जाएगा। 90 के दशक में अथवा 1989 में जब वे प्रधानमन्त्री नहीं बने थे, संभवत: तब लोकसभा में वे प्रतिपक्ष के […]

संस्मरण

ऐसे भी कोई जाता है भला

उस रात शहर में अच्छी बारिश हुई थी. इसलिए सुबह हर तरफ इसका असर नजर आ रहा था. गोलबाजार ओवर ब्रिज से बंगला साइड की तरफ बढ़ते ही डीआरएम आफिस के बगल वाले मैदान में भारी भीड़ जमा थी. बारिश के पानी से मैदान का मोरम फैलकर लाल हो चुका था. मैदान के किनारे लाल […]

लेख संस्मरण

अधिवक्ता और प्रवक्ता ‘प्रद्युम्न’ के साथ

श्री प्रद्युम्न ओझा सर पेशे से अधिवक्ता हैं, किन्तु उनसे मेरा आकर्षण उनमें निहित जानकारी और विचार-बिंबता को लेकर है । मैंने इस शख़्सियत को सुना है, आकाशवाणी से और कई मंचीय वाणी से भी । अधिवक्ता के ‘अधिभार’ से बचते हुए तथा किसी पसंद व नापसंदगी को विराम देते हुए सिर्फ एक ही बात […]

संस्मरण

पापा चुप रहते हैं

21 जून 2020, हैपी फ़ादर डे पापा, आज मुझे मम्मी बने हुए 6 साल 5 महीने पूरे हो गये हैं! ईश्वर से दिन रात एक ही दुआ माँगी थी कि मुझे बेटी हो! आपने तो आने से 2 महीने पहले नाम भी रख दिया था ‘लिली”!आप तो यह भी सोचने लग गए थे कि बेटा […]

संस्मरण

एक पिता और एक बेटी की कहानी

21 जून 2020, फ़ादर डे स्पेशल एक पिता को एक बेटी का पत्र आपके ही नाम से जानी जाती हूँ “पापा” इससे बड़ी शोहरत “मिली”के लिए क्या होगी आप पिता हें, पर एक माँ से कम नहीं हैपी फ़ादर डे वर्ल्ड के बेस्ट पापा दुनिया के सबसे अच्छे पापा, “दादी की प्राणदुलारी हो, मम्मी की […]