संस्मरण

‘झिलमिल जुगनूँ’ के संपादक

हिंदी में गणित अन्वेषण के क्रम में प्रो. विनय कुमार कंठ सर से मेरी पहली मुलाकात हुई थी । उनके अध्ययनार्थी के साथ – साथ मैं सर जी द्वारा संपादित ‘ज्ञान विज्ञान’ और ‘झिलमिल जुगनूँ’ में लेखक और सम्पादन सहयोगी भी था । मेरे कई गणितीय आलेख इनमें छपा भी है। ‘ईस्ट एंड वेस्ट एजुकेशनल […]

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प्रोफेसर कंठ

हिंदी में गणित अन्वेषण के क्रम में प्रो0 विनय कुमार कंठ सर से मेरी पहली मुलाकात हुई थी । उनके अध्ययनार्थी के साथ – साथ मैं सर जी द्वारा संपादित ‘ज्ञान विज्ञान’ और ‘झिलमिल जुगनूँ’ में लेखक और सम्पादन सहयोगी भी था । मेरे कई गणितीय आलेख इनमें छपा भी है । ‘ईस्ट एंड वेस्ट […]

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मधुर कोड़ा

झारखंड में अगर कई पार्टियों से मिलकर एक CM हुए हैं, तो उसे “मधु कोड़ा” की तरह जेल-यात्रा तय मानी जाती है ! ××× भारत के मूलनिवासी आदिवासी व जनजाति नहीं, अपितु “कुम्हार” जाति है ! ××× संसार के सबसे बड़ा सर्च इंजन Google ने स्वत: मुझे पहलीबार 24 दिसम्बर 2008 को अपने पेज में […]

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एक परीक्षा आयोग के चक्रव्यूह का शिकार

बीपीएससी के चक्रव्यूह का शिकार मैं भी…. राष्ट्रपति सचिवालय के द्वारा मुख्य सचिव, बिहार को लिखा पत्र- बीपीएससी के उस कारनामे के लिए मुझे कुतर्क बल पर 45 वीं सं.प्रति. परीक्षा – उत्तीर्णता को 15 वषों से अनसुना रहे ! आज लोग SDM, BDO, SDC, SDPO बनने-बनाने के लिए खुद तथा बाल- बच्चों को पटना, […]

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आनंद-मिली “आनी-मानी” की प्रेम कहानी

पहली करवाचोथ पर जीवनसाथी बोले- मानी तेरे लिए चुपके से साबूदाने की खिचड़ी बना देता हूँ-किसी को पता भी नहीं चलेगा!! शादी को 10 साल हो चुके हें,पर पहली करवाचोथ के एहसास की ख़ुशबू चेहरे पर आज भी मुस्कुराहट ला देती है! जून 2010 में लव कम अरेंज मैरिज हुई हमारी! चार महीने बाद पहला […]

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दबंगई महत्ता

ऐसे कई सारे ‘पदाधिकारी’ (Officers) हैं, जो या तो सचमुच में  जानकारीविहीन हैं या अभी भी सामंतों की तर्ज पर व राजे-रजवाड़े की तरह दूसरे की बात सुनना पसंद नहीं करते हैं! ऐसे चिरंजीवी ऑफिसर्स माननीय हाई कोर्ट की नोटिस के बारे में भी जानते तक नहीं कि किसप्रकार के नोटिस का क्या अर्थ होता […]

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विधि का विधान

अब इसे विधि का विधान कहें या कुछ और ,परंतु मैं तो इसे विधि का विधान ही मानता हू्ँ। 25 मई 2020 की रात में मैं पक्षाघात से पीड़ित हो गया।एक सप्ताह तक अस्पताल में रहा।फिर घर आ गया।इलाज चलता रहा।सिंकाई और फीजियोथेरेपी भी चलता रहा।धीरे धीरे मैं चलने लगा।क्योंकि पैर पर असर कम था।हाथ […]

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अब न मेले होती, न ही डरिमा !

मेले में अब न तो ‘मेल’ होते हैं, न ‘नाच’ ही! सिर्फ तमाशे होते हैं । ऊपर से पॉकेटमारी अलग ही! मेला-प्रायोजक चंदे से उगाही राशि में बची राशि को बचाने के तिकड़म में लगे रहते हैं! अब यहाँ जिलेबी तो मिलती है, किन्तु उनमें न मिठास है, न ही प्रेम ! मिट्टी की मूर्त्ति […]

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आरटीआई में उपलब्धियाँ

भारत में सूचना का अधिकार अधिनियम यानी Right to Information Act क्रियान्वित हुए आज 15 साल हुए। तिथि 12 अक्टूबर 2005 को लागू होने से अबतक के इस सफ़रनामे में मैंने भी लाखों पृष्ठ लिए हजारों सूचनाएँ व जानकारियाँ प्राप्त की। आज की तिथि मेरे भी RTI आवेदनों की संख्या 22,500 हो गई, जिनसे कई […]

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देवी माँ चंडी का रूप एक बार नही कई बार धारण कर चुकी हूँ…!!

नवरात्रि शुरू होने वाले हें,इस दौरान देवी के नो रूपों की पूजा होती है!हम नारी को भी देवी कहते हें!स्त्री होने के नाते मेरे जीवन में वह पल कई बार आये जब देवी माँ चंडी के रूप को खुद में महसूस कर ग़लत के ख़िलाफ़ उठ खड़ी हुई! हमेशा से झाँसी की रानी कहलाती आई […]