Category : संस्मरण



  • यादों के झरोखे से-4

    यादों के झरोखे से-4

    वे दो रूमाल उन दो रूमालों ने सपने में भी नहीं सोचा होगा, कि कोई उनको इतना सहेजकर रखेगा और 15 साल बाद कोई उन पर ब्लॉग लिखेगा. भाई, यह तो अपनी-अपनी किस्मत है. 15 साल...




  • अतीत की अनुगूंज – 2 : छतरी

    अतीत की अनुगूंज – 2 : छतरी

    बाल्यावस्था की बात करूँ तो सबसे बड़ी विडम्बना होती है मानव बुद्धी का तेज विकास और उसी अनुपात में अनुभवशून्यता ! बच्चे इन दो विरोधी तत्वों के अंतराल में किस प्रकार उलझते हुए विकसित  होते हैं इसका...

  • यादों के झरोखे से-1

    यादों के झरोखे से-1

    इनाम की अठन्नी आज से लगभग पचास वर्ष पूर्व की बात है, जब मैं छठी कक्षा में पढ़ती थी। तब हिन्दी और संस्कृत के अध्यापक प्रायः धोती पहना करते थे और पंडित जी कहलाते थे। हमारे...

  • अतीत की अनुगूंज -1

    अतीत की अनुगूंज -1

    भारत छोड़ने के बाद मैंने अध्यापन में पुनः अपना भाग्य बनाया। पहले दस वर्ष लंदन के उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में गणित पढ़ाया परन्तु फिर गणित पढ़ाने से मन भर गया। मैं हरेक विषय पढ़ना चाहती थी।...