संस्मरण

डॉक्टर मिली भाटिया आर्टिस्ट की कहानी

मेरा बचपन से लेकर पी० अच० डी० तक चित्रकला का  सफ़र पेश है एक सकारात्मक कहानी डा मिली भाटिया आर्टिस्ट की! 17 साल पहले 14 नोवेम्बर 2003 अपनी मम्मी के आकस्मिक स्वर्गवास के बाद रावतभाटा की बेटी व बहु डा मिली नन्हें बच्चों में चित्रकला के माध्यम से जागरूकता फेला रही हें! डॉक्टर मिली भाटिया […]

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मेरी माँ की रसोई में मेरा पहला कदम

बात 2003 की है!में तब बी०अ० फ़र्स्ट ईयर में आई ही थी!हॉस्टल से घर में राखी की पहली बार छुट्टियाँ मानने घर आई थी!मम्मी ने पूछा क्या बनाऊँ,मैंने कहा आलू के पराठे!मम्मी बोली सुबह तो दम आलू खाए हें,आलू के पराठे सुबह बना दूँगी!में उनसे रूठ कर बेठ गई!वो भी ग़ुस्से में थीं,बोली जो खाना […]

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लोग

कुछ तो लोग कहेंगे…..लोगों का काम है कहना…….!!! आज सुबह एक फ़्रेंड से बात हुई, उसने बोला तेरे वट्सऐप स्टेट्स में तेरे आर्टिकल देख कर बोर हो गये हें,वह बोला तूने क्या अख़बार ख़रीद रखे हें जो हर अख़बार में छपती है,थोड़ी देर बाद एक सहेली से बात हुए,उसने पूछा और मिली अब किस विषय […]

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27 सेप्टेम्बर 2020 : डॉटर डे विशेष

डॉक्टर मिली की लिली-ईश्वर की सबसे प्यारी सौग़ात कौन हूँ क्या नाम हें मेरा,में परियों की शहज़ादी में आसमान से आई हूँ…… मैंने कहा लिली से हँसो तो वो खिलखिलाके हंस दी…. बिटिया लिली हैपी डॉटर डे, तुम मेरी ज़िंदगी हो,मेरा अंश हो,मेरी सौग़ात हो!तुम 6 एंड हाफ़ साल की बिटिया इतनी समझदार हो,हैरानी होती […]

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पत्र  5 जून 2020 : दर्द का रिश्ता

सिसकियाँ ना भर होले होले!! रोना है तो जी भर के रोले!! प्रिय जया दानी आंटी, हैपी बर्थडे आंटी, आप हमेशा से मेरी माँ की सबसे प्रिय सहेली,मेरे पापा की सर्वप्रिय बहन,और मेरी दादी की सबसे प्रिय बेटी रहीं!बी.अ. फ़र्स्ट ईयर में अड्मिशन लिया ही था मैंने और तब मम्मी मुझे छोढ़ कर ईश्वर के […]

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भाई बिन कैसी राखी

भाई शिशिर! हर घड़ी बदल रही है रूप ज़िंदगी छाँव है कभी कभी है धूप ज़िंदगी!!! तुम्हारे शब्द….किसी को ना मिली ऐसी बहना, बहना तेरा क्या कहना, तुझको है मेरा बस यह कहना,ह रदम हमेशा ख़ुश रहना,मेरी दुआ है ओ मिली,तू रहे हमेशा फूल की तरह खिली,और सदा ख़ुशियाँ बिखेरती रहे यह कली!!! एक बार […]

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मेरे बचपन के प्रिय शिक्षक-श्री सायाराम वाघमारे सर

गुरु गोविंद दोहूँ खड़े काके लागू पाय बलिहारी गुरु आपने गोविंद दियों मिलाय!! बचपन से ही मुझे चित्रकला का बोहोत शोक था!श्री सायाराम वाघमारे सर के पास में कक्षा 7 में उनके घर चित्रकला सीखने जाने लगी!वैसे वे मेरे स्कूल अटामिक एनर्जी सेंट्रल स्कूल रावतभाटा में ऑर्ट शिक्षक थे पर वे हमारे सेक्शन को नहीं […]

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एक अनोखा रिश्ता

तेरे दिल का मेरे दिल से रिश्ता पुराना है इन आँखों से हर आँसू मुझको चुराना है… तू तब है जब कोई नहीं है…!!मेरे सारे आँसू चुराने वाली तू ख़ामोश,आँखों में पानी,चेहरे पर मुस्कुराहट,अपने दर्द में भी ख़ुश रहने वाली,हर फ़ील्ड में पर्फ़ेक्ट गर्ल है,तू मेरी हर दर्द की मेडिसिन है,तू तब है,जब कोई नहीं […]

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मेरे शहर का कैलाश मंदिर, महाशिवरात्रि के पर्व पर

मैं आपको, अपने शहर और अपने मोहल्ले के भव्य शिव मंदिर जो कैलाश मंदिर के नाम से जाना जाता है, से परिचित कराता हूं. जिस मोहल्ले में मेरा बचपन, जवानी और जीवन के पचास बर्ष गुजरे उस मोहल्ले में स्थित है शंकर का यह मंदिर कैलाश मंदिर. इस मंदिर के नाम से ही मेरे इस […]

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अनुराधा-वन

मेरी प्रिय सहेली अपने नाम की तरह अनुराधा एक सितारे की तरह चमकती हुई,मुस्कुराती हुई,अपने दर्द मुस्कुराहट में छिपाती हुई,आँखो में चमक लिए अल्हड़,प्यारी मेरी क़रीब 22 साल पुरानी दोस्त है!मेरे घर में उसे या तो अनुराधा-वन कहा जाता है या पुरानी अनुराधा!घंटो हम फ़ोन पर बातें कर लें पर हमारी बातें कभी ख़त्म नहीं […]