संस्मरण

मेरी कहानी – 3

देहरादून की पहली याद तो लिख चुका  हूँ लेकिन अपने गाँव राणी पुर का छोटा सा इतिहास भी लिखना चाहूंगा। जितने भी गाँव शहर या देश होते हैं उन को नाम देने का कोई कारण होता है  जो अक्सर सभी भूल जाते हैं और या हमें पता ही नहीं होता।  दिल्ली हमारे देश की राजधानी है लेकिन […]

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“बचपन “

“बचपन” को याद कर के अपना वर्तमान नही बिगाड़ना चाहती । बहुत ही मुश्किल भरा बचपन था मेरा। सात बच्चों को पालना पिताजी के लिए बड़ी मुसीबत भरा काम था। उस पर आय सीमित। पिताजी बेकरी में हेल्पर का काम करते थे। माँ आस-पास के घरो में खाना बनाती थी। फिर भी दो वक़्त की […]

संस्मरण

मेरी कहानी – 2

मेरी माँ अक्सर बहुत  बातें किया करती थी। वोह स्कूल तो गई नहीं थी लेकिन थोड़ी सी पंजाबी लिखना पढना जानती थी और मज़े की बात यह कि वोह कुछ कुछ हारमोनियम भी बजाना जानती थी. शायद यह उस ने मेरे पिता जी से सीखा होगा क्योंकि पिता जी गुरदुआरे में कीर्तन किया करते थे […]

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खट्टी-मीठी इमली

मैं जब छोटी थी मुझे इमली, बेर, जामुन खाने का बड़ा शौक था। लेकिन उन्हें खाते ही खांसी हो जाती।गले से ऐसी आवाज निकलती मानो कुत्ता भौंक रहा हो | मुझे खांसता देख पिताजी को बहुत दुःख होता मानो उनकी दुखती रग को किसी ने  दबा दिया हो। वे  साँस के मरीज थे। हमेशा उनके दिमाग में खौफ की खिचड़ी पकती रहती […]

संस्मरण

मेरी कहानी- 1

कभी कभी सोचता हूँ कि अपनी कहानी लिखूं लेकिन कैसे, कभी समझ ही नहीं पाया … यह पढ़कर आप बहुत हैरान होंगे कि मेरी सही जनम तिथि मुझे तो क्या मालूम होगी, मेरे घर वालों को भी पता नहीं, यहाँ तक कि मेरी माँ को भी नहीं. मेरा जनम राणी गाँव जो पंजाब के कपूरथला […]

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संस्मरण — “मैं ही हूँ भावना”

ट्रेन रवाना होने वाली थी। पतिदेव ने रिजर्व सीट को ढूंढा। बेटा साथ में था। बेटियों का बेस्ट ऑफ लक कहना साथ था। पतिदेव भी साथ आने की बहुत जिद ठाने थे मगर मैं ही उनको रोके रही। उनका बहुत जरूरी केस था जिसकी आखिरी जिरह करनी थी। यूं भी मैं उनको अधिक परेशान नहीं देख पाती…कितना […]

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माँ …….

  अवसर है पश्चिम बंगाल के प्रसिद उत्सव दुर्गा पूजा का। नवराते की सप्तमी तिथि से कोलकाता शहर में दुर्गा पूजा की चहल- पहल शुरू जाती है है। दो साल पहले सयोंग से दुर्गा पूजा देखने का अवसर मिला उसी का चित्रण आपके समक्ष प्रस्तुत कर रही हूँ। सप्तमी तिथि को शहर के व्यस्तम बड़ा […]

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संस्मरण : हरितालिका तीज की याद

बिहार में भादो के शुक्लपक्ष के तृतीया को हरितालिका तीज मनाते हैं …. इस दिन महिलाएं निर्जल रहकर व्रत करती है …. इस व्रत का पूजन रात्रि भर चलता है … इस दौरान महिलाएं जागरण करती हैं और कथा-पूजन के साथ कीर्तन करती हैं …. पूजन दूसरे दिन सुबह समाप्त होता है तब महिलाएं अपना […]

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संस्मरण : मोह क्षेत्रीयता का

Saturday, 17 December 2011…. बैंगलोर में “ 26th Indian Engineerning Congress “ में शामिल होने पुरे हिन्दुस्तान से Engineers और उनके परिवार , और T.C.S , Isro , malu group , Surya Construction , Consultancy Company etc के guset और Russia , Japan , Lanka , Nepal , korea etc. से delegate – guest आये […]