Category : कथा साहित्य


  • आशीर्वाद

    आशीर्वाद

    प्रायः हर थ्री व्हीलर या ई. रिक्शा पर ‘मां की आशीर्वाद’ अंकित होता देखा है, पर अक्सर आशीर्वाद की वर्तनी अशुद्ध  होती है. आज भी एक ई.रिक्शा पर आशीर्वाद की अशुद्ध वर्तनी देखकर हमें आशीर्वाद का...

  • संस्कार

    संस्कार

    जूही अपने ऑफिस में अपनी खूबसूरती के साथ साथ अपनी कार्यकुशलता एवं व्यवहार कुशलता के लिए जानी जाती है। उसके व्यक्तित्व की सौम्यता उसके परिधान से भी झलकती है। सुंदरता के साथ प्रतिभा का संयोग उसके...



  • सूरजमुखी फूल

    सूरजमुखी फूल

    अभी-अभी सुरेंद्र को बैंक में पदोन्नति की सूचना मिली थी. वह खुशी से फूला नहीं समा रहा था. उसी खुशी ने उसको स्मृतियों को ताजा कर दिया था. सुरेंद्र बैंक की विभागीय परीक्षा पास करके पदोन्नति...

  • साढ़े तीन मिनट

    साढ़े तीन मिनट

    बिलकुल ठीक हो जाने के बाद दीपक को अपने बीते दिनों की याद आ रही थी. भीषण ठंड के मौसम में दीपक को रात में अक्सर 2-3 बार लघुशंका के लिए उठना पड़ता था. बिस्तर से...

  • लघुकथा : साया

    लघुकथा : साया

    करवटें बदलते-बदलते आधी रात गुजर गई। लगता था जैसे निंद्रा रानी रूठ कर घर की देहलीज पर बैठ गई हो। उमस भरे मौसम में पसीने से लथपथ बदन को सुखाने के लिए, पंखा झलते-झलते हाथ दुःख...

  • लघुकथा – विरह-गंधा

    लघुकथा – विरह-गंधा

    कन्हैया जी अकेले बैठे हैं। घर मे सारी सुख-सुविधा है। दो बेटे, एक नई नवेली पुत्र बधू भी है। सभी नौकरीपेशा है, दिन कट जाता है जैसे-तैसे। थक-हार कर शाम भारी मन सी लगती है। कुछ...

  • पराई लड़की

    पराई लड़की

    कई महीनों से बेटे की कोई चिट्ठी नहीं आई, ना फोन आया। प्रत्येक महीने रघुनाथ को ₹१००० का माॅनी ऑर्डर आता था, वह भी कई महीनों से नहीं आया। रोज डाकघर का चक्कर लगाकर मायूस होकर...