Category : कथा साहित्य


  • रिश्तों की गर्माहट

    रिश्तों की गर्माहट

    आज सुगंधा की रिटायरमेंट की पंद्रहवीं सालगिरह है, लेकिन उस दिन की स्मृतियों और रिश्तों की गर्माहट को वह पिछले पंद्रह साल से एक पल को भी नहीं भुला पाई थी.   वह तब भी अकेली...

  • काव्य-रचनाओं का मेला

    काव्य-रचनाओं का मेला

    आज सदाबहार काव्यालय में काव्य-रचनाओं का मेला लगा हुआ था. सभी काव्य रचनाएं खूब सज-धजकर आई थीं. गुलाबी प्लाज़ो-सूट में सजी गज़ल ‘तभी कुछ आएगा मज़ा’ अपने रचयिता राजीव गुप्ता के गुण गाते नहीं थकती थी....

  • आभार की अपेक्षा

    आभार की अपेक्षा

    जिनकी वाणी से साक्षात् अमृत बरसता है जो सुधा के सागर हैं, विद्या का ज्वार जिनके अन्तस में समाया हुआ है। जिनके त्याग व तपस्या का कोई सानी नहीं है। ऐसे महान दुर्लभ सन्त ने एक...

  • दान की महिमा

    दान की महिमा

    एक तपस्वी सन्त हैं। जिनकी त्याग, तपस्या व चर्या को देखकर न केवल उनके शिष्य वरन उनके सम्पर्क में आने वाले लोग भी उनके गुणों की महिमा का बखान करते नहीं सकते। उनके प्रति श्रृद्वा व...

  • लघुकथा-धुंध

    लघुकथा-धुंध

    आज सुमन ने नव वर्ष के आगमन में खूब शानदार पार्टी रखने की सोची । आज वैभव भी आ रहा था मुम्बई से। बहुत खुश थी मानो सारे जहां की खुशी एक पल में ही मिलने...


  • प्रतिभा की जीत

    प्रतिभा की जीत

    पुराने कागज़ों को खंगालते हुए आज सुनीता के हाथ में अपने पी.जी.टी. के साक्षात्कार के परिणाम की वह सूची आ गई, जिस पर चालीस साल पहले की तारीख अंकित थी और इस परिणाम में वह पूरे...

  • लघु कथा – ‘शक़’

    लघु कथा – ‘शक़’

    ”आ गए गुलछर्रे उड़ा कर” दरवाज़ा खोलते ही रूचि ने व्यंग्य से रोहन को बोला”. ”ये क्या कह रही हो ?” ”ठीक ही तो कह रही हूँ। मिस्टर रोहन, बहुत हो चुका अब चुप चाप बता दो की...

  • कहानी- कर्म फल

    कहानी- कर्म फल

    एक सन्त का नगर में आगमन हुआ। प्रवचनों की श्रृंखला में उनके द्वारा दिए गए प्रवचनों से हजारों लोगों ने अपने जीवन को सार्थक किया। विद्यालयों में भी उनके द्वारा हजारों बच्चों को सम्बोधित किया गया।...