Category : कथा साहित्य

  • एक थप्पड़

    एक थप्पड़

    कालज की पढ़ाई ,जवानी की उम्र और माँ बाप के पैसे, रमेश को एक नई हसीन दुनीआं में रखते। सभी दोस्त जब भी बातें करते, उन की बातों का अंत लड़किओं की बातों पर आ कर...

  • एक सिक्का, दो पहलू

    एक सिक्का, दो पहलू

    अप्रैल माह रविवार की एक भीगी भीगी सी सुबह थी. खिड़की से बाहर झांकती सुमन बोली ‘रमेश, बाहर देखो कितना सुहावना मौसम है. रात भर ओले और तेज बारिस के बाद बाहर कितना अच्छा मौसम हो...




  • प्रेम का कर्ज़

    प्रेम का कर्ज़

    सुशीला बैंक में नौकरी करती है, उसके पति भी अच्छी नौकरी में हैं । दोनों ने बड़ी मेहनत और मुश्किलों से घर गृहस्थी को संभाला और बढ़ाया। परिवार से लेकर नौकरी तक तमाम संघर्ष किये मगर...

  • लघुकथा : मैं चोर नहीं

    लघुकथा : मैं चोर नहीं

    माँ की असमय मौत ने गुलाल से उसका सुरक्षित गढ़ छीन लिया। अब वह पाँच वर्ष का नन्हा सहमा –सहमा रहने लगा । लोगों ने सलाह दी -दूसरी शादी कर लो बच्चा माँ पाकर खिल उठेगा...



  • बहू बनाम बेटी

    बहू बनाम बेटी

    अचानक सहेली प्रभा की मौत की खबर सुन कमला तो जैसे अंदर तक हिल गयी | प्रभा की बहू का फोन आया और वो जाने की तैयारी में लग गयी | ट्रेन में बैठी- बैठी कमला...