Category : कथा साहित्य



  • खाली मुटठी

    खाली मुटठी

    आज वो बहुत उदास थी , कुछ भी नहीं सूझ रहा था उसे……। क्या अब तक उस ने जो भोगा  वो सब वो भूल जाये?….इतना आसान होता है क्या सब कुछ भूल जाना?? अपने दुःख से ज्यादा...





  • उपन्यास : शान्ति दूत (छठी कड़ी)

    द्रोपदी के स्वयंवर में धनुर्वेद की कठिन प्रतियोगिता में ब्राह्मण वेशधारी अर्जुन के विजयी होने के बाद की घटनायें कृष्ण की आंखों के सामने स्वप्न की तरह घूम गयीं। एक अनजान ब्राह्मण युवक को प्रतियोगिता में सफल होते...

  • ++पिता लाडली  ++

    ++पिता लाडली ++

    शिखा अपने पड़ोसन अमिता और बच्चो के साथ पार्क में घुमने गयी. चारो बच्चे दौड़ भाग करने में मशगुल हो गये. शिखा भी अमिता के साथ गपशप करने लगी. गाशिप करते हुए समय का पता ही...