Category : कथा साहित्य

  • स्मृति के पंख – 16

    वारस खान पार्टी का एक भरोसे मंद लड़का था। उसका बड़ा भाई नम्बरदार था और नवाब टोरू का कारिन्दा था। उससे छोटा भाई नवाज खान सी0आई0डी0 का इंस्पेक्टर था। वारस खान सबसे छोटा था और मुल्क...

  • इंसानियत

    इंसानियत

    अरे सुनीता तुम इतनी जल्दी कैसे आ गई? अभी परसो ही तो गांव का बोलकर गई थी कि दस दिन नही आऊंगी माता रानी को चुंदङी चढानी है ब्राह्मण भोज करवाना है।फिर आज कैसे आ गई?...







  • चीनी : कितनी मीठी ?

    चीनी : कितनी मीठी ?

    लोग समझा रहे थे कि बेटा, चीनी सीख लो, किस्मत चमक जाएगी । चीन जाने का टिकट पक्का क्योंकि अपने देश मे चीनी जानने वाले बहुत कम हैं। पहली बार कनफ्यूज़न पैदा हूआ कि चीनी खायी...

  • लघुकथा : पछतावा

    लघुकथा : पछतावा

    “बाबा आप अकेले यहाँ क्यों बैठे हैं, चलिए आपको आपके घर छोड़ दूँ | ” बुजुर्ग बोले: “बेटा जुग जुग जियो तुम्हारे माँ -बाप का समय बड़ा अच्छा जायेगा | और तुम्हारा समय तो बड़ा सुखमय होगा...