Category : कथा साहित्य

  • लघुकथा- “कामवाली”

    लघुकथा- “कामवाली”

    सुबह-सुबह मम्मी-पापा  में  फिर झगडा शुरू हो गया था। मम्मी रसोईघर में बरतनों की जोर जोर से उठापटक के साथ-साथ बडबडाए भी जा रही थी, ”सुबह-सुबह उठो, बच्चों को उठाओ, स्कूल के लिए तैयार करो, नाश्ता...

  • उपन्यास : देवल देवी (कड़ी १३)

    10. मिलन और बिछोह कोई आधी रात के समय सेनापति अपने शयन कक्ष में आया। पत्नी चंद्रावलि उसकी प्रतीक्षा कर रही थी। चंद्रावलि देवगिरी के एक राजअधिकारी की पुत्री थी जो अपनी सखियों से इंद्रसेन की वीरता की...

  • सबक

    सबक

    नीरा के दिन की शुरुआत ही रजत के मैसेज से होती थी | ढेरों मैसेज और मिस्ड काल नीरा के मोबाइल मे आये हुए रहते थे | पर आज नीरा ने उठने के साथ मोबाइल चेक...

  • दो पीढ़ियों का अंतर

    दो पीढ़ियों का अंतर

    रात को पढते-पढते कब आँख लग गयी पता ही नहीं चला, लेकिन नींद में भी वही कशमकश चलती रही, कि कैसे समझाऊँ मोनू को कि कई बच्चों के साथ ऐसी परिस्थिति आती है और उससे डरकर...


  • कहानी – सेतु

    कहानी – सेतु

    मनीष मिश्रा मणि कहानी – सेतु उम्र के उस मोड़ पर पहुँच गए थे बाऊजी की अब कुछ तमन्नाए बाकी नहीं रही.. जीवन में बिताये सुख दुःख के पलो का हिसाब लगाया तो ज़िन्दगी में जो...

  • उपन्यास : देवल देवी (कड़ी १२)

    बालक तलवार लेने के लिए आगे बढ़ता है तभी कक्ष के द्वार पर आहट सुनकर दोनों द्वार की तरफ देखते हैं। वहाँ राजकुमारी देवलदेवी खड़ी है। हाथ में स्वर्ण थाली है, जिसमें द्वीप प्रज्ज्वलित हैं। अक्षत और वंदन...


  • रामी

    रामी

    रामी, मेरी बरसों पुरानी काम वाली बाई थी | वो रोज काम ख़तम कर के थोड़ी देर मेरे पास बैठती और अपने मन की बाते मुझसे करती थी| इसी दौरान चाय का दौर भी चलता था...