Category : लघुकथा

  • अमूल्य वस्तु

    अमूल्य वस्तु

    राजप्रासाद बहुत ही लालची आदमी था, हर चीज पर उसकी नजर चील की तरह रहती थी !  राजप्रासाद के बड़े बेटे राहुल की शादी पूजा से हुई थी , पूजा  बहुत ही संस्कारी लड़की थी ,...

  • `लाइफ पार्टनर’ -लघुकथा

    `लाइफ पार्टनर’ -लघुकथा

    अमेरिका में बिटिया ने दो विदेशी महिलाओं को डिनर पर बुलाया था जिसमें एक महिला उसकी `ट्रेनिंग टीचर ‘ थी | रायना चुस्त -दुरस्त ,लम्बी छरहरे बदन की थी और लिसा बहुत अधिक गोरी ,नाक -नक्श...


  • भाषण

    भाषण

    विधुर हरिया बच्चों का बिलखना बरदाश्त नहीं कर पाया और हाथ में घड़े लेकर चिलचिलाती धूप में पानी की तलाश में निकल पड़ा । पानी के अभाव में आज उसका चुल्हा ठंडा ही रह गया था...

  • आत्मिक सुख

    आत्मिक सुख

    विभूति बाबू के रिटायरमेंट को करीब छह महीने बीत गए थे। उनके कमरे में चारों तरफ साहित्यिक किताबें रखी थीं। वह कागज़ कलम लेकर कुछ लिख रहे थे। तभी उनके चचेरे भाई उनसे मिलने आए। “अभी...

  • स्वागत

    स्वागत

    जीत के ढोल नगाड़े बजाते हुए वह लोग दरवाज़े पर आ गए। “बेदाग छुड़ा लाया तुम्हारे बेटे को। स्वागत करो इसका।” दरवाज़े पर थाली लिए खड़ी रुक्मणी ने अपने पति की आज्ञा का पालन करते हुए...

  • जीवन और श्वास

    जीवन और श्वास

    आलाप और रागिनी छोटे से शहर के बड़े गायक थे। दोनों की म्यूज़िकल नाइट्स शहर में धमाल मचा रही थीं। दोनों का रिश्ता ऐसा था जैसे कि जीवन का श्वास से। अपना शहर जीत लेने के...

  • सीख

    सीख

    रजत बड़ी उम्मीद के साथ अपने न्यूज़ चैनल के एडिटर के सामने खड़ा था। “सर उस दिन निर्माणाधीन पुल के गिरने से हुए हादसे को मैंने पर्त दर पर्त उधेड़ दिया है। आज शाम प्राइम टाइम...

  • लघुकथा – लेखन

    लघुकथा – लेखन

    “ये क्या लिखा है तुमने? न सिर है, न पैर। वाह-वाही लूटने के लिए अश्लील शब्दों की भरमार… पता नहीं ये नवागंतुक अपने आपको क्या समझते हैं । छोड़ जाओ इसे यहीं। अभी दूसरों को पढ़ो,...

  • सेवानिवृत के बढ़ते दो साल

    सेवानिवृत के बढ़ते दो साल

    बाबूजी को सेवानिवृति के दिन नजदीक आते वैसे वे तीर्थ ,सामाजिक दायित्व आदि कार्य निभाने हेतु सेवानिवृति पश्च्यात किये जाने वाले कार्य की बातें सब को बताते और अपने कार्यकाल की बातों और ,अनुभव को बकायदा...