Category : लघुकथा

  • प्रबंधन

    प्रबंधन

    वाराणसी के एक चाय विक्रेता ने मोदी की दूसरी जीत पर सारे दिन लोगों में फ्री चाय बांटी. इसके लिए कन्‍हैया नाम के चाय विक्रेता ने करीब 500 लीटर दूध का इंतजाम किया था. निश्चय ही...

  • लघुकथा -अंधभक्ति

    लघुकथा -अंधभक्ति

    “बाबा, मेरे पति कुछ साल पहले मेरी किसी बात से नाराज़ होकर कहीं चले गये| आप उनके बारे में बता कर मेरी कुछ मदद कर दीजिये| मैं आपका ये अहसान जीवन भर नहीं भूलूंगी|” सरिता हाथ...

  • चौकीदार

    चौकीदार

    बात लगभग 45 साल पुरानी है. मैं बिटिया-बेटे को स्कूल से वापिस ला रही थी. मैंने बिटिया से पूछा- ”आज पेपर में कौन-सा प्रश्न आया?” ”पहला प्रश्न था- चौकीदार किसे कहते हैं?” बिटिया ने कहा. ”जो...

  • पुनः आदेश बिंदु

    पुनः आदेश बिंदु

    नई-नवेली दुल्हिन शालू का ससुराल में पहला ही दिन था. कल ही तो दिन में रिंग सेरिमनी और फेरे हुए थे और रात में रिसेप्शन. उसके बाद विदाई और ससुराल में अनेक रीति-रिवाजों का निभाव. यह...

  • ज़िद्दी परिंदा इंसान

    ज़िद्दी परिंदा इंसान

      “उम्मीदों से बँधा एक ज़िद्दी परिंदा है इंसान, जो घायल भी उम्मीदों से है और ज़िंदा भी उम्मीदों पर है।” कैंसर अपने आख़िरी पड़ाव पर पहुँच गया था परंतु रामशरण जी अभी भी इसी उम्मीद...

  • अनोखा अंदाज

    अनोखा अंदाज

    हर व्यक्ति के जीवन में अनेक बार ऐसा समय आता है, जिसे पूर्णतः आराम करने की अवधि यानी मध्यावधि मानी जाती है. छात्रों के जीवन में ऐसी अवधि तब आती है, जब वह पुरानी कक्षा की...

  • सुहानी वेला

    सुहानी वेला

    बुद्ध पूर्णिमा की सुहानी वेला थी. इसी दिन एक विचित्र संयोग भी हुआ था, जो शायद किसी की जिंदगी में नहीं हुआ हो. बुद्ध पूर्णिमा के दिन ही गौतम बुद्ध का जन्म हुआ था, इसी दिन...

  • सावधान रहिए

    सावधान रहिए

    अर्पिता और अमित के जीवन में सब कुछ बड़ा ही खुशहाल चल रहा था। शादी के 20 वर्ष बाद अपने काम से अमित बहुत खुश था और अपनी बिटिया अंकिता के लिए एक सुंदर भविष्य की...

  • आधुनिक भीष्म

    आधुनिक भीष्म

    आज न जाने क्यों पौराणिक देवव्रत की कथा याद आ गई! ये देवव्रत ही तो दृढ़ प्रतिज्ञा से देवव्रत भीष्म बने थे. एक देवव्रत और भी थे, जिनसे मेरी मुलाकात आज से लगभग पैंसठ साल पहले...