Category : लघुकथा

  • सबक

    सबक

    “बाबूजी… आपके बहू का कहना है कि हम अलग रहना चाहते हैं ..।” राघव अपने पिता गोविंद जी से कहा । “अच्छी बात है, कब अलग हो रहे हो…?” गोविंद जी अखबार पर नजर गड़ाए ही...

  • लघुकथा – बड़प्पन

    लघुकथा – बड़प्पन

    नगर के सिध्द स्थल हनुमान मंदिर में लक्ष्मण प्रसाद पहुंचे और प्रार्थना करने लगे -” हे भगवान कल का केस मैं ही जीतूं, इतनी दया ज़रूर करना। नहीं तो मैं कहीं का नहीं रहूंगा। मेरी सारी...

  • अस्तित्व

    अस्तित्व

    अस्तित्व ” माँ, तुमने तो कहा था मेरी विदाई पर कि मेरे मायके में मेरे अस्तित्व को हमेशा बनाये रखोगी पर आज मात्र कुछ साल में ही ………” ” बेटा मेरा ही अस्तित्व नहीं रहा अब...

  • प्रयास

    प्रयास

    अभी-अभी पतिदेव की बाइ पास सर्जरी खत्म हुई थी. डॉक्टर ने भले ही ऑपरेशन सक्सेसफुल होने और पेशेंट को का खतरे से बाहर होना बताया था, घंटों अस्पताल की लॉबी में महज सब कुछ अच्छा होने...

  • कल और आज

    कल और आज

    कल आषाढी पूर्णिमा है !! निम्मी ! दही बरे और करायल (उरद पकौड़ी की सब्जी )जरूर बना लेना परसों से सावन लग जाएगा | खुद भी हरी चूड़ियाँ पहन लेना और मेरे लिये भी ले आना...

  • पीढ़ियों की मार.

    पीढ़ियों की मार.

    आज रसोई घर में बड़ी उठा पटक हो रही थी। नन्हा राहुल अपने खिलौने से खेलना छोड़ कर रसोई घर में आ गया और पूछा; “कमला ताई आप आज मेरे लिए डोसा भी नहीं बनायी दोपहर...

  • कोई नहीं है गैर बाबा!

    कोई नहीं है गैर बाबा!

    कार्तिक पूर्णिमा का पावन दिन था. चारों ओर गुरु पर्व मनाये जाने की धूम थी. दिनेश जी अपनी बहिन की शादी का भात देकर वापिस आ रहे थे. दो गाड़ियों को रवाना करके दिनेश जी तीसरी...

  • ताना बाना

    ताना बाना

    एकता हेलो। उद्योग कुटीर पर प्रशिक्षण के पश्चात् बुनाई केंद्र पर आत्मनिर्भर बन कर अपनी नन्ही बिटिया शिल्पी का लालन पोषण करने का एक सकारात्मक प्रयास कर रही हूँ। ईश्वर के निर्णय से नन्ही बेटी के...

  • समाधान

    समाधान

    बड़ा बेटा तनिक हिचकते हुए प्लेट से कटलेट का आखिरी पीस ले रहा था. मां ने कहा- ”भाई से पूछ ले, वह सिर्फ कटलेट ही खा रहा है, रोटी-चावल नहीं.” बेटे ने मान लिया. वह छोटे...

  • कन्याभोज

    कन्याभोज

    कन्याभोज क्या रन्नो रानी! कैसा चल रहा है? आइये, आइये रूप बाबू! बड़े दिनों बाद इस गरीबखाने में? हाँ काम-काज में कुछ ज्यादा व्यस्त हो गये थे। तो कहिए! आज किसको भेजूँ आपकी सेवा में? किसी...