Category : लघुकथा

  • संवेदनशून्यता

    संवेदनशून्यता

    लगभग दो महीने से मणिका ब्राउन और ग्रीन प्यालों में चाय बना रही है. दोनों प्यालों में वह बराबर दूध डालती, चीनी डालती और 1-1 टी बैग डालती. दोनों प्यालों को एक साथ 1 मिनट के...

  • करिश्माई कैच

    करिश्माई कैच

    क्रिकेट मैच की शौकीन नीलिमा टी.वी. देख रही थी. दुबई में एशिया कप-2018 के एक मुकाबले में भारत और पाकिस्तान क्रिकेट मैच चल रहा था. मनीष पांडे ने पाकिस्तानी कप्तान का करिश्माई कैच लपका और इस...

  • भीड़ से अलग

    भीड़ से अलग

      पापा का फोन आया देख मयंक समझ गया कि आज भी वही बातें सुनने को मिलेंगी। उसे मुंबई में संघर्ष करते पाँच साल हो गए थे। नौकरी के अच्छे अवसर को छोड़ कर वह यहाँ...

  • पल्लू

    पल्लू

    आज एक खबर पढ़ी- ”मुंबई के कांजुर मार्ग रेलवे स्टेशन पर जैसे ही यह महिला ट्रेन से नीचे उतरी, उसकी साड़ी का पल्लू ट्रेन के दरवाजे में फंस गया और वह प्लेटफॉर्म और ट्रेन के गैप...



  • ट्रैफ़िक

    ट्रैफ़िक

    “अरे देखकर नही चलता !अन्धा है क्या ?” क्या कहाँ तूने?”अरे अन्धा होगा तेरा बाप ! “चल गाड़ी से निकल ! अभी देखता हूँ तुझे सा..! गाली किसे देता है! सड़क के बीच में कार ,मोटर...


  • देश की स्वच्छता

    देश की स्वच्छता

    स्कूल के प्रधानाचार्य जी से मिलने स्कूल गया था । गेट के पास बेंच पर एक चपरासी बैठा था । उसे नमस्ते की और पूछा भाई साहब प्रिंसिपल महोदय आ गए क्या ?  इतनी आत्मीयता से...

  • परमार्थ की बीन

    परमार्थ की बीन

    आज सुबह-सुबह सुरभि का मैसेज आया- ”आंटी जी, आज सड़क पर पानी गरम करने वाली रॉड बेचने वाले बुजुर्ग अंकल के मोतियाबिंद का ऑपरेशन हो गया, आपको यह जानकर अत्यंत हर्ष होगा कि ऑपरेशन सफल रहा.”...