Category : लघुकथा

  • #और_वो_चला_गया…..

    #और_वो_चला_गया…..

    #और_वो_चला_गया….. यार रौनक! कितना बत्तमीज है विमल, गुंडों की तरह कॉलेज में घूमता रहता है। न पढ़ता है और न किसी को पढ़ने देता है। क्या करोगी सुचि? वो अमीर बाप की औलाद है। एक भाई...

  • श्राद्ध

    श्राद्ध

    छोटे तू तो बड़ा ही खुश दिखाई दे रहा है और तेरे चेहरे पर पूर्ण संतुष्टि और तृप्ति का भाव दिखाई दे रहा है। हाँ दादा,आप सही कह रहे हैं।अभी श्राद्धपक्ष में जब हमें अपनी संतानों...

  • परख

    परख

    सुनयना ने अपनी खास सहेली सुलेखा से पूछा कि-“इस बार तो यह तय माना जा रहा था कि तुम्हारा रिश्ता पक्का हो ही जाएगा।दोनों परिवार एक दूसरे से मिल भी चुके थे और तुम्हारी उस लड़के...

  • पहनावा

    पहनावा

    वह अपने भाई की शादी में मुम्बई से आई थी ।मायका कस्बे में था तो कम ही आना होता था।पिछड़ा हुआ इलाका था तो अब यहाँ के लोग भी पिछड़े हुए लगने लगे थे।वर्षों बाद आना...

  • असमंजस

    असमंजस

    आज करूणा को वह समय याद आ रहा था जब विनय किसी भी धंधे में हाथ डालता था तो मिट्टी भी सोना हो जाती थी।घर में काली-सफेद दौलत का ढेर लग गया था।रोज रात को बहकते...

  • ग्रेटा की ग्रेटनेस

    ग्रेटा की ग्रेटनेस

    जब भी मैं बाजार जाती हूं, दुकान पर कोई-न-कोई आदमी थैली देने के लिए गिड़गिड़ा रहा होता है. न तो लोग घर से कोई थैली लाते हैं, न 5-10 रुपए खर्च करके थैली खरीदना चाहते हैं....

  • लघुकथा- सार्थक श्राद्ध

    लघुकथा- सार्थक श्राद्ध

    मोहनी के घर श्राद्ध पक्ष की तैयारियां चल रही थी। जेठ -जेठानी, देवर -देवरानी सभी अम्मा -बाबूजी की पसंद नापसन्द बता रहे थे। जेठ जी कह रहे थे-“देखो, अम्मा को मिर्च के पकौड़े बहुत पसंद थे।...

  • एक वृक्ष की क़ीमत

    एक वृक्ष की क़ीमत

    कक्षा में अध्यापक जी बच्चों को वृक्ष की उपयोगिता के बारे में बता रहे थे…. “बच्चों क्या तुम्हें पता है? अगर एक पेड़ पचास साल जीता है तो वह हमें क्या देकर जाता है?” “नहीं सर”...


  • पासवर्ड “पता नही”

    पासवर्ड “पता नही”

    #पासवर्ड “सौरभ! तुम आज आफिस नही आये।” “हाँ सर, बताया तो था कुछ काम है।” “अच्छा याद आया। काम निपटाकर आ जाना थोड़ी देर के लिए।” “जी सर।” “सौरभ! ये बताओ तुम्हारे कम्प्यूटर का पासवर्ड का...