Category : लघुकथा

  • ममत्व

    ममत्व

    ममता की भावना-संवेदना की महत्ता के बारे मे तो हम बचपन से बहुत कुछ सुनते-देखते आए हैं, लेकिन ममत्व इतना शक्तिशाली भी हो सकता है, यह पहली बार जानने को मिला. ब्रेन इंजरी के बाद जब...

  • लघुकथा – शगुन

    लघुकथा – शगुन

    त्यौहार पर रंग बिरंगी लाइट सीरीज से सजावट कर शानदार पार्टी चल रही थी, पर अचानक पावर कट से घर में अंधेरा हो गया। रंग में भंग से सब दुःखी थे, बालकनी के कोने में चारपाई...

  • लघुकथा – केरियर

    लघुकथा – केरियर

    मनीषा केरियर हेतु नौकरी करना चाह रही थी। कमल भी सहमत था। कमल की इच्छा थी कि बच्चों को दादाजी सम्भाल लेंगे, किन्तु मनीषा का दो टूक आदेश था, ‘‘तुम्हारे पूज्य पिताश्री लाड में बच्चों को...


  • आकाश से ऊपर

    आकाश से ऊपर

    नीलिमा अपने घर में बैठी सोच में डूबी हुई जैसे सारा क़िस्सा अभी हाल में ही हुआ हो।पीछे की ज़िन्दगी में जाती है ….. घर में काम करने वाली शांता बाई नें एक दिन अपनी बेटी...

  • उड़ान बाक़ी है

    उड़ान बाक़ी है

    सरिता पचास साल पूरे कर चुकी थी आज उसका जन्मदिन था । बालकनी में बैठी अपने जीवन का ऑकलन कर रही थी !! क्या पाया-क्या खोया? अब आगे क्या -क्या करना है ? कितनी जल्दी दिन...


  • रोशनी का दान

    रोशनी का दान

    हमारे बड़े कह गए हैं- दानों में दान रोशनी का दान. इस बात को महाराष्ट्र के इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रिब्यूशन कॉर्पोरेशन लिमिडेट (एमएसईडीसीएल) के कर्मचारियों ने समझा और रोशनी का दान करके बहुत ही सराहनीय कार्य किया है....

  • लघुकथा – दूसरी पोती

    लघुकथा – दूसरी पोती

    राम प्रसाद उदास थे, दूसरी बार भी लड़की ही हो गई बहूरानी को। पर बहूरानी तो फिर भी पार्टी दे रही हैं, कल रात को फोन भी किया था, ‘‘बाबूजी, आना ही होगा आपको, मैं क्षमा...

  • लघुकथा – निर्णय

    लघुकथा – निर्णय

    रोहित बाॅस के बेटे के जन्मदिन पर उपहार देने हेतु कोई मंहगी गिफ्ट खरीदने जा रहा था, अचानक घर में काम करने वाली बाई कमला का फोन मोबाइल पर आया, ‘‘सर, मेरे बच्चे का एक्सीडेंट हो...