Category : लघुकथा

  • हौसले की शमा

    हौसले की शमा

    ”हौसला है तो हम हैं, हौसले की शमा जलाए रखिए, ये वो रोशनी है, जिसे तेल-बाती की दरकार नहीं.” हौसले की यही शमा कृष्णा नगर, दिल्ली के एक 70 वर्षीय बुजुर्ग और उनकी पत्नी ने जलाए...

  • कद्रदान

    कद्रदान

    तीन बहनों में मंझली नवीना का नैन नक्श अति साधारण है परंतु गुणों का भंडार। पढ़ने में सबसे होशियार। सभी कामों में निपुण, चाहे घर में खाना बनाना हो या बाजार से जाकर राशन पानी, सब्जियां...

  • होली।

    होली।

    सपना ने आँखें मलते हुए बाहर देखा बच्चे गली में होली खेल रहे थे, इतनी सुबह….मन मे बुदबुदाई। मन तो था, पर दादी के डर से नहीं जा रही थी। पर थोड़ी देर बाद सब्र का...

  • सात दाने

    सात दाने

    सहाना के पोते को स्कूल के लिए साइंस का कोई एक्सपेरिमेंट करके विश्लेषण करके ले जाना था. वह दादी से पूछकर एक छोटे डिब्बे में चावल ले गया था. बाद में जब दादी ने देखा तो...

  • ज़िद्दी बीज

    ज़िद्दी बीज

    दीप्ती ने अपनी दादी के मेकअप को अंतिम टच देकर कहा। “वॉओ…दादी…यू आर गोइंग टू रॉक इट..” सपना ने भी खुद को आईने में देखा तो सोलह साल की वह सपना दिखी जिसका स्टेज पर जाने...

  • स्वाभिमानी

    स्वाभिमानी

    दरवाजे पर प्रीतम सेठ को देख कर रुकमणी की भौंहें चढ़ गई। सेठ और हमारे दरवाजे पर कहीं सूरज आज पश्चिम से तो नहीं निकला? ये तो कभी लोगों के दरवाजे पर जाता नहीं। लोग इन...

  • संयुक्त परिवार

    संयुक्त परिवार

    जरा सोचो मेघना अपनी नाजो से पली चिरैया जिसे हमने सब सुख सुविधाओं के साथ पाला ,और अभी आगे भी तो पढना चाहति है । इतने बढे संयुक्त परिवार मे रह पाएगी ।वो भी बड़ी बहू...

  • घोंसला

    घोंसला

    सुबह सैर करती हुई स्नेहा की मुलाकात सैर करते हुए एक ऑस्ट्रेलियन दम्पत्ति से हुई. वहां के रिवाज के अनुसार दोनों ने ‘गुड मॉर्निंग’ से स्नेहा का अभिवादन किया. स्नेहा ने भी मुस्कुराकर अभिवादन स्वीकार किया...

  • धर्मधारा (लघुकथा )

    धर्मधारा (लघुकथा )

    धर्मधारा टन -टन -टन बाइस्कोप वाला आया तमाशा देखो आओ बच्चो कठपुतली का खेल देखो की आवाज सुनते ही मोहल्ले के बच्चे इकट्ठा हो जाते |धर्मेश और धारा बच्चों को खेल तमाशा दिखा कर मनोरंजन करते...