Category : लघुकथा

  • आत्महत्या

    आत्महत्या

    सुबह-सुबह सैर करते हुए शिवानी को देख एक कौवे ने कांव-कांव करनी शुरु कर दी. ”क्यों मेरी कांव-कांव कड़वी लगी?” शिवानी को गुस्से से रुकते देख कौवे ने कहा, ”वैसे भी सच बात तो कड़वी ही...

  • तेवर

    तेवर

    “दूधवाले भैयाजी, क्या आप हमारे यहाँ भी प्रतिदिन एक लीटर दूध दे सकते हैं ?” पड़ोसी के घर में प्रतिदिन दूध देने वाले से हमने पूछा। “दे सकता हूँ साहब, पर आज से नहीं, कल से।” दूधवाले ने कहा। “ठीक है, तो...

  • रक्तदान

    रक्तदान

    “सर, प्रमोद जी आए हैं रक्तदान करने।” कंपाउंडर ने कहा। “कौन प्रमोद जी ?” डॉक्टर साहब ने पूछा। “सर, ये हर साल यहाँ दो बार रक्तदान करने आते हैं।” कंपाउंडर ने बताया। “ठीक है। भेजो उन्हें।” डॉक्टर ने कहा। “नमस्ते...

  • रेस का घोड़ा

    रेस का घोड़ा

    “हेलो सर!” “हलो जी …..।” “क्या मेरी बात डॉ. शर्मा जी से हो रही है।” “हाँ जी, बोल रहा हूँ। पर आप कौन…..” “काँग्राचुलेशन्स सर। मैं साहित्यिक वेबसाइट ‘ढिंचाक’ से मिस सुधा बोल रही हूँ। सर, आप इस हफ्ते ‘आथर ऑफ...

  • संवेदना

    संवेदना

    बात उन दिनों की है जब मैं एक प्राइवेट स्कूल में पदस्थ थी।हमारे स्कूल की नियमावली में एक नया बिंदु जोड़ा गया कि छात्र छात्राएं आपस में टिफिन शेयर (सांझा) न करें।लागू होने वाले इस नियम...

  • जिन्न

    जिन्न

    वह बहुत चिंतित हो गई थी जब जानकार ने कहा था कि तुम्हारे बेटे पर तो जिन्न का साया है और ये जिन्न इसे छोड़ेगा नहीं,लेकर ही जाएगा।बहुत अतृप्त आत्मा है।इतनी आसानी से इससे पीछा छुड़ा...

  • स्वतंत्र निर्णय

    स्वतंत्र निर्णय

    “दीदी, क्या तुम दो दिन का समय नहीं निकाल सकती थी।मुझे जब भी कोई काम पड़ा,तुमने हमेशा ही बहाने बनाए।हमेशा कुछ न कुछ मजबूरी बताकर टाल दिया।अनु की शादी में भी तुम पूरी रात नहीं रूकी...

  • विडम्बना

    विडम्बना

    विडम्बना ********* आँगन में खेलते बच्चों को श्यामा आवाज लगाती है ! चलो आओ खेलना बंद करो बच्चो !! देखो मैने भोजन में कुछ खास बनाया है | तीनो बच्चे माँ की आवाज सन खुशी खुशी...

  • नादान

    नादान

    ”जुर्म-ए-उल्फ़त पे हमें लोग सज़ा देते हैं कैसे नादान हैं शोलों को हवा देते हैं.” ”शोलों को हवा देने तक की नादानी तो ठीक है, पर हम तो हवा को शोले दिखाने लग पड़े हैं.” आलोक...

  • माँ

    माँ

      रजनी अपने तीन साल के बेटे के साथ बस से ससुराल से मायके के लिए सफर कर रही थी।उसके पिता रजनी को ससुराल से अपने घर ले जा रहे थे।जैसे के आमतौर पर बेटियां अपने...