Category : लघुकथा


  • लघुकथा – विकलांग सोच

    लघुकथा – विकलांग सोच

    अपनी हार्डवेयर की  दुकान पर मिस्टर गोयल बहुत दिनों के बाद आये थे। वे कई महीनों से बीमार चल रहे थे। बेटा ही दुकान संभाल रहा था। आज दुकान का मुआयना वे बड़े ही सूक्ष्मता से...

  • करनी का फल

    करनी का फल

    “माँ आपने छोटू भैया को अपने घर के अंदर क्यों नहीं आने दिया ?भैया आधी रात में कहाँ जायेंगें ।माँ आप कहती थी कजिन मत कहो , फिर अचानक आपने भैया को पराया क्यों कर दिया...


  • मार्गदर्शन

    मार्गदर्शन

    चार मित्र उच्च शिक्षा प्राप्त कर अपने गांव लौटे थे. कैम्पस से नौकरी मिलने का अवसर उन्होंने देश-सेवा के लक्ष्य के कारण छोड़ दिया था. गांव में आकर वहां के माहौल को देखकर उन्हें समझ ही...



  • चीन चाय और चालाकी

    चीन चाय और चालाकी

    आलोक की आदत है समाचार पत्र पढ़ते हुए सुबह की पहली चाय पीना। समाचार पत्र गिरने की खनक सुन, दरवाज़ा खोलकर उसे उठाया। गरमा गरम चाय की चुस्कियों के साथ पेपर में देश – विदेश की...

  • दरवेश

    दरवेश

    सोशल मीडिया भले ही कितनी भी लाभदायक क्यों न हो, पर मेरठ के एक युवक तालिब को यह बहुत महंगा पड़ा. यूपी के मेरठ के एक युवक के बारे में सोशल मीडिया पर मेसेज वायरल हो...

  • सर्पदंश

    सर्पदंश

    ”ये मुझे क्या होता जा रहा है? छः साल हो गए, अन्न का एक दाना तक नहीं चखा, पाइप से ही लिक्विड डाइट ले रही हूं, काम पर भी आ रही हूं, फिर भी दिन-ब-दिन मोटी होती...