Category : लघुकथा

  • लघुकथा – लौटते कदम

    लघुकथा – लौटते कदम

    कल कोर्ट में आखिरी फैसला होने वाला था । ऑफिस से थोड़ा पहले निकल कर अमृता वकील से मिलने चली गई। हे भगवान जिसका शक था वही हुआ ! सामने एडवोकेट मि.भूषण के दरवाजे से रवि...

  • लघुकथा : लक्ष्मणरेखा

    लघुकथा : लक्ष्मणरेखा

    लक्ष्मणरेखा “हद होती है बेशर्मी की ! कम से कम बच्चों की तो शर्म की होती !” विछिप्त सा सोहम चिल्लाया ! “कहाँ कमी रह गई मुझसे? कौन सा ऐसा सुख था जो मैंने तुम्हें नहीं...


  • तौबा

    तौबा

    ”नशा शराब में होता तो नाचती बोतल……..!” शराबी फिल्म का यह गीत रेडियो पर बज रहा था, लेकिन वीना गोयल को लग रहा था कि तीस साल पहले भी वह ही नाच रही थी और आज...

  • पॉलीथिन

    पॉलीथिन

    स्निग्धा ने सुबह-सुबह जैसे ही इलैक्ट्रिक कैटल ऑन की, तुरंत बंद हो गई. स्निग्धा हैरान थी. दुबारा भी ऐसा ही हुआ. ”रात तक तो ठीक चल रही थी, अब क्या हुआ!” मन में कहते-कहते स्निग्धा ने...


  • पहचान

    पहचान

    17 साल से स्पीच थैरिपी क्लिनिक का संचालन कर रही सोनिया बहुत समय बाद रेडियो पर बजने वाले एक गीत को सुनकर अपनी स्मृतियों की देहरी पर विचरने लगी थी. तब वह 7-8 साल की रही...

  • लक्ष्मी

    लक्ष्मी

    लक्ष्मी पूजन के बाद हाथ जोड़कर जब वो लक्ष्मी जी से हमेशा के लिये इसी घर में रहने का आग्रह कर रही थी तभी उसकी गुड़िया भी आँखे बन्द कर कुछ बुदबुदा रही थी। मुस्कुराते हुऐ...

  • लघुकथा – शुभस्य शीघ्रम्

    लघुकथा – शुभस्य शीघ्रम्

    “क्या सोच रही हो; मनुज के घर वालों से मिला जाये या नहीं ? सच में ! हमें शर्म आती है कि हमारी ही संतान विद्रोही बन कर हमें कड़वे घूँट पीने को पिछले चार सालों...