Category : कहानी

  • बदलते रिश्ते

    बदलते रिश्ते

    रोज वही रोना-धोना, वही शिकायत रहती है विनीता को। बाई ने यह बर्तन अच्छे से नहीं धोया, चाय के कप में गंदा लगा हुआ है। चम्मच कितने गंदे तरीके से धोया है। झाड़ू लगाया है तो...

  • कामवाली

    कामवाली

    फितरत सूरज सिर पर चढ़ आया था. सुबह पाँच बजे उठने वाली शांति दाई का दरवाजा नौ बजे तक खुला नहीं था. हाँ, दरवाजा कह सकते है उन लकड़ी के पलड़ो को जिनमें फूस से भी...


  • सगाई – भाग 1

    सगाई – भाग 1

    “नहीं… पापा,नहीं.. यह संभव नहीं है! नहीं तोड़ सकती मैं यह सगाई। आपने कैसे सोच लिया कि मैं इंद्रजीत से सगाई तोड़ कर कहीं और शादी कर लूं!”… कहते कहते अदिति का गला रूंध गया तथा...

  • फिर एक बेटी

    फिर एक बेटी

    “फिर एक बेटी को जन्म दिया, मुंह जली, करम जली ने। मैं तो लुट गई, बर्बाद हो गई। मेरे जीतू का अब क्या होगा? इस खानदान का क्या होगा? मिट जाएगा खानदान का नाम। पता नहीं…...

  • “जन्मभूमि की रोशनी”

    “जन्मभूमि की रोशनी”

    “जन्मभूमि की रोशनी” हरिया की हक़ीक़त से यूँ तो गाँव का बच्चा-बच्चा वाकिफ़ है। एक रात कोई अन्जान आदमी पूरब वाली बाग में अपनी खूबसूरत पत्नी रज्जो के साथ खुले आसमान के नीचे, घास-फूस वाली जमीन...

  • छठ की महिमा

    छठ की महिमा

    हर बार की तरह दिवाली की छुट्टियों में विभा और उसके पती विशाल अपने घर माँ पापा के पास आये,इस बार विभा मन ही मन बहुत खुश थी। की इस बार मैं छठ व्रत करूँगी। उसने...

  • कहानी – काश….

    कहानी – काश….

    बच्चे तो पहले से ही पूरे जोर शोर से क्रिसमस की तैयारी कर रहे थे ऊपर से दीदी अपने बच्चों को लेकर आ गईं तो उन्हें और भी जोश आ गया, फिर तो पूरा घर बच्चों...

  • कलयुगी राम

    कलयुगी राम

    कलयुगी राम रोहन अपने दादा दादी के साथ गांव में न रह कर माता पिता के साथ पास के शहर में रहता है कारण गांव में कोई अच्छा स्कूल नही ,बिजली भी नही आती थी ।...

  • आवाज़

    आवाज़

    आवाज़ मेट्रो शहर की एक पॉश कहलाने वाली कॉलोनी जिसमें बड़े बड़े बंगले सुरक्षा गार्ड के साथ स्थित है । बड़ी बड़ी इमारतें जिसमें फ्लेट बने हुए है । उसमें रहने वाले सभी अपने काम काम...