कहानी

कहानी – टुलु की प्रेमकथा 

यह प्रेम कथा है..असम के आदिवासी परिवार में जन्मी एक सोलह वर्षीय लड़की टुलुमुनि की।  जिसको प्यार सब टुलु कहते थे। एक सीधा साधा आदिवासी असमिया परिवार कोकराझार के एक छोटे से गांव में रहता था। चार बच्चों सहित छह लोगों का यह परिवार दिहाड़ी मजदूरी करता था। टुलु इस परिवार की सबसे बड़ी बेटी थी। बंडल […]

कहानी

हम होंगे कामयाब

सम्बंध विच्छेद के मुकदमे की पहली तारीख़ थी । बहुत दिनों बाद चार्वी संचित को देख रही थी । संचित उसके जीवन का आदर्श पुरूष हुआ करता था । आज से पाँच वर्ष पूर्व ही तो मिले थे दोनों दफ़्तर की कैंटीन में । चार्वी सुबह देर से उठी थी , खाना बनाने का समय […]

कहानी

कहानी – जिंदगी क्या है?

हरदीप सिंह रिश्तेदारी से मेरे अंकल लगते थे। वह उच्च सरकारी पद पर थे। सख़्त तबीयत, रिश्वतख़ोर, मुँहफट तथा पढ़ाई-लिखाई तथा कानून-कायदे में पूरी तरह परिपक्व। शातिर! होशियार! अंग्रेजी, ऊर्दू, हिन्दी, पंजाबी भाषाओं में माहिर (निपुण)। कानून सम्बंधी एक लघु पुस्तक भी उन्होंने लिखी थी। अपनी नौकरी के दौरान वे कई बार सस्पैंड भी हुए, […]

कहानी

कहानी – बुआ

महकमे के किसी अनिवार्य काम के लिए मुझे सीमावर्ती एक गांव में जाना था। यह गांव मेरे शहर से लगभग पचास किलोमीटर दूर था। मैंने स्कूटर स्टार्ट किया और अपनी मंजिल की ओर चल दिया। लगभग एक घण्टे के बाद मैं उस गांव से कोई पांच किलोमीटर इध्र ही था कि सामने बुआ का गांव […]

कहानी

कहानी – उनकी सुरक्षा

”सुना है बापू, हम हमारी सड़क भी बंद होने वाली है, आज स्कूल में सब बच्चे बोल रहे थे।“ देवी ने अपना स्कूल का छोटा बस्ता अंदर रखते बोला। देवी का घर तंग घाटी के एक ओर की ऊंची पहाड़ी के ऊपरी छोर पर है। उसका बापू बाहर छप्पर के बाहर छोटे से खेतनुमा क्यारी […]

कहानी सामाजिक

रिश्ते

पूनम की रात कुछ ऐसी होती है कि मानो चाँद ने अपनी सारी ख्वाहिशें पूरी कर लीं हों और वो खुलकर अपनी चांदनी सब पर बिखेर देना चाहता हो। कुछ ऐसा ही हुआ था रिया की जिंदगी में। आज मानो उसने सब कुछ पा लिया था.. रोहन जैसा जीवन साथी जो उसकी सारी ख्वाहिशों को […]

कहानी

छुट्टियां

“सर जी मुझे छुट्टी चाहिए।“ अभिषेक ने रोहन को कहा जो अभी-अभी ऑफिस आया था और अपनी सीट पर बैठ कर पानी पी रहा था। रोहन ने अभिषेक को साथ वाली खाली कुर्सी पर बैठने को कहा। पानी पीने के बाद रोहन ने अभिषेक से पूछा। “कब चाहिए?” “सर मुझे लंबी छुट्टी चाहिए। कम से […]

कहानी

आजादी की कीमत

स्वाति जैसे ही तैयार हो कर घर से बाहर निकली, उसकी दादी ने उसे टोका- “स्वाति बेटा, इतनी कम उम्र में यूं सज संवर कर इस वक्त अकेली कहां जा रही हो! पता है ना तुम्हारी उम्र अभी पढने लिखने की है! और इस तरह के कपड़े भी भले घर की बेटियों के लिए पहनना ठीक […]

कहानी

रंगों की फुहार

बाबू की खुशी का ठिकाना नहीं था। उसके बाबा का गांव से फोन आया था। बाबा चाहते थे कि बाबू गांव में पूरे परिवार के साथ होली मनाए। होली बाबू का प्रिय त्यौहार था। बाबू को शहर गए हुए एक वर्ष हो चुका था। गांव की पाठशाला से उसने आठवीं की परीक्षा पास की थी। पूरे जिले में […]

कहानी

एक अधूरी कहानी

निहारिका नाम था उसका। पता नहीं उस में ऐसी क्या बात थी, जो मुझे अपनी ओर पर बस आकृष्ट कर रही थी। हमारे ऑफिस से अक्सर वृद्धाश्रम, अनाथालय दिव्यांगों के यहां हर महीने दौरा करना होता था।उनका मनोबल बढ़ाने के लिए उनके हस्त से निर्मित वस्तुओं को बहुत बढ़ावा दिया जाता था। या यूं कह […]