Category : कहानी

  • कुसूरवार (कड़ी १)

    कुसूरवार (कड़ी १)

    प्रज्ञा के मन मष्तिष्क में एक ही बात बार बार आ रही थी , कि वह कुसूरवार हैं । शायद यह उसकी आत्म ग्लानि ही थी , खुद से खुद वह वर्षों से लड़ रही थी...



  • कहानी: बंटवारा

    कहानी: बंटवारा

    चिंकी आज खुश नहीं है जरा भी नहीं ..वरना सुबह के आठ बजे तक वह बिस्तर पर कभी नहीं टिकती थी वह बीमार भी नहीं है और उसे नींद भी नहीं आ रही| वह तो रोज...

  • कसाईखाना

    कसाईखाना

    विशु के बापू, ज़रा सुनना तो…नानकी ने बान की झोल खाती हुई खटिया पर सोए बेटे विशाल को मैली-सी पुरानी चादर उढ़ाते हुए आवाज़ लगाई। “हाँ कहो क्या बात है?” कोठरी के बाहर ही टाट के...


  • कहानी -राबिया अम्मा

    कहानी -राबिया अम्मा

    यह कहानी है राबिया अम्मा की मेरे गांव में मेरी पड़ोसी थी। तब मैं काफी छोटी थी। बात की गहराई को नहीं समझती थी। आज लगभग तीस साल बाद राबिया अम्मा की बातें मेरे दिल में...

  • अहंकार

    अहंकार

    नाम राजहंस, उम्र चौंतीस वर्ष, पेशा सॉफ्टवेयर इंजीनियर, वेतन दो लाख रूपए महीना। बढ़िया जीवन शैली, घर समाज में इज्जत। सब कुछ मिल गया इस छोटी सी उम्र में। नाम हर्षा कुमारी, उम्र उसकी भी चौंतीस...

  • कहानी – टीस

    कहानी – टीस

    जैसे-2 उपन्यास अपने चरम पर पहुंचता जा रहा था दिव्या लेखक के भावों में डूब उतरा रही थी।वह उपन्यास के पात्रों के साथ रो रही थी,हँस रही थी। कहानी की समाप्ति के साथ नायिका के आँसू...

  • कहानी –  अंततः

    कहानी – अंततः

    मृणाल जल्दी- जल्दी काम निबटा रही थी। बेटी के खराब स्वास्थ्य को देखकर उसका मन बहुत अशांत था। अवनि की छुट्टियाँ समाप्त हो रही थीं चार दिन बाद उसे वापस पुणे लौटना था। वहाँ चली जाएगी...