Category : कहानी

  • कहानी – “माँ”

    कहानी – “माँ”

    “सूरा-40 अल-मोमिन,” पवित्र कुरआन को माथे से लगाते हुए उस्ताद अख़लाक़ ने कहा, “शुरू नामे-अल्लाह से। जो बड़ा ही मेहरबान और निहायत ही रहम करने वाला है। यह पवित्र कुरआन उतारी गई है, अल्लाह की तरफ...

  • पराई औलाद कहानी

    पराई औलाद कहानी

    पराई औलाद कहानी “महेश को पता चलेगा तो रमेश को बहुत डांटेगा क्योंकि जब दोनो भाईयों ने गांव छुड़वाया था तो महेश अपनी माँ को अपने साथ ले गया और रमेश मुझे। अभी 3 महिने ही...


  • दुआओं का दान

    दुआओं का दान

    दो सप्ताह से अपनी पूरी टीम के साथ नवीन रक्तदान कैंप की तैयारियों में लगा हुआ था. साल में दो बार वह रक्तदान कैंप का आयोजन करता था. जून और दिसंबर का आखिरी रविवार उसने कैंप...

  • मेरी प्रेरणा

    मेरी प्रेरणा

    मेरी प्रेरणा ” अब हम प्रकाश को इनकी बहादुरी और शांति कायम रखने के लिए “अशोक चक्र ” से सम्मानित करते हुए अपार हर्ष की अनुभूति महसूस कर रहे है। इन्होंने नक्सली संगठन का बहादुरी से...

  • आखिर क्यों?

    आखिर क्यों?

    कई दिनों से नोटिस कर रही थी, कक्षा में हमेशा चहकने वाली सुमन आजकल गुमसुम रहने लगी थी । एक दो बार मैंने उसकी उदासी का कारण जानना चाहा तो उसने मुझे यह कहकर टाल दिया...

  • एक फूल दो माली

    एक फूल दो माली

    पुराने समय की बात है, मेवाड़ के नगर सेठ का पुत्र “नीर ” बहुत सुंदर साहसी और कार्य में कुशल था। कोई भी कन्या उसको एक नज़र देखे तो मोहित जो जाये और उसको निहारती ही...

  • आत्मविश्वास

    आत्मविश्वास

    एक लड़की थी रिया। जीवन के 17 सावन पार कर चुकी थी ।अल्हड़, हंसमुख, निश्चल, दुनियादारी से दूर, अपने आप को बेहद प्यार करने वाली, जीवन के हर पल को हजार बार जी लेने को बेचैन...

  • रामबदन की उलझनों का कर्ज

    रामबदन की उलझनों का कर्ज

    पथिक अपने पथ पर वेहिचक चला जा रहा था। काली सनसनाती रात सूनसान सडक विरानों की सन्नाटा के बीच वह निर्भीक चल रहा था। दरअसल उसे रात दो बजे तक मील में ड्यूटी पकड़नी थी।गाँव से...

  • नशा

    नशा

    आज ननकू बड़ी उहापोह में है । बस लगातार यही सोच रहा है और उस घड़ी को कोस रहा है …जाने क्यूँ मैं इस केस का गवाह बन गया । पर वह आखिर करता क्या उस...