कहानी

सामजस्य

सीमा,तुम क्या चाहती हो?साफ-साफ कह क्यों नहीं देती?कम से कम हम दोनों चैन से रह तो सकते हैं।कब तक सहन करूँगा तुम्हारी चिक-चिक? हाँ-हाँ, अब तो तुम्हें मेरी हर बात चिक-चिक ही लगेगी।नई सहेली जो मिल गई है, वहीं तुम्हारे लिए सब कुछ हो गई।जब देखों उसी के नाम की रट लगाए रहते हो।गीता ऐसी […]

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वुमन विथ माइंड

चित्रकार द्वारा कविता रचा जाना तथा कवयित्री द्वारा चित्र का सार्थक रूप देना ! एकसाथ प्रेमतृप्ति और सहवासतृप्ति रोज-रोज । कविता की ऊँचाई उतनी शिखरतम और उतनी ही प्रखरतम चित्रकृति की संवेदनाएँ भी, प्रासंगिकता के साथ-साथ ! अप्रासंगिक कुछ भी नहीं, क्योंकि देह को सवारीगाड़ी माना गया है, चाहे देह औरत की हो या मर्द […]

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नया सवेरा

“नहीं! नहीं!! और नहीं!!…….मैं एक विधवा को अपनी बहु नहीं बना सकती।” आभा तल्ख आवाज में लगभग चीख पड़ी। “पर क्यों माँ?! मैं प्रेम करता हूँ उससे और वह भी मुझसे उतना ही प्रेम करती है।” विप्लव ने माता से मनुहार किया। “समाज क्या कहेगा बेटा?” इस बार वाणी की तल्खी कम हो गई थी। […]

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सहानुभूति

तीसरी बार दरवाजे से वापस ड्राईंग रुम की ओर मुड़े अनिकेत के कदम। झुँझलाया हुआ अनिकेत सोफे पर पसर गया और बेबस आँखें दीवार पर टँगी टेलिविजन की ओर उठ गईं। समाचार वाचिका के बोल उसके कानों पर तीर से चुभ रहे थे जो लगातार बता रही थी कि भयानक संक्रामक महामारी कोरोना का कहर […]

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#मन_की_गाँठ# (कोरोना इफेक्ट)

#मन_की_गाँठ# (कोरोना इफेक्ट) साठ साल की सोमवती जी बेचैनी से करवट बदल रही थीं, कभी उठती बाथरूम जातीं कभी ग्लास में पानी उड़ेलतीं। उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि आज की खबर से वो इतनी बेचैन क्यों थीं। बार-बार खिड़की के पर्दे हटाकर देखतीं, सुबह हुई या नहीं। कोई तो दुःख था जो उन्हें […]

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दूध की भगौनी (कहानी)

  दूध की भगौनी (कहानी) ———  लॉक डाउन में ऑफिस  बन्द होने के कारण मोना घर पर फुर्सत में  ही थी । टीवी देखने में , सोशल मीडिया से ही वक्त गुजर रहा था। हसबैंड का दूसरे शहर के थाने में  ट्रासंफर हुआ तो उसे  छुट्टी तो क्या मोबाइल से बात करने की भी फुर्सत […]

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तारों वाली रात

आज जब आधा, पेट खाना खाकर ढीली चारपाई पर लेटा तो सहसा उसकी निगाहें आसमान पर जा टिकी तारों से भरे आसमान में कुछ ढूंढ रहा हो। बचपन के वो दिन याद आए जब वह तारों को जोड़ -जोड़ कर उनका शेर, भालू, हाथी, घर और भूत बनाया करता था। आज शायद फिर वह तारों […]

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मन्नत

आफिस से घर आने की जल्दी में मन्नत ने शोर मचा रखा था…प्रियंका जल्दी चल, आज मुझे लड़के वाले देखने आ रहे हैं। प्रियंका ने भी शरारती भरे अंदाज़ में कहा… अच्छा बड़ी जल्दी है बेशर्म , थोड़ा सब्र है कि नहीं?? नहीं है , बस! सुना है अरविंद बहुत हैंडसम हैं, तू तो दूर […]

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संन्यासी महाराज

निःसंतान राजा की अचानक मृत्यु हो गई ! दरबारियों में व राज्य की प्रजा में शोक की लहर दौड़ गई । सूनी राजगद्दी को देखते हुए प्रधान बहुत चिंतित थे । आखिर गद्दी किसे सौंपी जाए ? यह यक्ष प्रश्न सभी के सामने था । सभी दरबारियों की सहमति से इसपर कोई फैसला करने के […]

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जिंदगी

आज सुबह से ही उसके घर से झगड़े की आवाज आ रही थी पर लोगों ने यह सोचा कि शायद ऐसे ही मामूली घरेलू झगड़ा होगा। अचानक लोगों ने देखा कि पति महोदय अपनी अटैची लेकर बाहर जा रहे हैं और पत्नी व करीब दस ग्यारह साल का बच्चा उन्हें रोकने का भरसक प्रयत्न कर […]