Category : कहानी

  • चोर

    चोर

    वह इधर-उधर भटक रहा था। शायद बेमतलब या हो सकता है मतलब से भी। पिछले तीन दिन से वह कोई चोरी नहीं कर पाया था। मिनिस्टर साहब को भी अभी आना था। और कहींजाते किसी बड़े...

  • कहानी –  उसके हिस्से की धूप

    कहानी – उसके हिस्से की धूप

    मई माह की चिलचिलाती धूप में झुलसते और गर्म हवाओं के तमाचे खाते हुए वह तेज़-तेज़ कदम रखते हुए घर की ओर बढ़ रहा था…दो ठ़डे-मीठे ख्यालों को मन में संजोये कि घर जाते ही माँ...

  • ग्रीन सिग्नल

    ग्रीन सिग्नल

    “वृद्धाश्रम…??? ओह बेटे, तुमने यह सोच भी कैसे लिया कि मैं इसके लिए तैयार हो जाऊँगी…?” दुखातिरेक से तरुणा की आँखों में आँसू उतर आए. देवेश सामने ही सिर झुकाए खड़ा था, संयत स्वर में बोला-...

  • नई शुरुआत

    नई शुरुआत

    मंगलवार की शाम मंदिर में कीर्तन में कमला और विमला मिली। कीर्तन समाप्त होने पर दोनों में बातचीत हुई। “और कमला बहुत दिनों बाद नजर आई, कुछ कमजोर भी हो गई हो?” विमला ने एक हाथ...

  • सौदागर !

    सौदागर !

    रजनी ने अभी घर में कदम रखा ही था कि घर से कुछ शोर सुनाई दे रहा था, रजनी समझ चुकी थी सेठ आए होंगे पापा से पैसे मांगने। पापा ने रजनी की पढ़ाई के लिए...

  • मज़ार का दीया

    मज़ार का दीया

    सतिंदर को अंदाज़ा हो गया था कि दिव्या ने कहीं कुछ रुपए छुपाए ज़रूर हैं वरना शेफाली को डॉक्टर के पास कैसे ले गई। डॉक्टर ने कुछ न कुछ फीस तो ज़रूर ली होगी। सतिंदर ने...


  • सहारा

    सहारा

    थोड़े दिनों से सरला को आंखों की तकलीफ होने लगी। दिखना कुछ कम हो गया तब चश्मा लगा लिया। चश्मा लगाने से काफी आराम मिला। उम्र पचपन की हो गई और बच्चों का विवाह हो गया।...


  • डॉ रेखा

    डॉ रेखा

    “ये कहाँ जा रही हो अम्मी ?” पड़ोस वाली महिला ने पूछा “अरे वो अपनी मधु है न उसके घर से खबर आयी है , उसके पेट में दर्द हो रहा है , पेट से है...