Category : कहानी


  • बिछोह

    बिछोह

    दूर-दूर तक हरयाली फैली थी। मंद-मंद हवा चल रही थी। इस हल्की हवा में पीपल के पत्ते एकदम मचल-मचल के हरहरा रहे थे जबकि सामने खड़ा आम कितना शांत गंभीर था, बस एक बार अपनी किसी...


  • शान्ति

    शान्ति

    पागल पागल पागल की आवाज के साथ कुछ बच्चे शोर मचाते हुए भाग रहे थे, उनके पीछे एक महिला अभद्र गालियां बकती हुई पीछा कर रही थी। उस महिला ने एक पत्थर उठा कर उन आगे...

  • नाम में कुछ है

    नाम में कुछ है

    विद्यालय का यह रिवाज़ था कि जो भी कर्मचारी सेवा निवृत होता था, उसे पूरा विद्यालय मिलकर विदाई देता था | उस दिन एक चतुर्थ वर्ग कर्मचारी “बुद्धिमान” का विदाई समारोह आयोजन किया गया था |...

  • कहानी : तू प्यार का सागर है

    कहानी : तू प्यार का सागर है

    प्रिय दिलीप अंकल, नमस्ते। मैं? तमलाव गांव से ललिता। आप हमारे गांव के स्कूल में परमाणु ऊर्जा के सदुपयोग पर बिजली घर से वार्ता देने आए थे। कई बार आते रहे। सेवानिवृत्ति के पश्चात् आपने अपने परिचय में...

  • तुम्हें टॉप करना है !

    तुम्हें टॉप करना है !

    ख्वाहिश तो हर ममी पापा की यही होती है कि उनका बेटा या बेटी ही टॉप करे, हर लिहाज से दूसरों के बच्चों से बेहतर निकले। कभ-कभी बार बार बच्चों पर इस बात का दबाब डालना...


  • पंडित

    पंडित

    मुझे सही से याद नही ,मैंने उसे कब देखा था ।हाँ इतना जरूर पता है कि जबसे होश सम्हाला ,तबसे गाँव के हर घर में शादी ब्याह में पानी भरने का काम , आटा गूँथने का...