कहानी

कहानी – समाधान

अनुपमा की प्रिय शिष्या ऋचा, आज क्लास में गुमसुम बैठी थी । “ऋचा तुम क्लास में नहीं हो! तुम्हारा ध्यान किधर है?” “जी मैम” उसने हड़बड़ा कर अनुपमा की तरफ देखा । गहरे सांवले रंग की ऋचा के औसत नक्श थे पर आंखें अत्यंत आकर्षक थीं। जिनमें सदा अनुपमा ने उत्साह की चमक देखी थी। […]

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र‍िहाई- विनोद आसुदानी की मूल अंग्रेजी कहानी का हिन्‍दी ल‍िप्‍यांतरण

“पूरे चौदह बरस बाद मैं वापस अपने गांव जा रहा हूं। इस बार की दीवाली सूनी रहेगी। न तो पटाखे जलेंगे , न ही मिठाई बंटेगी। किसी को पता भी तो नहीं कि मैं वापस लौट रहा हूं, जो कोई खुशियां मनाये। चौदह बरस एक लंबा अरसा होता है। मेरे घरवाले तो सब मुझे भुला […]

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कहानी – होली आई रे…

होली का त्यौहार नजदीक था। घर में मेहमानों की चहल-पहल बढ़ रही थी। कल ही बनारस से  सुधा की ननद और उसके दो बच्चे आए थे ।जेठ-जेठानी और उनकी प्यारी सी दो साल की बिटिया नेहा भी सप्ताह भर की छुट्टियों के चलते बेंगलुरु से आए हुए थे ।सुधा उन लोगों के आने पर बहुत […]

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काश! पहले समझी होती नारी शक्ति 

निखिल बबिता और उनका बेटा अक्षय (12 वर्षीय) छोटा-सा खुशहाल परिवार था। निखिल की छोटी सी दुकान थी। निखिल की आमदनी ठीक-ठाक थी। पर आजकल की महंगाई । निखिल के सिर कर्जा बढ़ता जा रहा था । बबिता कर्जे से अंजान थी । करदाता के  निखिल के पास बार बार फोन और मेसेज आते थे।  कर्जा […]

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बदलती बयार

गाँव के टोले टोले से ढोलक की थाप और फगुआ के बोल से होली के आगमन की आहट हो रही थी।उमंगों से भरे मन तो बस मौका ढूंढते हैं उल्लासित होने का और आज तो मौका भी था और दस्तूर भी ।     एक तरफ तो चारों ओर चहल पहल थी वहीं दूसरी ओर […]

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प्यार लाया जिंदगी में नयापन

प्रेम की पुनरावृति नहीं हो सकती ,उसे पुनर्जीवित नहीं किया जा सकता है, मन की वीणा केवल एक ही बार प्रेम रागिनी गाती है जैसे जाने कितने वहम पाले वर्षों से एकाकी जीवन व्यतीत करती आई थी माया। वह स्वयं के अस्तित्व को भुला चुकी थी।नीरस जीवन जीते कितना समय बीत गया। न तो उसने […]

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प्यार लाया परिवर्तन

कितने अजीब होंगे वे लोग जो प्यार जैसी फालतू बातों में पडकर अपनी जिंदगी बर्बाद कर लेते हैं ।अरे जिंदगी तो ऐश करने के लिए है। आसपास जाने कितने रंगीन चेहरे हैं दिल बहलाने के लिए। जिसे इशारा कर दो, पलक झपकते ही चली आएगी।” दोस्तों के बीच प्यार का मजाक उड़ाने वाला रोहित आज […]

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अलविदा

सात बजे का अलार्म के बजते ही नित्या रोज़ की तरह रसोई के काम निपटाने लग गयी। वह कॉलेज में प्रोफेसर थी और दिन में उसे सिर्फ दो या तीन लेक्चर ही लेने होते थे ।आज उसका लेक्चर ग्यारह बजे था, सो आज आराम से घर के बाकि काम भी निपटा सकती थी । रोज […]

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कहानी – जीना ही पडेगा

ज़िन्दगी गुजर ही जाती है पर अभी रश्मि को समझ नहीं आ रहा था कि जीवन का ये अंधेरा कैसे कटेगा?…कैसी सुबह -शाम होगी?  सब कुछ अचानक ही घटित हुआ था। कभी उसने सपने मे भी नहीं सोचा था कि सुमित उसे बीच मझधार दो मासूम बच्चियों के साथ छोड़कर दुनिया से चला जायेगा। अभी […]

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सदमा

दो महीने हो गये। शांति देवी की हालत में कुछ भी सुधार ना हुआ। पुरुषोत्तम बाबू को उनके मित्रों और रिश्तेदारों ने सुझाव दिया कि एक बार अपनी पत्नी को मनोचिकित्सक से दिखवा लें। पुरुषोत्तम बाबू को सुझाव सही लगा। अगले ही दिन अपने बड़े पुत्र सौरभ एवं पुत्रवधू संध्या के साथ अपनी पत्नी को […]