कहानी

लपंडूक बेटों ने ज्योतिषी की नाक कटवाई

अपने घर बच्चों को बेरोजगारी से बिहार के एक जिले के एक गांव संजौली के सीधे-साधे किसान हरेराम गोप जिन्होंने ने कड़ी मेहनत कर अपने घर के सभी बच्चों को देश के जाने-माने यूनिवर्सिटियों से शिक्षा दिलवाई थी बहुत परेशान रहते थे।उनके दरवाजे पर एक दिन वह ज्योतिषी पुनः पधारा जिसने कहा था तुम्हारे बच्चे […]

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अंधविश्वास

इक्कीसवीं सदी की पढ़ी लिखी तेज़ तर्रार लड़की रिया आसमान में उड़ रही थी जैसा सोच रखा था वैसा ही ससुराल पाया था। सुखी संपन्न और सबसे महत्वपूर्ण घर के सारे लोग पढ़े लिखे और प्रबुद्ध है। रिया का मानना था की पढ़े लिखे लोगों से तालमेल बिठाना सहज हो जाता है। मानसिक खटराग नहीं […]

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आशादीप

मालती का आज विद्यालय में पहला दिन था।वह पहले दिन ही देर से नहीं पहुँचना चाहती थीं।उसने एक रिक्शा वाले को धीरे से आवाज लगाई।हाँ मैडम जी कहाँ छोड़ दूँ,आपको?मुझें विद्यालय जाना हैं। विद्यालय, मैडम जी दस रुपए लगेंगे रिक्शा वाले ने गम्भीर होते हुए कहा।दस रुपए तो बहुत ज्यादा हैं,भईया।नहीं मैडम जी,कहाँ ज्यादा है […]

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जिम्मेदारी

घर पर खुशियों का माहौल था। सभी ओर से बधाई मिल रही थी। रमेश और सुरेश ने अपनी माँ का नाम रोशन कर दिया था। उनकी सफलता का श्रेय उनकी माँ को जाता था। आरती देवी स्वभाव से बड़ी ही शान्त थी। वह बच्चों की सफलता का श्रेय उनकी मेहनत को ही देती थी। सब […]

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शिखर

माला जी, आज आप कला के शिखर पर हैं। कृपया अपने चाहने वालों को भी बताएं।कैसा लगता है आपको इस शिखर पर पहुंचकर?अच्छा लगता है।आपकी कलाकृतियां सबको इतनी पसंद आती हैं। मैं तो आपका सबसे बड़ा चाहने वाला हूँ।पत्रकार ने मुस्कुराते हुए कहा।जी,आप सभी कला पारखियों का बहुत-बहुत धन्यवाद। अखबार में छपे माला के इंटरव्यू […]

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बदलती तसवीर

प्रीति – मम्मी मेरी चोटी  कर दो मुझे स्कूल मे देर हो रही है। मम्मी- हाँ  जल्दी आओ चोटी कर दूँ । प्रीति- देखो मैने होमवर्क कर लिया । मम्मी- अरे मुझे कहाँ पढ़ना आता है? शाम को पापा को दिखाना। प्रीति- पापा देखो मैने होमवर्क कर लिया। पापा- अरे वाह !बेटा बहुत बड़िया बस […]

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सुप्यार

फुसफुसाहट भी दबे पाँवों चलती हुई पूरे गाँव का चक्कर लगा आई थी और अब घर में ही बने दो खेमों में घुसकर अपने यौवन को पा मुखरित स्वर बन चुकी थी।  कुछ पढ़े लिखे लोग थे जो सुप्यार की बात का मजबूती से समर्थन कर रहे थे और दूसरे वे लोग थे जिन्होंने हमेशा […]

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कहानी – लड़का होने का मतलब ?

उसे इस बात का पूर्वानुमान था कि उसने जिस साहस ,हिम्मत और करेज के साथ उस आतंकवाद के खिलाफ अभियान चलाकर देश की मिटटी की रक्षा के जीवन में निडर और अपनी जान की परवाह किये बगैर देश के दुश्मनों का सामना किया था, उसके परिणाम स्वरुप उसे राज्य शासन ने पुलिस वीरता सम्मान तो […]

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वनवास

अवनी आज अपनी माँ से लगातार सवाल पूछ रही थी। यह अंकल कौन थे? बताओ ना माँ,आखिर कब तक तुम यूं ही घुटती रहोगी? क्या तुम्हें अपनी अवनी पर बिल्कुल भी भरोसा नहीं है? पापा को गुजरे बीस साल हो गए। कब तक उनकी यादों में खुद को डुबोकर रखोगी?आखिर कुछ तो कहो, माँ।देखो माँ […]

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समझौता

बस स्टैंड पर बसों का आना-जाना लगा हुआ था। सीमा अपना समान संभालती किसी तरह बेटियों का हाथ पकड़कर खिंचती जा रही थी।उसे लगता था दिल्ली जैसे बड़े शहर में चोरी की बहुत घटनाएं होती है। पिछले ही साल की तो बात है, जब किसी ने उसका बैग चुरा लिया था।जब वह कैंटीन पर चाय […]