Category : कहानी


  • कहानी ….मदर

    कहानी ….मदर

    बात उन दिनों की है जब मैं हायर सकेंडरी करके इंजिनियरिंग की पढ़ाई कर रहा था | मेरे साथ मेरे मोहल्ले का लड़का अनूप भी मेरा सहपाठी था | हम दोनों परीक्षा के बाद विदेश जाने...


  • अंत

    अंत

    “नयना क्या बात है फिर से सो गई?” नवीन ने सुबह की सैर से वापस आ कर नयना को बिस्तर पर लेटे देख कर पूछा। “नवीन बदन टूटा सा लग रहा है। उठने की हिम्मत नही...

  • जीवन की सहजवृत्तियाँ

    जीवन की सहजवृत्तियाँ

    अभी-अभी पौधे और घास सींचकर बरामदे के तखत पर मैं बैठा हूँ…जानता हूँ, इन्हें छोड़कर अब जाने वाला हूँ…लेकिन इन्हें कुम्हलाते…मुरझाते…नहीं देख सकता..एक अजीब सा लगाव हो आया है..इन पौधों और इस वातावरण से…!! खैर…यह भी...

  • आखिरी कहानी (भाग 3/5)

    आखिरी कहानी (भाग 3/5)

    अध्याय 3 : विपुल बाहर टहलते-टहलते उसे मालती की याद आई मगर वह उस गली में किसी कीमत पर नहीं जाना चाहता था। वह किसी अनजान तरफ मुड़ गया। उसने जेब में हाथ डाला तो पायल...

  • दारी

    दारी

    दारी, तांगे वाले को हमारे गाँव के सभी लोग जानते थे। जब पहली दफा हमारे गाँव से शहर को सड़क बनी थी तो उस वक्त अभी कोई बस नहीं होती थी। यह दारी ही था जिस...

  • कहानी – पुत्रमोह

    कहानी – पुत्रमोह

    पुत्रमोह ही तो था कि बेटे की लालच में किशोरीलाल ने दुबारा शादी करने का फैसला लिया था । उसकी बीवी को पिछले महीने फिर से बेटी हुई, अब किशोरीलाल की चार लड़कियां हो गयी थी...

  • गुरु दक्षिणा

    गुरु दक्षिणा

    ‘चल ओए जग्गेया ! गड्डी से उतरकर पिछले टायरों में पत्थर लगा दे ! मैं जरा हल्का होकर आता हूं’ । करतार ने दो-चार सेल्फ मारकर ट्रक का ईंजन बंद किया और नीचे उतरकर उस जगह...

  • अधूरा इश्क़

    अधूरा इश्क़

    आरती अपने माँ – बाप की इकलोती बेटी थी , वह दिल्ली में करोल – बाग में एक बड़े से घर में रहते थे  , वे लोग पंजाबी थे !  आरती दिखने में काफी सुन्दर थी,...