कहानी

कहानी – मुकम्मल जिन्दगी

चलते-चलते वे रुके और अपनी पत्नी को ऊपर चढ़ने का इशारा किया। पत्नी ने पूछा – अच्छा तो हम पहुँच गए? ये लवर्स पॉइंट है या सुसाइड पॉइंट? साथ ही वह महिला छोटे छोटे सीढ़ीनुमा पत्थरो पर पैर रख, सम्भल-सम्भलकर ऊपर चढ़ने लगी। अपनी जेब से मोबाईल निकालते हुए पुरूष ने जबाब दिया — अरे […]

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जवाब दीजिये

मई माह की जानलेवा गर्मी की प्रभात वेला में मुरुड़ बीच (महाराष्ट्र) पर स्थित होटल “डिवाइन होम स्टे” के अंदरूनी विशाल द्वार पर खड़ा आशीष अपने क़दमों में लोटते अनंत सागर की अथाह गहराई में खोया हुआ था कि अचानक उसकी मौन साधना को भंग करती हुई क़दमों की आहट उसके निकट ही आकर ठहर […]

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गृहिणी – गृहस्थी

आत्माराम का नागपुर शहर के जरीपट्‌का में मकान और सीताबर्डी इलाके में दुकान है। इकलौती संतान आलोक की शादी धूम – धाम से की। शादी की सुव्यवस्था से सभी रिश्तेदार, परीचित और पड़ौसी संतुष्ट हुए। आत्माराम की पत्नी कांतादेवी ने पिता – पुत्र को बंद कमरे में खुसर – पुसर करते सुना तो उनका माथा […]

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परफेक्शन

रोहन ऑफिस चले गए थे रोली सोच रही थी कि चाय बनाकर आराम से पीने की लेकिन मधुर की आ$आआ की आवाज सुनाई दी। चाय का विचार छोड़ आठ वर्षीय मधुर को सुबह की दिनचर्या से निवृत करवाना जरूरी था उसका काम कर उसे बेड पर तकिए के सहारे से बैठा दिया था और अब […]

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स्त्री-मन

सिद्धान्त और भावना कॉलेज की कैंटीन में घंटों से बैठे हुए थे लेकिन उनकी अभी तक एक कॉफ़ी खत्म नहीं हुई थी । दोनों घंटों से एक दूसरे की आँखों में डूब कर उस रस का आनन्द ले रहे थे जो किसी कॉलेज की किसी भी कैंटीन में नहीं मिलती । भावना और सिद्धान्त सामजशास्त्र […]

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गंगा जमुनी तहजीब

सुबह का समय ! एक रेस्तरां का दृश्य जिसमें बेतरतीब बिछी कुछ मेजों पर बैठे कुछ लोग नाश्ता कर रहे हैं । रेस्तरां में प्रवेश करने की जगह पर एक काउंटर है जहाँ रेस्तरां का मालिक बैठकर सब पर अपनी नजर बनाए हुए है । गंदे से कपड़े पहने दो वेटर मेज के सामने की […]

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कहानी – सजायाफ्ता कौन

‘वही होता है जो मंजूरे खुदा होता है…..’ सुबह से गाने की पंक्तियाँ उसके जेहन में गूँज रहीं थीं। सिंधु परेशान थी क्योंकि दिल से दिल नहीं मिला था… जो हुआ था वह बहुत भयावह था। सब कहते हैं… ‘होइहि सोइ जो राम रचि राखा.. को करि तर्क बढ़ावै साखा…’ वह इसे स्मरण कर भी संतुष्ट […]

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छद्म वेश 

शाम  धुंध में डूब चुकी थी होटल की ट्यूटी खत्म कर तेजी से केमिस्ट की दुकान पर पहुंची। उसे देखते ही केमिस्ट सेनेटरी पैड को पेक करने लगा। रंजना ने उससे कहा इसकी जगह मेन्सुअल कप दें दो। केमिस्ट ने एक पैकेट उसकी तरफ बढ़ाया। मधुकर सोच में पड़ गया। रंजना इससे बेखबर पैकेट को […]

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मृगतृष्णा

मृगतृष्णा एक छोटी मासूम सी लड़की, आँखों में कई सपने सँजोए हुए, अपनी ज़िंदगी की बढ़ती रफ़्तार को क़ाबू में किये हुए, एक मुक़ाम तक पहुँचने की इच्छा रखती थी। वह उत्तर प्रदेश के एक छोटे से गाँव में रहती थी। उस समय पर गाँव में लड़कियों को ज़्यादा पढ़ाया-लिखाया नहीं जाता था। बस यह […]

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ज़रूरी

“आपका प्रेशर बढ़ गया है। डरना नहीं, लेकिन अब आपको ज्यादा आराम की ज़रुरत है, बस एक हफ्ता रह गया….” फिर गला …… कर “क्या आप सुन रही हैं?” मैं चौंक गयी। जी…! भरी मुसकराहट छोड़ी और डाक्टर को देखती रही। डाक्टर साहब कुछ पल मेरी ओर देखते रहे, फिर चेहरा गंभीर बनाकर मेरा फ़ाइल्, […]