Category : कहानी

  • रोटी

    रोटी

    एक दिन अनीता और उसका पति अनिल घूमने के लिए नैनीताल जानें वाले थे  , वैसे तो दोनों को समय नहीं  मिलता था , लेकिन इस बार दोनों का घूमने जाने का मन था , तो...

  • किसके लिए

    किसके लिए

    पांच सौ गज की भव्य तिमंजला कोठी जिसके आगे शानदार लॉन है और पीछे शानदार बरामदा में आज उसके चौसठ वर्ष के मालिक अनिल राय अकेले लॉन में एक कुर्सी पर बैठे है। सामने सफेद रंग...

  • हमदर्दी

    हमदर्दी

    हमदर्दी सूखे की मार झेल रहे किशन ने गाँव से पलायन कर शहर में अपना डेरा जमा लिया । शहर में पहले से ही रह रहे उसी की गाँव के गोपाल ने उसे किराए का एक...

  • बेटा !

    बेटा !

    कविता के पति जय अपनी ममी पापा के इकलौते बेटे थे, इसलिए शादी के चार पाँच महीने बाद ही सास और पति ने बेटे का फरमान जारी कर दिया था। देखो बहु हम लड़की लड़के में...

  • प्लास्टिक का दानव

    प्लास्टिक का दानव

    बालकथा प्लास्टिक का दानव बबलू, मुन्नू, राजू, टिंकू, बबली, पिंकी, पप्पू, बंटू और बंटी सभी घर के पास मैदान में बैट बॉल खेल रहे थे। अचानक राजू ने बॉल को बहुत तेज़ मारा और बॉल हवा...


  • मुझे सब छोड़ देंगे

    मुझे सब छोड़ देंगे

    [‘बेटी की चाहत’के बाद की कहानी] तान्या बहुत कुशलता से स्टीयरिंग व्हील के निचले भाग में उँगलियाँ रख, गाड़ी चला रही थी। जबकि स्टीयरिंग के ऊपरी हिस्से पर रखी बाएं हाथ की उँगलियाँ गाड़ी में बज...

  • बांसुरीवाला

    बांसुरीवाला

    वह हर शाम को बगैर नागा किए ठीक उसी समय बांसुरी की मीठी तान छोड़ता जब गांव की लड़कियां, बच्चे या फिर बूढ़ी महिलाएं नीचे गहराई की घाटी से चढ़कर उस दिव्य पानी के चश्मे के...

  • समय !

    समय !

    समय किसी के लिए नहीं रुकता ये हम सब जानते हैं। कभी  कभी बहुत कुछ पाने की होड़ में हम अपना बहुत कुछ खो देते हैं और समय आगे निकल जाता है। शंभु रोज़ की तरह...