Category : कहानी


  • कहानी — बैस्ट- फ्रेंड

    कहानी — बैस्ट- फ्रेंड

    नवरात्र के अवसर पर श्रीमती जी द्वारा कालोनी के बच्चों को कन्यापूजन हेतु आमंत्रित किया गया था | आज का  दिन तो बच्चों, विशेषकर कन्याओं का विशेष होता है जिन्हें बुला बुलाकर देवी रूप-भाव में पूजा...


  • किराये का खोल

    किराये का खोल

    बात उन दिनों की है.. ………….जब मेरे पति अकसर काम के सिलसिले में बाहर रहते थे.बेटे को स्कूल के लिये बस स्टाप पे छोड़ना ……….और लाना मेरी ही जिम्मेदारी थी…..घर से स्टाप पहुँचने मैं……. करीब २० मिनिट का वक्त...


  • पैके हुंदे माँवा नाल…….

    पैके हुंदे माँवा नाल…….

    कब्रें विच्चों बोल नी माए  दुःख सुःख धी नाल फोल  नी माए  आंवा तां मैं आमा  माए  आमा केहरे चावा नाल  माँ मैं मुड़ नहीं पैके औणा  पैके हुंदे माँवा नाल।        सुरजीत बिंदरखिया का यह गीत हस्पताल...

  • पहला प्यार

    पहला प्यार

    नीरा के दिन की शुरुआत ही रजत के मैसेज से होती थी | ढेरों मैसेज और मिस्ड काल नीरा के मोबाइल मे आये हुए रहते थे | पर आज नीरा ने उठने के साथ मोबाइल चेक...

  • वो अजनबी लड़की

    वो अजनबी लड़की

    केशव ने कुर्सी पर बैठे हुए ही सामने लगी दिवार घडी पर नजर डाली तो देख के चौंक गया , एक बजने वाले थे । उसने आस्चर्य मिश्रित आवाज में कहा ” ओये, आज फिर देर...

  • मधु दी

    मधु दी

    मधु दी का ननिहाल और मित्रा भाभी (मेरी पड़ोसन) का माइका एक ही शहर गया (बिहार) में होने के कारण मधु दी मित्रा भाभी को मौसी बुलाती थीं। हो सकता है कि वे एक-दूसरे को पहले...

  • विदाई

    विदाई

    प्रिया, अपने भाई की बड़ी दीदी थी | वो भी मात्र पंद्रह साल की बस !  परिस्थिति ने प्रिया को बड़ा बना दिया | उसका बचपन अपने भाई की देख-भाल और घर की सारी जिम्मेदारी उठाने...