Category : कहानी




  • अनसुलझे सवाल!!!

    अनसुलझे सवाल!!!

    कड़ाके की सर्दी पड़ रही थी……. पैरों से चढ़ती ठण्ड हाथों के कम्पन से होती हुई, दांतों की कड़कड़ाहट तक जा रही थी। घर से निकला तो देखा कोहरे की सफ़ेद चादर ने सारे आसमान पर...

  • मेरा पहला प्यार

    मेरा पहला प्यार

    पहला प्यार ! कितना मधुर एहसास दे जाते हैं ये दो ख़ूबसूरत लफ़्ज़ ! इन्हें सुनते ही ज़हन  इनके पीछे दौड़ने लगता है। और ये.…… तितलियों की तरह उड़ते -उड़ते उस बाग़ में ले जाते हैं ,...


  • आधा-अधूरा हक – कहानी

    आधा-अधूरा हक – कहानी

    गिरिधर बाबू के यहाँ पँचायत बैठी थी। उनके और उनके भाइयों के बीच पैतृक संपत्ति के बँटवारे का फैसला होना था। दोनों छोटे भाई नृपेंद्र और जगतेश्वर आये हुए थे। सौतेला होने के बावजूद गिरिधर बाबू...


  • कलयुगी पुत्र

    कलयुगी पुत्र

    एक बूढी औरत , कुम्भ के मेले में बैठी रो रही थी । वह बहुत परेशान लग रही थी और बार बार यही बात दोहरा  रही थी ” नहीं… मेरा बेटा जरूर आएगा… वो मेरे साथ...

  • अजेय शक्ति

    अजेय शक्ति

    ‘छोड़ दो मुझे। तुम हमारे भाई जैसे हो!’ ‘चुप रह मास्टरनी, चुपचाप चल।’ जोर की आवाजें सुनकर बाजार में सभी लोगों का ध्यान उधर चला गया। दो मुस्टंडे लड़कों ने एक युवती के दोनों हाथों को...