उपन्यास अंश

ममता की परीक्षा ( भाग – 64 )

साधना को पुत्र रत्न की प्राप्ति हुए लगभग एक महीने का समय हो चला था । जीता जागता खिलौना पाकर साधना बेहद खुश थी और इस उम्मीद में थी कि अब अचानक किसी दिन गोपाल को लेकर जमनादास उनके सामने आ खड़ा होगा । वो दिन उसके लिए कितनी खुशी का होगा । इतनी खुशियाँ […]

उपन्यास अंश

ममता की परीक्षा ( भाग – 63 )

धूल भरी सड़क में गड्ढों के बीच राह तलाशते हुए जमनादास की कार ने जब सुजानपुर में प्रवेश किया सूर्य भी अपने गंतव्य तक पहुँच चुके थे । दूर कहीं क्षितिज पर फैली हुई लाली शीघ्र ही आनेवाले अँधेरे का इशारा कर रही थी । अपने घर के सामने खटिये पर बैठी उदास नजरों से […]

उपन्यास अंश

ममता की परीक्षा ( भाग – 62 )

रामू काका के मुँह से सुजानपुर और फिर मास्टर सुनते ही जमनादास अधीरता से बंगले के मुख्य दरवाजे की तरफ भागा ! बाहर मुख्य दरवाजे के बगल में बने छोटे से दड़बेनुमा कक्ष में मास्टर रामकिशुन बैठे हुए थे । जमनादास को देखते ही मास्टर जो कि एक बेंच पर बैठे थे उठ खड़े हुए […]

उपन्यास अंश

ममता की परीक्षा ( भाग – 61 )

परबतिया के जाने के बाद साधना के होठों पर आई हुई मुस्कान ने एक बार फिर खामोशी की चादर ओढ़ ली थी । दिल में बेपनाह दर्द को समेटे हुए वह खामोशी से जुट गई रसोई में । बाबूजी को जल्दी भोजन करने की आदत थी । उसे खुद तो भूख नहीं लगी थी लेकिन […]

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ममता की परीक्षा ( भाग -60 )

सेठ अम्बादास अपने वादे के मुताबिक दूसरे दिन फिर आये थे । उनके साथ उनका लीगल एडवाइजर गुप्ताजी भी थे । सेठ शोभालाल के सामने उन्होंने अपनी सभी कंपनियों के 30 प्रतिशत शेयर शोभालाल व बृन्दादेवी तथा 30 प्रतिशत शेयर सुशीला के नाम करके आवश्यक कागजात तैयार करने के निर्देश दिए । काफी देर तक […]

उपन्यास अंश

भूमिका रामावतार की…भाग-1

भूमिका अर्थात आने वाली घटनाओं के लिए पृष्ठभूमि पूर्व से स्वतः ही बनने लगती है। गीता में भगवान कृष्ण ने कहा है कि जब-जब धरती पर अधर्म बढेगा तो किसी न किसी रूप में आकर मै धर्म की रक्षा करूँगा। भगवान विष्णु ने जब राम का अवतार लिया तो उसके लिए कितने ही श्रापों से […]

उपन्यास अंश

ममता की परीक्षा ( भाग -59 )

सेठ अम्बादास ने अपनी कहानी जारी रखी ! ” हमेशा की तरह इस बार भी हम छुट्टियाँ मनाने के लिए अमेरिका गए हुए थे । किसी आवश्यक कार्य की वजह से मैं जल्दी वापस आ गया था भारत अकेले । मेरी पत्नी और बेटी दोनों अपनी छुट्टियाँ कम नहीं करना चाहती थीं । दोनों वहीं […]

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ममता की परीक्षा ( भाग -58 )

नजदीक आकर सेठ शोभलाल ने एक विजयी मुस्कान बृन्दादेवी की तरफ उछाली और बड़ी खुश मुद्रा में उनकी बगल में जाकर बैठ गए । उन्हें खुश देखकर बृन्दादेवी की मुखमुद्रा भी मुस्कान युक्त हो गई । उसकी बगल में बैठते हुए सेठ शोभालाल बोले ,” आज तो लगता है मैं भगवान से स्वर्ग भी माँगता […]

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ममता की परीक्षा ( भाग -57 )

ममता की परीक्षा ( भाग – 57 ) सेठ शोभालाल डॉक्टर के कक्ष में चले गए थे उनसे अपनी योजना के मुताबिक बात करने । अब वहाँ अस्पताल की लॉबी में बृन्दादेवी के अलावा जमनादास ही अकेला बैठा हुआ था । जमनादास का युवा मन उन दोनों की बातें सुनकर खुद को धिक्कार रहा था […]

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ममता की परीक्षा ( भाग -56 )

ममता की परीक्षा ( भाग – 56 ) गोपाल की तंद्रा टूटी तो उसने अपने आपको अस्पताल के एक बिस्तर पर पड़े पाया । यह कोई स्पेशल वार्ड था जिसमें उसका इकलौता बेड लगा हुआ था और बगल में दवाईयों की मेज भी थी जिनपर कई तरह की दवाइयाँ भी रखी हुई थीं । नजदीक […]