Category : पद्य साहित्य

  • मेरा दोस्त

    मेरा दोस्त

    मय्यत सजी थी उसकी सब लोग रो रहे थे अश्कों से अपनी उसके कफ़न को धो रहे थे वह दोस्त था मेरा हमवतन हमनिवाला दिल रो रहा था मेरा लब मुस्काये जा रहे थे मुस्कान देख...

  • माँ

    माँ

    माँ तेरे आंचल की छांव में सदा सुख से रहा हूँ अक्सर रहूँगा हरदम ॥-॥ तूँ कहाँ है आज बताओ ना मुझे आकर तुझे देखे बिना दिल लगता नहीं॥-॥ मैं भूखा हूँ तेरे ममता का स्नेह...

  • ओ माँ

    ओ माँ

    ओ माँ ओ माँ इधर तो आओ मुझे कुछ कहना। मुझे तूने जिन्दगी दी है तेरे साथ है अब रहना। मेरी खुशी अब तेरी खुशी बन गई है यहाँ पर, अब तेरे पास रहकर मुझे तेरे...

  • “पिरामिड”

    “पिरामिड”

    मेरे पूरे परिवार के तरफ से आप के पूरे परिवार को पावन चैत्री नवरात्र व नववर्ष की हार्दिक बधाई सह मंगल शुभकामना…….. (1) माँ तेरा दर्शन जन जन अभिलाषी है शक्ति भक्ति न्यारी पधारो अनुपमा॥ (2)...

  • मुक्तक

    मुक्तक

    आज के दिन के सूर्योदय से ब्रह्मा जी ने सृष्टि की रचना प्रारम्भ की थी। आज के दिन सम्राट विक्रमादित्य ने राज्य स्थापित किया था इनके नाम पर ही विक्रमी संवत प्रारम्भ होता है। आज के...

  • देखो प्रिये !

    देखो प्रिये !

    मास चैत्र चला आया ,ताप सूर्य का दग्धाने लगा सूखे सरोवर औ तालाब ,खग पंछी लगे अकुलाने ताँक -झाँक करे वारि की ,दाने -दाने को सब तरसे चाँद आ गया आसमा में ,चाँदनी शीतलता देने  लगी...

  • कविता – दीपक

    कविता – दीपक

    एक दीपक जलाया है मैंने प्रेम का आशा का उम्मीदों का मिटाता रहेगा भीतर का अंधियारा तब तक जब तक है जिस्म में सांस कितने पथरीले,कँटीले हो जीवन के रास्ते साथ थामे तेरा जो दिखे प्रकाश...

  • “दोहा”

    “दोहा”

    आया मनवा झूमते, अपने अपने धाम गंगा जल यमुना जहाँ, वहीं सत्य श्रीराम॥-1 कोई उड़ता ही रहा, ले विमान आकाश कोई कहे उचित नहीं, बादल बदले प्रकाश॥-2 अपनी अपनी व्यथा है, अपने अपने राग कहीं प्रेम...


  • मैय्या-भजनमाला

    मैय्या-भजनमाला

    जय माता दी भजन-1. तर्ज़-(दे-दे जोगिया मैं तो यही वर चाहूं—–) शेरांवाली मां हमको तेरा ही सहारा तेरा ही सहारा हमको तेरा ही सहारा-शेरांवाली मां—- 1.तू है लाल चुनरिया वाली खुशियों की लाली देने वाली लालों-लाल...