Category : पद्य साहित्य


  • हाईकू

    हाईकू

    प्रीत मिलन मधुरमय बेला करे पुकार! नई उमंग मन मे है तरंग हुई मगन ! सुनी डगर निहारते सनम मिले कदम! लोग बेगाने बने इस तरह मिले सबक! अजनबी ये मन करता दुआ शुक्रिया तेरा? बिजया...


  • उठो आर्य

    उठो आर्य

    उठो आर्य के श्रेष्ठ मनुज, अपना अंतर्मन खोलो भारत के भवितव्य आज, अपने मुख से तो बोलो। तुम राम कृष्ण के वंशज , राणा प्रताप की शान हो, मां दुर्गा के शक्ति उपासक, सीता सावित्री के...





  • सुनहरी भोर बागों में

    सुनहरी भोर बागों में

    सुनहरी भोर बागों में, बिछाती ओस की बूँदें! नयन का नूर होती हैं, नवेली ओस की बूँदें! चपल भँवरों की कलियों से, चुहल पर मुग्ध सी होतीं मिला सुर गुनगुनाती हैं, सलोनी ओस की बूँदें! चितेरा...