Category : कुण्डली/छंद

  • घनाक्षरी (छंद)

    घनाक्षरी (छंद)

    हिन्दुओं की आस्था भी मखौल बनी भारत में । देख राजनीति का ये रंग रोष छा रहा ।। ईश्वर की मूरत को पत्थर बताए कोई । कोई पुष्ट भोजन गोमाँस को बता रहा ।। . धर्म...

  • दोहा (छंद)

    दोहा (छंद)

    १. तुलसी का बिरवा नहीं, दिखता आँगन माँहि ।     संस्क्‌ति, आस्था त्याग सब, नए दौर में जाहिं ।। २. नागफनी को रोप कर, मन में अति हरषाय । मन भी मरुथल हो गए, प्रेम...


  • कुण्डलियाँ

    कुण्डलियाँ

    कपिलों ने इस देश को, दिया बहुत कुछ यार एक कपिल मुनि हुए थे, जाने ये संसार जाने ये संसार, कपिल शर्मा को भइया एक कपिल मिश्रा, अब करते ता-ता थइया कह सुरेश वो कपिलवस्तु, कपिला,कपि...

  • कुण्डलिया छंद

    कुण्डलिया छंद

    सुन्दर काया कनक सी, नयन चलाते वाण हिरनी सी मोहक चपल, हो कैसे कल्याण हो कैसे कल्याण, हृदय घायल किये आज हुए सभी कंगाल, पड़ा बंद सारा काज पायल जब छम बजे, होए मूर्च्छित दुरन्दर कंगणा...

  • सार छन्द

    सार छन्द

    सार छंद ( 16 ,12 ) छन्न पकैया छन्न पकैया , ऐसे मेरे नाना रोज़ सवेरे पानी देते , और देते थे दाना छन्न पकैया छन्न पकैया , खुश होते थे नाना उड़ते हुए परिंदे आते...


  • कुंडलियां छंद

    कुंडलियां छंद

    1 – मोदी जी ने दे दिया, सबको यह पैगाम। लाल बत्तियाँ त्याग कर, करो देश हित काम। करो देश हित काम,अगर चाहो यश पाना। रहना है इस देश ,पड़ेगा हुक्म बजाना | बंद करो रोमांस...

  • बीजू के छक्के

    बीजू के छक्के

    दिल्ली वालों ने किया है कुछ पश्चात्ताप। कजरी को दे वोट जो किया गया था पाप॥ किया गया था पाप, विकास सब पीछे छूटा। नौटंकी नित नई देख दिल उनका टूटा॥ ‘बीजू’ कोई नहीं उड़ायेगा अब...

  • प्रार्थना

    प्रार्थना

    शारदे माँ ( मधुमालती छंद) माँ शारदे वरदान दो सद्बुद्धि दो संग ज्ञान दो मन में नहीं अभिमान हों अच्छे बुरे की पहचान दो । वाणी मधुर रसवान दो मैं मैं का न गुणगान हों बच्चे...