Category : कुण्डली/छंद

  • कुंडली- पगलाई दीदी

    कुंडली- पगलाई दीदी

    दीदी दौरा कर रही, और भरे हुंकार एक मंच पर आइए, गदहे,श्वान, सियार गदहे,श्वान, सियार, रहे जो हिंदूद्रोही बिल्ली के गठबंधन में शामिल हों वो ही कह सुरेश काटें मिल शेर, मने बकरीदी पीएम बनने की...

  • कुंडलियाँ छ्न्द

    कुंडलियाँ छ्न्द

      #आधुनिकता नैतिक मूल्यों को रखा, बड़े गर्व से ताक। खूब उड़ाई धूल में, संस्कारों की खाक। संस्कारों की खाक, धूसरित करती माया। चकाचौंध पुरजोर, आधुनिकता की छाया। “अनहद” दौड़ें दौड़, करें भी काम अनैतिक। रखें...

  • नारियाँ

    नारियाँ

    ममतामयी है रूप ,मातृशक्ति का स्वरूप, प्रेम नीर से जगत ,पखारती है नारियाँ । पीढ़ियाँ चला रही हैं, दीप नव जला रही हैं, मनुसृष्टि अंक ले दुलारती हैं नारियाँ । मातु कहीं ,नारि कहीं, भगिनी का...


  • “सरस्वती वंदना”

    “सरस्वती वंदना”

      नमामि मात शारदे, नमामि मात शारदे। विनाश काम क्रोध मोह लोभ मात मार दे। सदैव सत्य लेखनी लिखे डरे न सार दे। अनेक भाव शब्द और शुद्ध से विचार दे। उपासना करूँ प्रभात से बनी...


  • कुंडलिया

    कुंडलिया

    पाँखेँ ले उड़ती फिरूँ, छतरी है आकाश बेंड़ी मेरे पाँव में, फिर भी करू प्रयास फिर भी करूँ प्रयास, आस मन भरती रहती सकल वेदना भूल, तूल को अपना कहती रे गौतम नादान, दिखा मत विजयी...

  • कुंडलिया छन्द : लालू को जेल

    कुंडलिया छन्द : लालू को जेल

    चारा खाकर के चले, लालू भइया जेल रबड़ी भउजी सिसकतीं, कब तक होगी बेल कब तक होगी बेल,उधर तेजस्वी भइया पीकर ठर्रा आज,नाचते ता-ता थइया कह सुरेश मैंने भी माटी खाया यारा क्या माटी से ज्यादा...

  • कुंडली : हद कर दी आपने

    कुंडली : हद कर दी आपने

    बबुवा हारे अब तलक, ‘उन्तिस’ बार चुनाव चमचे फिर भी चहकते, जैसे ऊद बिलाव जैसे ऊद बिलाव, तनिक देखो बेशर्मी कहते ये चिल्लाय, ‘खतम मोदी की गर्मी’ कह सुरेश लतियाइ रहे हैं वोटर सारे फिर भी...

  • कुंडलियाँ छंद

    कुंडलियाँ छंद

    अपना भारत देश जो,लगे सुरक्षित आज। हर पल सेवारत् रहें,दृढ़ता से जांबाज। दृढ़ता से जांबाज,रहें जल-थल-अंबर में। तब जाकर सुख-चैन,प्राप्त करते हम घर में। कहता ‘कवि विकलांग’,यही मेरा है सपना। रहे सदा खुशहाल,देश में सैनिक अपना।।...