क्षणिका

6 क्रिकेटीय क्षणिकाएँ

1. क्रिकेटीय सुखाय वर्ल्डकप क्रिकेट से समय और धन दोनों की बर्बादी हुई, 2019 सेमीफाइनल में ‘टीम इंडिया’ की हार से ‘स्वान्त: सुखाय’ भी गई ! 2. 4 साला मेहनत सब कुछ खत्म हो गया ! चार साल की मेहनत और डेढ़ माह का इसतरह से अंत ! क्या वीरों के ऐसे ही होंगे, वसंत […]

क्षणिका

6 मगरूर क्षणिकाएँ

1.   मगरूर बहुत सुंदर हूँ मैं मगर दूर से… इश्क़ हूँ, कोई बुखार नहीं ! जो दवा से उतार लोगे तुम ! 2.   विशेष शुभकामनाएं ‘पोलियो प्रतिरक्षित दिवस’ पर प्रतिरक्षित व्यक्तियों को शुभकामनाएं और प्रभावित व्यक्तियों के प्रति भी, जिन्हें ज़िन्दगी में कुछ कर गुजरने की तमन्ना लिए हैं, उन्हें विशेष शुभकामनाएं ! […]

क्षणिका

हिंदी दिवस पर 5 क्षणिकाएँ

1.   सिर्फ तेरी सिर्फ़ तेरी इक हँसी ही, मेरे मुस्कराने की वजह है ! 2.   राष्ट्रभाषा दिवस रोमन लिपि में ‘हिंदी दिवस’ की शुभमंगलकामनाएँ ! ‘हिंदी दिवस’ क्यों ? ‘राष्ट्रभाषा दिवस’ क्यों नहीं ?   3.   अहिन्दीभाषी माननीय राष्ट्रपति या माननीय प्रधानमंत्री चाहे हिंदीभाषी हो या अहिन्दी भाषी कोई भी हिंदी को […]

क्षणिका

हिन्दी

        (1) हमारे देश में उल्टी गंगा खूब बहती है, हिन्दी दिवस की शुरूआत अंग्रेजी में उदबोधन के साथ होती है। (2) विद्यालय में हिन्दी दिवस भी बहुत उत्साह से मनाते हैं, हिन्दी दिवस पर भाषण प्रतियोगिता अंग्रेजी में कराते हैं। — सुधीर श्रीवास्तव

क्षणिका

ख्याल है तो ख्वाब है

नैनो को नैनों से बतियाने दो…, ख्वाबों को नींद में सो जाने दो…! नींद है तो सपने हैं…, ख्याल है तो ख्वाब है…, अर्धरात्रि की नीलिमा में…, मीठे सपने में खो जाने दो…!! — मनोज शाह ‘मानस’ 

क्षणिका

5 अत्यंत विशिष्ट क्षणिकाएँ

1.   नेता जिसे न शुद्ध-शुद्ध लिखने आये, न बोलने आवे, न सुकृत्य कर पाए, दरअसल यह अव्याकरणाचार्य नहीं, ‘नेता’ कहलाते हैं !   2.   पु और रूस क्या सभी पुल्लिंग ‘रूस’ में पैदा हुए हैं, क्योंकि इस शब्द का एक पर्यायवाची ‘पुरुष’ में पु माने पुल्लिंग और रुष माने रूस भी है ! […]

क्षणिका

5 मनपसंद क्षणिकाएँ

1.   मगर अगर ‘जनप्रतिनिधियों’ से तात्पर्य ‘जनसेवक’ या जन सेवा करने को लेकर है, तो अविवाहित ही एमपी, एमएलए हो या पंचायत प्रतिनिधि हो, ऐसा नियम बने ! 2.   मुख्यधारा स्वार्थ से परे ‘किन्नर’ बंधुओं को मुख्यधारा में लाकर और उन्हें ही जनप्रतिनिधि यान एमपी, एमएलए, एमएलसी या पंचायत प्रतिनिधि बनाए जाने चाहिए […]

क्षणिका

5 अनुरागिनी क्षणिकाएँ

1.   ठिकाना एक विवाहित स्त्री का कहीं ठिकाना यानी घर नहीं होती ! जब ससुराल में हो तो ननद से परेशान और मायके में हो तो भाभी से परेशान ?   2.   धोखा हमेशा से ‘चाँद’ सी प्रेमिका ने धोखा ही दी है, इसबार प्रेमी विक्रम और प्रज्ञान बकलम चंद्रयान टू को धोखा […]

क्षणिका

5 दर्दीली क्षणिकाएँ

1.   गरीब के पास धनियों के पास बड़ा टीवी और छोटी लाइब्रेरी होती है, जबकि गरीब के पास छोटा टीवी और बड़ी लाइब्रेरी होती है ! 2.   विनम्र श्रद्धांजलि ज़िंदगीभर अमीरों और हाईप्रोफाइल लोगों के लिए मुक़द्दमे लड़नेवाले ‘राम जेठमलानी’ की पुण्यतिथि पर उन्हें सादर नमन और विनम्र श्रद्धांजलि !   3.   […]

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5 अदाकारी क्षणिकाएँ

1.   अदाकार बेहतरीन अदाकार रितिक रोशन के पिताजी अभिनेता ‘राकेश रोशन’ के जन्मदिवस पर स्वस्थ और सानंद जीवन लिए शुभकामनाएं, हृदकामनाएँ !   2.   बल्ले-बल्ले आधी रात के बाद चाँद पर बल्ले-बल्ले चंद्रयान-2 के अंदर रहेंगे ‘प्रज्ञान’ और चाँद की धरती पर होंगे ‘विक्रम’ ! 3.   सादरांजलि ज़िम्बाब्वे के तीन दशक तक […]