Category : क्षणिका

  • पप्पू पास ना हो पाया

    पप्पू पास ना हो पाया

    मोदी लहर से बचने को गठबंधन था बनाया साइकिल पे सवार होकर सड़क भी पार न कर पाया इतना कर के भी कुछ ना हो पाया फिर भी मम्मी का पप्पू पास ना हो पाया

  • क्षणिका : सत्ता

    क्षणिका : सत्ता

    सत्ता ***** भूख, गरीबी और उत्पीड़न, मुद्दे तो हैं… पर छुपाए जाते हैं ! सत्ता के शतरंजी खेल में अब … नए मुद्दे बनाए जाते हैं ! ! अंजु गुप्ता


  • क्षणिका – बात मानो

    क्षणिका – बात मानो

    राम मंदिर बनाओ तुम्हें रोकता कौन है? बहती जल धारा को छेड़ता कौन है ? विपक्ष हो या पक्ष आपस में युद्ध करता कौन है ? सत्य के आगेसभी मौन हैं । — अनिल कुमार सोनी

  • क्षणिका

    क्षणिका

    हर हथेलियाँ जख्मी है हाथ आसमान से ऊँचे मीनारों के आगे फैले हुए क्या करे ? अब गरीबों को दूसरों की रोटी छीनने का सलीका भी तो नहीं आता अमित कु.अम्बष्ट ” आमिली “

  • मानवता

    मानवता

    क्षणिका : मानवता दबंगों के आगे, सब नतमस्तक ! अपराधियों से, मानवता भयभीत ! जीत के आये… गिरगिट और गुंडे लोकतंत्र की… कैसी ये जीत ? ? ? अंजु गुप्ता



  • कोहरा

    कोहरा

    जमीं से आसमान पर चढ़कर कोहरे की फितरत भी आदमी सी हो गई कल जिस सूरज ने फलक तक था पहुँचाया आज उसी को आंखे दिखाता है अमित कु.अम्बष्ट ” आमिली “