क्षणिका

क्षणिका

लोकतंत्र लाठी भी है गोली भी है पूछते हो लोकतंत्र कैसा है? गोरे अंग्रेजों का जैसा था काले अंग्रेजों का भी वैसा है हत्या भी है आत्महत्या भी भूख,लूट है छोटी बात पेट पे खाओ पीठ पे खाओ जीना मरना जैसा है।             जिंदगी चार कंधो के सहारे मुक्कमल होगी […]

क्षणिका पद्य साहित्य

क्षणिकाएँ

1. नाज़ुक टहनी ******* हम सपने बीनते रहे जो टूटकर गिरे थे आसमान की शाखों से जिसे बुनकर हम ओढ़ा आए थे आसमान को कभी ज़रा-सी धूप हवा पानी के वास्ते, आसमान की नाज़ुक टहनी सँभाल न सकी थी मेरे सपनों को। _______________________ 2. हदबन्दी ******* मन की हदबन्दी, ख़ुद की मैंने जिस्म की हदबन्दी, ज़माने […]

क्षणिका पद्य साहित्य

कुछ क्षणिकाएँ (8 क्षणिका) 

1. नाजुक टहनी ******* हम सपने बीनते रहे जो टूटकर गिरे थे आसमान की शाखों से जिसे बुनकर हम ओढ़ा आए थे आसमान को कभी ज़रा-सी धूप हवा पानी के वास्ते, आसमान की नाज़ुक टहनी सँभाल न सकी थी मेरे सपनों को। _______________________ 2. हदबन्दी ******* मन की हदबन्दी, ख़ुद की मैंने जिस्म की हदबन्दी, ज़माने […]

क्षणिका

शेर दूसरे का आहार नहीं छीनते

भारतीय जीवन बीमा निगम की 66वीं स्थापना दिवस पर ऐसे महत्त्वपूर्ण संस्थान को शुभमंगलकामनाएँ ! ××× कोई मनुष्य ‘शेर’ कैसे हो सकता है? शेर उसे कहते हैं, जो दूसरे का आहार नहीं छीने, लेकिन उन्होंने छिना ! ××× सत्ता के इर्दगिर्द रहने से ही समाजसेवा नहीं होती, हम कार्यकर्त्ता की तरह बाहर रहकर भी होती […]

क्षणिका

श्याम-घनश्याम

हिंदी फिल्म ‘तीसरी कसम’ के गीतकार और निर्माता स्व. शैलेन्द्र के जन्मदिवस पर सादर नमन ! ××× ज़िन्दगी सपनों के मुताबिक नहीं चलती ! ××× श्याम यानी साँवला या काला रंग को लोग कितने पसंद करते हैं, पता नहीं ? श्री श्याम-घनश्याम के जन्मदिवस पर सादर प्रणाम ! ××× क्या यह सच है, ‘भेड़िये’ यानी […]

क्षणिका

क्षणिका

पतझड़ का मौसम देता उल्लास आने वाला है मधुमास। अंजु गुप्ता ✍ ************” बरसों बरस/ जो “शिला” सम/ थी पितृसत्ता की जड़कन में/ आज उसी नारी को / है अपना अस्तित्व / तराशते देखा । अंजु गुप्ता ✍

क्षणिका

क्षणिकाएं

अरमान अधूरे दिल में रहे/ दीदार को दिल यह तरसा है/ सुलगी हूं फिर मैं विरह में / और… आंखों से सावन बरसा है! अंजु गुप्ता ✍🏻 ********* बारिश बाट निहारे, बैठी विरहन लिये ख्वाब अधूरे रोती है ! शिकवा कर बतलाये किसको आँखों से बारिश भी होती है !! अंजु गुप्ता