Category : क्षणिका

  • पांच क्षणिकाएं

    पांच क्षणिकाएं

    01- वे- राष्ट्र भाषा के सच्चे प्रचारक हैं इसीलिए अपने बच्चों को कान्वेंट से लेकर आ रहे हैं। 02- उनका प्रतिपल साया सा साथ रहा इसीलिए हिन्दी के प्रचार -प्रसार में कागजों तक हाथ रहा। 03-...

  • हिंदी हैं हम!

    हिंदी हैं हम!

    १. हर तरफ हमारी हिन्दी धूम मचाकर छू रही है बुलंद आसमान दूसरी ओर देश का दुर्भाग्य देखें आज भी कई हिंदुस्तानी हैं हिन्दी भाषा से बिलकुल अनजान। २. बोलीवुड ने अपनी फ़िल्मों की बदौलत हिन्दी...

  • क्षणिकाएँ

    क्षणिकाएँ

    क्षणिकाएँ १ . लीची और भूख सत्ताओं का निर्बल से सदा यही व्यवहार जैसे लीची भूखे को हिं करती है बीमार ।। २ . चमकी लीची बता रही भइया जीव जीभ का रेट भरे पेट को...

  • क्षणिकायें

    क्षणिकायें

    क्रोध क्रोध जितना भी आप करेंगे श्रीमान इससे होगा खुद का नुकसान अतः भीतर के क्रोध को बाहर न आने दें उसे भीतर ही खत्म कर दो। आत्मीयता मन के भीतर यदि भरा हुआ हो छल...

  • अड़ियल रवैया

    अड़ियल रवैया

    इस बार वर्ल्ड कप में, गिल्लियों का रवैया बदला हुआ दिखा, स्टम्प्स से टकराई गेंद, लेकिन गिरी नहीं गिल्ली, लगातार पांचवे मैच में गिल्लियों ने, फिर से दिया धोखा, प्लास्टिक की हल्की गिल्लियों का, दावा निकला...



  • जाओ पहले आप सुधर लो

    जाओ पहले आप सुधर लो

    बेटा टाॅफी मत खा दाँत गल जाएंगे झड़ जाएंगे सड़ जाएंगे दर्द होगा कीड़ा लग जाएगा मुझे भी दुख होगा। बेटा तिलमिलाया बोला, अंकल आप ठीक कहते हो मुझे शिक्षा देते हो मगर भूल जाते हो...

  • राजनीति

    राजनीति

    कल के मौसम आज के मौसम में अन्तर है और कल भी होगा जब मांगने वाले की देने वाले की परिभाषा बदल जायेगी नीति और नियत भी यही चुनाव है या कहूं राजनीति। — शशांक मिश्र...

  • क्षणिकाएं: आपकी-हमारी

    क्षणिकाएं: आपकी-हमारी

    क्षणिका- 1 होली के हुड़दंग में घुले, उल्लास और उमंग। वैर-भाव की जलायें होली, हर आंगन बिखरे प्रेम-रंग। द्वेष जलायें, स्नेह लुटायें, बहे प्रेमरस-धारा, सौंधी मिट्टी की खुशबू में सजे नवरंग-पिटारा। बेरंग-गमगीन जिंदगी में आये हर्ष-उजियारा,...