Category : क्षणिका

  • क्षणिकायें…

    क्षणिकायें…

    १-प्यार की कहानी रूबरू मिलना होता नहीं ज़रूरी बिना मिले ही प्यार की कहानी हो जाती है पूरी २-व्यथा पढ़ते रहे एक दूसरी की कथा पर एक जैसी होती है सबकी व्यथा ३-अश्क़ तेरी आँखों से...

  • क्षणिकायें

    क्षणिकायें

    १-बात तुमसे मेरी बात हुई थी जब मैं और तुम चुप हो गए थे २-दरकिनार कही तुझसे दरकिनार न हो जाऊँ सिर्फ मैं तेरा इंतज़ार न हो जाऊँ ३-मित्र हर महफ़िल में मैं तेरा ही जिक्र...


  • क्षणिकायें..

    क्षणिकायें..

    क्षणिकायें.. १- कौन सोचता है तेरे प्यार में जीने लगा हूँ जान देने की कौन सोचता है तेरे प्यार की झील में तैरने लगा हूँ डूबने की कौन सोचता है २- उन्हें उन्हें आता नहीं है...

  • यादें

    यादें

    पंछी गाते गीत लहरें सुनाती संगीत तपती धूप में यादों के बादल दे रहे छांव नरम नरम घास सहला देती पांव

  • क्षणिकायें…

    क्षणिकायें…

    1-क्या तुम…. क्या तुम मृगतृष्णा हो या माया हो या आईने के भीतर की कभी न पकड़ आनेवाली छाया हो 2-खलिश….. जाते जाते छोड़ जाते हो सीने में खलिश तब घेर लेता है मुझे इश्क़ का...


  • क्षणिकायें…

    क्षणिकायें…

    क्षणिकायें… 1-मुझे छेड़ो मैं साज हूँ सुनो एकांत में मैं तुम्हारे ही दिल की आवाज हूँ   2-मन रोज लिखता है अपनी आत्म कथा लिख लिख कर मिटाना चाहता हैं अपनी कहानी से वह अपना दर्द...

  • क्षणिकायें…

    क्षणिकायें…

    1-खुशी रास्ते में मिले पेड़ नदी और सागर लेकिन खुश हुआ एक दिन मैं तुम्हें पाकर   2-रास्ता मेरा सिर्फ तुझसे है वास्ता तेरी और ही जाता है मेरा हर रास्ता   3-हीरा तेरे नूर से...