क्षणिका

क्षणिकाएं

1- निशाने पर उसी शहर उसी गली उसी मोड़ उसी ठिकाने पर हूँ मैं तेरी घायल कर देने वाली निगाहों के निशाने पर हूँ मैं २- तन्हाई नहीं है तेरे सिवा मेरा कोई तू ही तो है मेरी तन्हाई 3-हुस्न तेरे प्यार की ख़ुश्बू से महकने लगा हूँ तेरे हुस्न की आंच से दहकने लगा […]

क्षणिका

क्षणिकाएं

1-तुम लौ हो मैं हूँ बाती एक दीया प्यार का यूँ ही सदा जलता रहे २-दिन किसी न किसी दिन तो तुम अपने दिल की बात मुझसे कहोगे उस दिन के इंतज़ार में जिए जा रहा हूँ ३-ख़ामोशी तेरी ख़ामोशी के सहारे ही जी लेंगे यह सोच कर कि तुमने बहुत कुछ मन ही मन […]

क्षणिका

क्षणिकायें…

१-प्यार की कहानी रूबरू मिलना होता नहीं ज़रूरी बिना मिले ही प्यार की कहानी हो जाती है पूरी २-व्यथा पढ़ते रहे एक दूसरी की कथा पर एक जैसी होती है सबकी व्यथा ३-अश्क़ तेरी आँखों से भी मेरे लिए कभी कभी आंसूं बहते होंगे यह सोचकर मेरे अश्क भी तेरे दर्द को और सहते होंगें […]

क्षणिका

क्षणिकायें

१-बात तुमसे मेरी बात हुई थी जब मैं और तुम चुप हो गए थे २-दरकिनार कही तुझसे दरकिनार न हो जाऊँ सिर्फ मैं तेरा इंतज़ार न हो जाऊँ ३-मित्र हर महफ़िल में मैं तेरा ही जिक्र करता हूँ बस तुझ एक को ही अपना मित्र कहता हूँ ४-तस्वीर तेरी तस्वीर को देखते हुये गया समय […]

क्षणिका

क्षणिकायें

१- ख्याल बीत गए सालो साल गया नहीं मन से तेरा ख्याल २- रूप छाँव हो या धूप हर जगह दिखलाई देता है मुझे तेरा ही रूप ३-करीब नहीं रहेगा जब यह शरीर तब भी तुम रहोगे मेरे मन के करीब ४-रास्ता मंजिल नहीं थी ज्यादा दूर तभी अचानक उनका रास्ता गया मुड ५-चित्र मेरा […]

क्षणिका

क्षणिकायें..

क्षणिकायें.. १- कौन सोचता है तेरे प्यार में जीने लगा हूँ जान देने की कौन सोचता है तेरे प्यार की झील में तैरने लगा हूँ डूबने की कौन सोचता है २- उन्हें उन्हें आता नहीं है प्यार जताना आता है तो चुप रह कर सिर्फ तड़फ़ाना ३- मुलाकात हर मुलाकात को आखरी मान कर मिला […]

क्षणिका

क्षणिकायें…

1-क्या तुम…. क्या तुम मृगतृष्णा हो या माया हो या आईने के भीतर की कभी न पकड़ आनेवाली छाया हो 2-खलिश….. जाते जाते छोड़ जाते हो सीने में खलिश तब घेर लेता है मुझे इश्क़ का आतिश (खलिश =चुभन ,आतिश =अग्नि ) 3-लब… होता होगा कुछ तो मतलब जिसे कह नहीं पाये आज तक तेरे […]