Category : गीत/नवगीत

  • अंगार सुनाता हूँ!!

    अंगार सुनाता हूँ!!

    मैंने भी श्यामल ज़ुल्फों में, अपनी शाम गुजारी है मैंने भी रस भरे लबों पर, अपनी ग़ज़लें वारी हैं मैं भी तो गोदी में रखकर, सिर को अपने सोया हूँ झीलों-से गहरे नैनों में, मीठी नींदें...

  • गीत

    गीत

    ये चूड़ियाँ वाला इस उम्र में कड़ी मेहनत करता है तीज़-त्योहारों में बहू-बेटियों के खुशी पल भरता है| बेटे तो पढ़ा-लिखा गृहस्थी में खो गये लगता है ये बेचारा पेट की खातिर राह बैठ निकलता है|...

  • पिया मिलन

    पिया मिलन

    आओ सखियो मेरा करो श्रृंगार तुम, पिया मिलन की रुत आयी है ।। आज नहीं रोकना मुझे, आज नहीं कहना कुछ मुझे । आज है आयी घड़ी मिलन की, आज है वो शुभ दिन आया ।...

  • हम मनुज हैं

    हम मनुज हैं

    हम मनुज हैं मनुज का सहारा बनें। डरे डूबे हुओं का किनारा बनें। नर से नारायण बनकर हम सेवा करें। दीन दुखियों के दुख को हम दूर करें। जल बन कर मरुस्थल में बिखरते रहें। उर...



  • शब्द-दीप

    शब्द-दीप

    जग मुझसे अंधियारा पूछे, मैं शब्दों के दीप जलाऊँ भूल चुके जो राह के पत्थर, मैं उनका साथी बन जाऊँ। मेरे हर दीपक की आभा, अंतर का तम हर जाएगी हार खड़ी होगी जो सम्मुख, आशाओं...

  • नारी

    नारी

    नारी ममता माया कस बल , यह बात भुलाओगे कैसे नारी सृष्टि की ध्रुआ शक्ति , यह बात भुलाओगे कैसे | तन मन धन से अर्पित हो जो , तुममें साहस जाग्रत करती, अपना सर्वस्व लुटा...