गीत/नवगीत पद्य साहित्य

क्यों खोजे महल दुमहले

क्यों खोजे महल दुमहले तू, क्या जाने कब तक डेरा है। इस आनी जानी दुनिया में, है जितना भी बहुतेरा है। चहुँ ओर लिए पिंजरे पिंजरे, सैयाद फिरे बिखरे बिखरे, पंखों में भर विश्वास तू उड़, ये नील गगन बहुतेरा है। कोई क्यों साथ भला देगा, जितना देगा दुगना लेगा, क्यों जोहे बाट तू औरों […]

गीत/नवगीत पद्य साहित्य

मन के दर्पण

अधरों को अपने खोल ज़रा। मन के दर्पण कुछ बोल ज़रा। चुप्पी ज्यादा बढ़ जाए न, ज़िद्द के ताले जड़ जाएँ न, जींवन छोटा पड़ जाए न, तू खुद ही खुद को तोल ज़रा। मन के दर्पण कुछ बोल ज़रा। दूजों से हँस कर मिलता है, हर कहे पे उनके चलता है, पर तुझे ज़हर […]

गीत/नवगीत पद्य साहित्य

कंठ तब होता मुखर है

कंठ तब होता मुखर है। भाव जब होता प्रखर है। भीतर बवंडर डोलता है, और हृदय ये बोलता है, टीस हर अपनी छुपा ले, सिसकियां गहरी दबा ले, वेदना आँखों से बहती, बांध तोड़ तोड़ कहती, उंगलियों के बीच अब तू, ले कलम यूँ खींच अब तू, अश्रुओं को दे के वाणी, अब सुना भी […]

गीत/नवगीत

गीत- कुछ कह दें …

अगर तुम साथ दो तो, हम बात कुछ कह दें कदम-दर-कदम चलो मिल, राह कुछ कह दें हमारे दिन हमारी रात और संगदिल इच्छाएं बसा दे प्रेम की नगरी, तो बात कुछ कह दें । अगर तुम साथ दो तो, हम बात कुछ कह दें ।। रहोगे तुम हमसे दूर, जो भर पूर मद में […]

गीत/नवगीत

हम तेरे नाम हैं

गीत शीर्षक – हम तेरे नाम हैं तुम भी बदनाम हो, हम भी बदनाम हैं इश्क की डगर में, सरेआम हैं । एनंटिंरोमिओ लगे या, धारा कोई हम तेरे नाम हैं तुम मेरे नाम हो । प्यार बढ़ता रहे, बढ़ते बढ़ते यूँ ही छोड़ जाना ना तुम, मुझको यूँ कहीं । यादों में दिलों, रहती […]

गीत/नवगीत

गीत – हिन्दी के लिए”

भारत माँ के भाल की बिन्दी,हिन्दी की पहचान रे!बिन हिन्दी के सूना लागे,मेरा हिन्दुस्तान रे, मेरा हिन्दुस्तान। सूर-मीरा-रसखान का कान्हा,नैन नीर बहाता,कैसे कर जशोदा के धरता,कैसे माखन खाता?पुनीत संस्कृति बिन तुलसी के,झुलस-झुलस रह जाती,जनकसुता जब अपने मुख सेराम का नाम बताती,हिन्दी में. रहमान का अल्लाह,हिन्दू का भगवान रे!बिन हिन्दी के सूना लागे… मंदिर-मसजिद के रखवालो,मस्त […]

गीत/नवगीत

जितना पूजा पाठ कीजिये, माला जपिये नाम की

जितना पूजा पाठ कीजिये, माला जपिये नाम की। जब तक मन में द्वेष रहेगा, भाव भक्ति किस काम की।। तन पर संतों वाला चोला, भौतिकता पसरी मन में। मानव होकर मानवता का, काम किया क्या जीवन में।। मन में चाहत रंगीनी की, मुख चर्चा ब्रज धाम की… जब तक मन में द्वेष रहेगा, भाव भक्ति […]

कविता गीत/नवगीत बाल कविता हाइकु/सेदोका

जन्मदिवस काव्य-रचनाएं: आपकी-हमारी

(जन्मदिन-हाइकु) मुबारक हो जन्मदिन की वेला मंगल मेला. -गुरमेल भमरा मुबारक हो! (गीत) जिंदगी के गुल्लक में, नया साल मुबारक हो! सूरज की किरणें, रब दी मेहर, मुबारक हो! जिंदगी की नेमतें, बेमिसाल, मुबारक हो! खुद से मुलाकातें, हर पल, मुबारक हो! जन्मदिन तुम्हारा, खुशियों का पिटारा, मुबारक हो! दुआओं में भीगा तन, मन न्यारा, […]

गीत/नवगीत

ढाक के तीन पात

कोशिशें बहुत करीं पर ,कुंभकरण जागे नही ।अंत में परिणाम आया ,ढाक के बस तीन पात। देकर के आसरा हर बार वो टरकाते रहे ।तब भी हम ऊसर में बीज नित बहाते रहे।भैंसो के आगे हम बीन भी बजाते रहे ।बहरों के आगे हम मेघ राग गाते रहे । फिर हमने जाना बाँझ ,जाने क्या […]

गीत/नवगीत बाल कविता

साक्षरता: कुछ काव्य-रचनाएं

(विश्व साक्षरता दिवस पर विशेष) 1 .साक्षरता का सूर्य (गीत) कैसे हो कल्याण देश का जब विद्या का दीप न दमके कैसे हो तम नाश कि जब तक साक्षरता का सूर्य न चमके साक्षरता के शुभ संबल से, जीवन सार्थक हो सकता है, अक्षयज्ञान-निधि से सबको, सुदृढ़ सहारा मिल सकता है. जिसको अक्षर-ज्ञान नहीं है, […]