Category : गीत/नवगीत


  • गीत – बॉलीवुड में भांड भरे हैं

    गीत – बॉलीवुड में भांड भरे हैं

    बॉलीवुड में भांड भरे है,, नीयत सबकी काली है.. इतिहासों को बदल रहे,, संजय लीला भंसाली है.. : चालीस युद्ध जितने वाले को ना वीर बताया था..संजय तुमने बाजीराव को बस आशिक़ दर्शाया था.. : सहनशीलता...



  • समकालीन गीत

    समकालीन गीत

    धुंध हो गया सारा जीवन,कुछ भी नज़र नहीं आता ! आशाएं अब रोज़ सिसकतीं,कुछ भी नज़र नहीं आता !! बाहर भी है,अंदर भी है, सभी जगह कोहरा छाया न तुम सुधरे,न हम सुधरे, कुछ भी संवर...

  • “गीत, राधेश्यामी छंद”

    “गीत, राधेश्यामी छंद”

    माना की तुम बहुत बली हो, उड़े है धुँआ अंगार नहीं नौ मन लादे बरछी भाला, वीरों का यह श्रृंगार नहीं एक धनुष थी वाण एक था, वह अर्जुन का गांडीव था परछाई से लिया निशाना,...

  • अजब हमारा जीवन है

    अजब हमारा जीवन है

    पवन-हिंडोला, शर की शैय्या, अजब हमारा जीवन है। खुशबू-सुंदरता के पुजारी, कोमल अपना तन-मन है॥ सब पूछें हम कितने सुखी हैं, हम सुख ढूंढते रहते हैं। कांटों वाली डाली पर भी, हरदम हंसते रहते हैं॥

  • हमको डाल पर रहने दो

    हमको डाल पर रहने दो

    सुमन हमारा नाम सजीला अच्छा मन हम रखते हैं। हमको चाहे कोई ले-ले, खुशबू बांटते रहते हैं॥ हम कोमल हैं बच्चों जैसे, हाथ लगाने से झर जाते, हमको कोमल रहने दो। हाथ लगाने से झर जाते,...


  • “गीत” 

    “गीत” 

    बिटिया बैठी है डोली ससुराल की आए सज के बाराती खुशहाल की……. कभी बिंदियाँ हँसे कभी मेंहदी खिले कभी नयना झरे कभी सखियाँ मिले ताकी झांकी रे होली सु-गुलाल की बिटिया बैठी है डोली ससुराल की…….....