Category : गीत/नवगीत


  • अभिनंदन

    अभिनंदन

    मस्तक पर खुशियों का चंदन करें कर्म औ’ श्रम का वंदन आशाओं को करें बलवती, कुंठाओं का रोकें क्रंदन आगत का नित है अभिनंदन । कटुताओं को याद करें ना आंसू बनकर और झरें ना मायूसी...

  • व्यंग्य गीत –  हउदी मोदी

    व्यंग्य गीत – हउदी मोदी

    अमरीका मा “हउदी मोदी” कितना स्वागत भवा अपार. मोदी-मोदी कहि चिल्लाने आये लोग पचास हज़ार. ट्रंप कहिन-हम अपने घर मा जलवा देखेन आज तुम्हार. समझ गएन हम तुमहीं ते अब होई बेड़ा पार हमार. हाथ पकरि...

  • कब से झील नहीं सोई है!

    कब से झील नहीं सोई है!

    आँखों में बारूदी सपने सपनों में हिंसा बोई है। कब से झील नहीं सोई है! यहीं शिकारा अपना भी था यहीं कभी बजरे चलते थे और शरद की रातों में हम पश्मीने ओढ़े फिरते थे बरसों...

  • उमंगों का महावर

    उमंगों का महावर

    तेरे पैर से ढुलकी द्वार पर, अक्षत भरी गागर, तेरे कदमों संग घर में आया, उमंगों का महावर। अब भी तेरी आमद का वो पल, प्रिये मुझे याद है, तब से ही तो खुशियों से मेरा,...

  • करवा चौथ मनाऊंगा

    करवा चौथ मनाऊंगा

    करवा चौथ मनाऊंगा , मैं गीत प्यार के गाऊंगा । मैं भी तो अपनी सजनी के , खूब लाड़ लडॉऊंगा ।। करवा चौथ मनाऊंगा …… जब जब उसको देखता हुँ , मन खुश हो जाता मेरा...


  • गीत  

    गीत  

    सरहद पर रावण खिसियाया, तुम व्यस्त   यहाँ अगवानी में। थैली – माला   लिए  खड़े हो , मक्खन  सँग    रजधानी  में।। एक   ओर  प्लास्टिकबन्दी है, उधर   सुलगता   है    बारूद। इधर...

  • हिंदी की बिंदी

    हिंदी की बिंदी

    हिंदी की बिंदी लगे बिना, पूरा श्रृंगार नही होगा। बिन हिंदी के भारत कभी वैभवसम्पन्न नही होगा। अंग्रेजियत को दूर करो, निज भाषा को अपनाओ, स्वाभिमान से उठो भरत पुत्र, हिंदी को अपनाओ। परतन्त्रता को दूर...

  • दो दिन तक

    दो दिन तक

    मानव का अभिमान रहेगा दो दिन तक गौरव गरिमा मान रहेगा दो दिन तक वैभव का उन्माद, धरा रह जाता है प्रियतम से सम्वाद, धरा रह जाता  है सारा वाद विवाद धरा रह जाता है सुयश...