Category : गीत/नवगीत

  • नींव

    नींव

    अगर इमारत ऊँची करनी गहरी नींव बनाओ तुम । लेकर सीख यही पेड़ों से, श्रद्धा से जुट जाओ तुम ।।१।। लक्ष्य बनें जीवन का ऊँचा , और ध्येय बन सके महान। धीर और गंभीर बनें हम,...

  • यदा यदा हि धर्मस्य

    यदा यदा हि धर्मस्य

    यदा यदा हि धर्मस्य फिर चरितार्थ होना चाहिए इस धरा पर श्री कृष्ण का अवतार होना चाहिए पाप अत्याचार से फिर भरने लगें है घड़े भ्रष्टाचारी दानव ने खोखलीं कर दी जड़ें पापियों का अब फिर...

  • मधुगीति

    मधुगीति

    उत्ताल ताल आकाश में आच्छादित है, मधुर वायु अधर का स्पर्श लिये आई है; अग्नि त्रिकोणीय आभा ले दीप्तिमान हुई है, जल हर जलज की प्राण-प्रतिष्ठा में लगा है ! धरा पर सब उनके साये में...


  • छन्द मुक्त गीत

    छन्द मुक्त गीत

    पनघट पर नित नन्द का छौना मोहे छेड़ के जावै री मार कंकरिया मटकी फोरि, वो तो खूब सतावै री ।। बीच बजरिया अँखिया मारे ,पकड़ कलइया मोरी बनता कैसा ढीट तनिक भी नही लजावै री...




  • दोहा गीत – कश्मीर

    दोहा गीत – कश्मीर

    चलो चलें कश्मीर में, जहां देवता वास। रक्षाबंधन ईद का जश्न मनाएं खास। सत्तर सालों से यहां, पनपा था आतंक। ओछी चालें चल रहे, मार रहे थे डंक। जम्मू अरु कश्मीर का,रोका खास विकास। चलो चलें...