Category : गीत/नवगीत


  • शांति का वास

    शांति का वास

    कोई समुद्र तट पर, इक शंख ढूंढता है, हलचल भरे इस जग में, शांति को ढूंढता है. थोड़ा-सा प्रयास करके, शंख को पा लिया है उसने, शांति मिली यहीं पर, माना है ऐसा उसने. मारा किसी...

  • “आया मधुमास”

    “आया मधुमास”

    फागुन की फागुनिया लेकर, आया मधुमास! पेड़ों पर कोपलियाँ लेकर, आया मधुमास!! धूल उड़ाती पछुआ चलती, जिउरा लेत हिलोर, देख खेत में सरसों खिलती, नाचे मन का मोर, फूलों में पंखुड़िया लेकर, आया मधुमास! पेड़ों पर...

  • आया बसन्त

    आया बसन्त

    आया बसन्त आया बसन्त। फूल खिल गये अनन्त।। चहुँ और गन्ध बरषने लगी मन की क्यारी महकने लगी, पुष्प गन्ध हो अनन्त। आया बसन्त आया – – – – – मनुष्य मन हो हर्षित मनुष्य तन...


  • मुरझाएं आनन सुमन बने

    मुरझाएं आनन सुमन बने

    मुरझाएं आनन सुमन बने अबके वसंत ऐसे आना। हर आँगन में उल्लास मने अबके वसंत ऐसे आना।। सब ठूठ हुई उम्मीदों को आशाओं की कोपल देना। जो भूल चुका अपना जीवन उस जीवन को जीवन देना।।...

  • कहीं भूख से बेदम बचपन

    कहीं भूख से बेदम बचपन

    कहीं भूख से बेदम बचपन कहीं जश्न में छलके प्याले। पत्थर होते इंसानों को इंसा करदे ऊपर वाले।। चकाचौंध वालों को दिखता काश ज़माने में फैला तम। काश हमें अपने से लगते औरों के दुख औरों...



  • गीत

    गीत

    अच्छे हैं इंसान यहां सब किसीको कम ना आँको तुम औरों को बुरा कहने से पहले ज़रा खुद में झाँको तुम हालात बना देते हैं होता जन्म से बुरा कोई नहीं कौन सी ऐसी आँख है...