Category : गीत/नवगीत


  • गीत

    गीत

    भले नहीं ईश्वर को मानें पर्व न उसके मानें महापर्व जो लोकतंत्र का इसकी महता जानें। नीति बनाने वाले हों वे जो खुद इस पर चलते ऐसे लोगों को चुनने के स्वप्न रहें बस पलते भेद-भाव...


  • मतदान  करें, मतदान  करें

    मतदान  करें, मतदान  करें

    मतदान  करें   मतदान  करें। खुद को साबित कप्तान करें। इक शुरू नया अभियान करें। बेकार   करें    मत  घर   बैठे, मत का मत यूँ  अपमान करें। मतदान   करें   मतदान  करें। लोकतन्त्र  यदि  प्यारा  है तो, जमकर के...

  • गीत

    गीत

    ये चूड़ियाँ वाला इस उम्र में कड़ी मेहनत करता है तीज़-त्योहारों में बहू-बेटियों के खुशी पल भरता है| बेटे तो पढ़ा-लिखा गृहस्थी में खो गये लगता है ये बेचारा पेट की खातिर राह बैठ निकलता है|...

  • लावणी छंद – नारी की व्यथा

    लावणी छंद – नारी की व्यथा

    तनी अँगुलियाँ चढ़ी भृकुटियां, अरु तानों को सहती थी। बहुत सोचती प्रति उत्तर दूं, किंतु मौन ही रहती थी। संस्कार से बंधा हुआ मन, लोक लाज से नैन भरे। किंतु रहे कुत्सित जग वाले, करुण हृदय...

  • किस बात की खुमारी

    किस बात की खुमारी

    बुलबुला है ओस का,ये जिंदगी तुम्हारी। किस बात है गर्व, किस बात की खुमारी। टपका था रात में एक नूर धरती पर, चांदी सा चमका था हीरे का एक कण। चल पड़ी पुरवाई देखी थी बेकरारी।...