Category : गीत/नवगीत

  • गीत

    गीत

    इन अश्कों को सियाही मैं आज कर डालूँ , चलो इस दिल को ही अब क़लम कर लूँ । जुबां अल्फ़ाज़ रख जो बयाँ कर नही पाती, वो हाल-ए-दिल मेरा तुमसे ए सनम कह लूँ ।।...


  • साँसें हुई बहुत प्रतिक्षा रत हैं…

    साँसें हुई बहुत प्रतिक्षा रत हैं…

    साँसे बहुत प्रतिक्षा रत हैं बाहें उत्सुक आलिंगन को प्रेम दीप आलोकित करके मन अभिलाषित मधुर मिलन को स्वप्न सजाए कब से आँखें राह निहार रही हैं प्रियतम मिलने को अभिलाषित धडकन तुम्हें पुकार रही हैं...






  • मेरी माँ

    मेरी माँ

    मेरी माँ , प्यारी माँ , खूब सलोनी मेरी माँ ! बहुत-बहुत दुलार वह करती , रोज प्यार से मुझे खिलाती , व्यर्थ नहीं वह गुस्सा करती , कभी न मुझको डाँट पिलाती ! मेरी माँ...