गीत/नवगीत

उठो राम के वंशज

उठो राम के वंशज,  तुमको देश पुकार रहा । जयचंदो की संतानों से थर थर देश कांप रहा।  कल्कि का अवतार धर  युगपुरुष तुमको पुकार रहा।  एक अकेला मोदी,  शेर की  तरह दहाड़ रहा।  महापुरुषों के बलिदानो का  कुछ तो अभिमान करो । वीर शहीदों के खून का  ना तुम अपमान करो । उठो राम […]

गीत/नवगीत

है नमन उनको

मार सको तो मार के  आना  वरना  तिरंगे में आना, देती  हूँ  आशीष  तुम्हें  तुम मान  हमारा  रख लेना, और सुनो जब याद तुम्हे इस  गाँव घरौंदे की  आए, झुक कर पावन माटी को  अपने  भाल  लगा लेना, मार सको ……….. कैसी  हैं  ये  क्षत्राणी  और  कैसा  इनका  जज्बा है, कैसे लाल को जनम दिया […]

गीत/नवगीत

गीत

सूख चुके अधरों से ,मधुर गीत क्या गाऊँ ?काल नग्न नाच रहा ,शोक है , विलाप है । हर तरफ से सिर्फ शोक समाचार मिलते हैं।सूरज के साथ रोज मृत्युदूत खिलते हैं ।किसको मैं ढाँढस दूँ, किसको मैं समझाऊँ,जगती भयभीत हुई कैसा अभिशाप है ?सूख चुके अधरोंं………. गाँव-गाँव नगर-नगर हाय करुण क्रंदन है ।रौंद रहाँ […]

गीत/नवगीत

गीत

जिसे बसंती उपवन समझा, वो तो निकला मरुथल कानन ।कीकर ,नागफनी, काँटे हैं, नजरों की सीमा तक निर्जन । मैं प्यासे मृग जैसा भागा ।जानें कितनी रातें जागा।ठगा गया मैं मृगतृष्णा में ,हाय समय तू ! बीत अभागा! कैसी गणना की थी मैंने ? ,जेठ बन गया मेरा सावन ।कीकर ,नागफनी,…………………………… क्यों मेरे पैरों में […]

गीत/नवगीत

प्रणय वर्तिका जलती है

मुझे पता था तू है मेरा        तुझसे साँसें चलती है। इन दो नैनों के दीपों में        प्रणय वर्तिका जलती है। सन्ध्या से ले भोर तलक मैं                पंथ निहारूँ तेरा ही । पारिजात के पुष्प झरें जब             […]

गीत/नवगीत

गीत – जब आना तो खुद पढ़ लेना

याद तुम्हारी आई मुझको एक गीत लिख दिया पत्र सा मगर तबीयत ठीक नहीं है वरना अभी पोस्ट कर देताजब आना तो ख़ुद पढ़ लेना जो जब आया याद, लिख दिया क्रम पर ध्यान नहीं दे पाया अभी तबीयत गड़बड़ है ना क्रम भी गड़बड़ हो सकता है तुम अपने ढंग से गढ़ लेना पत्र […]

गीत/नवगीत

रंग ही रंग

देखा जो तुमने हुआ यह असर रंग ही रंग फ़िजा में गये बिखर। कुछ गुलाबी नीले लाल पीले चाहत के रंग ही रंग सपनीले जैसे इंद्रधनुष में लग गया हो शर छटाएँ हुलसकर जाए निखर। मन के उत्तुंग शिखर से निकली प्रेम पारावार संग मिलने चली स्वप्न सरिता बही उछल उछलकर कुछ दूधिया, कुछ मूंगिया […]

गीत/नवगीत

ये जीवन ना मुझको पाना है

तारों में माँ रहने दो मुझको मुझको अब न जमीं पर आना है इस दुनियाँ में मेरी कद्र न रही ये जीवन ना मुझको पाना है, जब तक ये जुल्मों सितम सहूँगी तब तक रहेगा जीवन विराना तेरी कोख में गर आ भी गयी तुमको पड़ेगा मुझको गिराना अंबर में बन चाँद की लाड़ली मुझे […]

गीत/नवगीत

बैलगाड़ी में सैर

चलो चलैं हम मेला देखन मौसम बहुत सुहान रे बैलगाड़ी में हम सैर करेंगे, घंटी लिये लगवाय रे ऊबड़ खाबड़ सड़क पर चलती खेत खलिहान लुभाय रे धीमे धीमे बैल चलत हैं मौजवा खूब दिलाय रे दुर्घटना का डर कोई नाहीं, जहाँ चाहे रुकवाय रे बैलगाड़ी में हम सैर करेंगे, घंटी लिये लगवाय रे बडे […]

गीत/नवगीत

इंद्रधनुषी संसार

दूर क्षितिज के पार देखो इंद्रधनुषी संसार आओ हाथ थाम कर चल चलो चाँद के द्वार इस पार तो जगत है उस पार – बस प्यार मुस्कानों के गहने पहन सम्मान का कर श्रृंगार चल चलो चाँद के द्वार मेरे जन्मजन्मांतर के कर्म कहीं कभी न पाया मर्म भवधंध के चक्र तोड़ मेरी बिगड़ी दो […]