गीत/नवगीत

जिसको भारत स्वीकार नहीं, वो पाकिस्तान चला जाए

  अब वो नस्ल है बदल चुकी जब फिर से हिन्दू छला जाए जिसको भारत स्वीकार नहीं, वो पाकिस्तान चला जाए हम त्याग चुके वह मानवता, जो कायरता कहलाती थी कोई तिलक लगाता था तो वह कट्टरता समझी जाती थी नियम न माने जो घर के, वो लेकर सामान चला जाए जिसको भारत स्वीकार नहीं, […]

गीत/नवगीत

दिल छू ले मंजिल

मेरे दिल यूं न टूट के बिखर जा माना कि क़ई बार मैंने हार को पाया पर ये दिल यूं ना खो हौंसला फिर से आगे बढ़ने का जोश जगा जा वक्त को भी थाम ले हर काम को अंजाम दे मिलेगी मंजिल हमें जरा धैर्य से तू काम ले खुद पे जरा तू कर […]

गीत/नवगीत

गीत : हम ऐसे भीम का मन से सदा सम्मान करते हैं…

जो शोषक वर्ग से, संघर्ष का आहवान करते हैं।   जो अपने कर्म से, मानव हितों का मान करते हैं! जो हमको दे गए, शिक्षा यहाँ, संघर्ष की बातें, हम ऐसे भीम का, दिल से सदा सम्मान करते हैं! अभावों में भी रहकर, ज्ञान का दीपक जलाया है! दबे, कुचले हुए मानव को, सीने से […]

गीत/नवगीत

जीने की तैयारी कर…!!

बेमतलब की यारी कर, जीने की तैयारी कर, क्यूं बैठा है मौत की राह… फिर जीवन की पारी कर ! मैं तो पहले तेरा था, और तू भी पहले मेरा था, कैसे रूठा फिर मुझसे तू… बातें मुझसे जारी कर ! समय कभी ना रुकता है, पर्वत भी ना झुकता है, दुनियादारी के उसूल है… […]

कविता गीत/नवगीत पद्य साहित्य

आज मनुष्य की प्रकृति के आगे अंतिम हार हुई…!!

बारिश ने कल काल का अविचल रूप बनाया था, कृषकों के कंदुक स्वप्नों को बीती रात बहाया था, रीति गागर, रीते सपने लेकर बच्चे सोच रहे, झोंपड़िया में रोते रोते माँ-बापू को नोच रहे..! बाबा के नत-नीर बहे, खाने के लाले पड़ते है, एक-एक कौर की खातिर, घर में भूखे बच्चे लड़ते है, हाय! नियती […]

कविता गीत/नवगीत

प्यार ही प्यार

  प्यार राम में है प्यारा अल्लाह लगे, प्यार के सूर तुलसी ने किस्से लिखे प्यार बिन जीना दुनिया में बेकार है, प्यार बिन सूना सारा ये संसार है प्यार पाने को दुनिया में तरसे सभी, प्यार पाकर के हर्षित हुए हैं सभी प्यार से मिट गए सारे शिकबे गले, प्यारी बातों पर हमको ऐतबार […]

गीत/नवगीत

अरमाँ अधूरे रह गये

मेरे जीवन के सारे अरमां अधूरे रह गये जो देखे थे ख्वाब आँसू के संग बह गये दिल में मैंने ख्वाबों की बनाई आशियाँ रहने से पहले ही गम की चल गयी आँधियाँ उस हवा के साथ जीने की चाह उड़ गये जो देखे थे… जिसने साथ जीने मरने की खायी थी कसम छोड़ दिया […]

गीत/नवगीत

गीत : फांसी का फंदा…

कुदरत का अभिशाप हुआ है, कृषक होना पाप हुआ है। झूल रहा फांसी पर कृषक, चंहुओर संताप हुआ है। कुदरत के इस रौद्र रूप का, कोप बना है ग्राम देवता, मन दुखता है, कृषक के घर, करुणा भरा विलाप हुआ है। सरकारों की क्षति-पूर्ति, उसको ज्यादा से ज्यादा हो। न मिथ्या का अनुकरण हो, न […]

गीत/नवगीत

दोहागीत – मतलब का है प्यार

दोहागीत — मतलब की है दोस्ती, मतलब का है प्यार। मतलब के ही वास्ते, होती है मनुहार।। दुनियाभर में प्यार की, बड़ी अनोखी रीत। गैरों को अपना करे, ऐसी होती प्रीत।। उपवन सींचो प्यार से, मुस्कायेंगे फूल। पौधों को भी चाहिए, नेह-नीर अनुकूल।। छोटे से इस शब्द की, महिमा अपरम्पार। मतलब के ही वास्ते, होती […]

गीत/नवगीत

गीत : पल दो पल के मीत वेदना क्या समझेंगे

वे अंतस की पीर चेतना क्या समझेंगे । पल दो पल के मीत वेदना क्या समझेंगे।। सागर के अंतर में जब हो अग्नि प्रज्ज्वलित। मेघों को मधुमास करे जब भी आमन्त्रित।। जब धरती भी गहन तपन से अति अकुलाए । जब पुष्पों की गन्ध भ्रमर को मद में लाए ।। फिर नयनो से तीर भेदना […]