गीत/नवगीत

गीत : फांसी का फंदा…

कुदरत का अभिशाप हुआ है, कृषक होना पाप हुआ है। झूल रहा फांसी पर कृषक, चंहुओर संताप हुआ है। कुदरत के इस रौद्र रूप का, कोप बना है ग्राम देवता, मन दुखता है, कृषक के घर, करुणा भरा विलाप हुआ है। सरकारों की क्षति-पूर्ति, उसको ज्यादा से ज्यादा हो। न मिथ्या का अनुकरण हो, न […]

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दोहागीत – मतलब का है प्यार

दोहागीत — मतलब की है दोस्ती, मतलब का है प्यार। मतलब के ही वास्ते, होती है मनुहार।। दुनियाभर में प्यार की, बड़ी अनोखी रीत। गैरों को अपना करे, ऐसी होती प्रीत।। उपवन सींचो प्यार से, मुस्कायेंगे फूल। पौधों को भी चाहिए, नेह-नीर अनुकूल।। छोटे से इस शब्द की, महिमा अपरम्पार। मतलब के ही वास्ते, होती […]

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गीत : पल दो पल के मीत वेदना क्या समझेंगे

वे अंतस की पीर चेतना क्या समझेंगे । पल दो पल के मीत वेदना क्या समझेंगे।। सागर के अंतर में जब हो अग्नि प्रज्ज्वलित। मेघों को मधुमास करे जब भी आमन्त्रित।। जब धरती भी गहन तपन से अति अकुलाए । जब पुष्पों की गन्ध भ्रमर को मद में लाए ।। फिर नयनो से तीर भेदना […]

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गीत : प्रेम सार

तुम्हें भुला दूँ आखिर कैसे, तुमसे मन का तार जुड़ा है। तुम्हें देखकर दुनिया देखूं, तुमसे ही संसार जुड़ा है। रोज तुम्हारे एहसासों को, मैं चुपके से छू लेता हूँ, तुम लगती हो सबसे प्यारी, क्यूंकि तुमसे प्यार जुड़ा है। उजली धूप सुबह की तुमसे, ख्वाब रात के तुम लाती हो। तारे भी पुलकित होते […]

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गीत : पल दो पल के मीत वेदना क्या समझेंगे

वे अंतस की पीर चेतना क्या समझेंगे । पल दो पल के मीत वेदना क्या समझेंगे।। सागर के अंतर में जब हो अग्नि प्रज्ज्वलित। मेघों को मधुमास करे जब भी आमन्त्रित।। जब धरती भी गहन तपन से अति अकुलाए । जब पुष्पों की गन्ध भ्रमर को मद में लाए ।। फिर नयनो से तीर भेदना […]

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गीत : मन बावरा रे…

मन बावरा मेरा बावरा मन बावरा रे । मन माने ना माने ना मेरा बावरा रे ।। मन की बातें मन ही जाने , बात किसी की एक न माने , प्रीत जोड़ के मनमोहन से , ऊँच नीच कुछ ना पहचाने , मन का नहीं जाने दर्द मेरा साँवरा रे । मन माने ना […]

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राम-भजन : निर्गुन

छन्द: बचपन  बीता  खेल-खेल में, मस्ती  में  तरुणाई धन-दौलत,यश के पीछे; जीवन-भर दौड़ लगाई देख  बुढ़ापा  थर-थर  काँपा, भूल  गई  ठकुराई कभी राम का नाम लिया ना,बिरथा जनम गँवाई ००००००० उजली चादर  मैली  कर ली, कैसे  प्रभु-घर  जायेगा । राम-नाम का सुमिरन कर ले, भव-सागर  तर  जायेगा ।। कभी न की संतों की सेवा, कभी […]

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गीत : यारो आज शहीद दिवस है…

० शहीद दिवस :२३ मार्च ० (आज ही के दिन २३,मार्च सन् १९३१ को आज़ादी के दीवाने शहीद-ए-आज़म भगत सिंह, राजगुरु एवं सुखदेव  भारत माँ की रक्षा के लिए हँसते-हँसते फाँसी पर चढ़ गए।उन्हें एवं ऐसे समस्त आज़ादी के परवानों को शत-शत नमन) ००००००००० छन्द: ढूँढें उन्हें  कहाँ अब,  किस राह में, नगर में जो  छुप गए हैँ  जाके  […]

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गीत : कूजे-दो-कूजे में….

कूजे-दो-कूजे मे बुझने वाली मेरी प्यास नहीं, बार-बार ‘ला ला’ कहने का समय नहीं, अभ्यास नहीं । हटा सामने से मेरे ये सागर, पैमाना, प्याले, ले आ साकी मदिरा के घट रख कर कटि  पर, बल डाले, हर संशय को मिटा हृदय से कलश हाथ मे कर साकी, मेरी क्षमताओं पर शायद तुझको है विश्वास […]

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मुलाकात होली में

होगी उन से फिर मुलाकात होली में होगी नैनों से नैनों की बात होली में होंगे बरसों बाद फिर आमने-सामने जाने संभलेंगे कैसे ज़ज्बात होली में छुआ था तुमने जो गुलाल के बहाने बन गये थे प्यार के हालात होली में आज तक है याद वह छुअन तुम्हारी हुई थी जो प्रेम की बरसात होली […]