गीत/नवगीत

बिन तुम कहाँ होंगे

तुम हो  तो हम हैं, बिन तुम  कहाँ  होंगे। जाओगे  तुम  जहाँ , हम भी  वहाँ होंगे। तुम बिन यह जिंदगी, अकेली अधूरी है। दिल से दिल मिले, मिट गई यह  दूरी है। बिन तेरे हर महफ़िल में  हम तन्हां होंगे। तुम हो  तो हम हैं, बिन तुम  कहाँ  होंगे। तुम से  रोशन है  मेरा […]

गीत/नवगीत

गाओ फिर गीत वही

इक सावन पलकों में बादल भर लाया था गाओ फिर गीत वही जो उस दिन गाया था !! भावुक मन को बहलाने की , घावों को भी सहलाने की , छंदों में मत कोशिश करना , बिखरे शब्दों को सजाने की , प्रिय तेरा संग साथ इस दिल को भाया था ! गाओ फिर गीत […]

गीत/नवगीत

सीप के घर ठिकाना चाहती हूँ

सीप के घर ठिकाना चाहती हूँ आज कुछ गुनगुना रहा है दिल आज मैं गीत गाना चाहती हूँ। धड़कने सुर सजा रही कुछ ऐसे साज़ दिल का बजाना चाहती हूँ।। महकते गेसुओं को झटककर तुम्हें खुशबू उढाना चाहती हूँ । तुम चमक जाओ चाँद की तरह तारे ऐसे सजाना चाहती हूँ।। तार टूटे न साज़ […]

गीत/नवगीत

गीत “जालजगत की शाला है”

जीवन में अँधियारा, लेकिन सपनों में उजियाला है। आभासी दुनिया में होता, मन कितना मतवाला है।। — चहक-महक होती बसन्त सी, नहीं दिखाई देती है, आहट नहीं मगर फिर भी, पदचाप सुनाई देती है, वीरानी बगिया को जो, पल-पल अमराई देती है, शिथिल अंग में यौवन की, आभा अँगड़ाई लेती है, कभी नहीं मुरझाती, सुमनों […]

गीत/नवगीत

राजनीति

मौन रहो विष पान करो, मत राजनीति पर बात करो जो होता है हो जाने दो, भारत जलता है जलने दो गूंगे बहरों की बस्ती है, जयचन्दों की बनती हस्ती है। यह अटल सत्य स्वीकार करो भारत मत बदनाम करो मौन रहो……. रोहिंग्या को भारत आने दो, सेना पर पत्थर पड़ने दो। शरीयत फरमान सुनाना […]

गीत/नवगीत

कैसे गाऊँ गीत प्रेम का

कैसे गाऊँ गीत प्रेम के पिय का प्रीत कलश रीता | हृदय पटल पर हे प्रिय हमने , अंकित तेरा नाम किया | सेंदुर माँग सजाया हमने , काजल बिंदिया सजा लिया | श्वेत पत्र सा हृदय तुम्हारा , पर रंगों से नहीं रंगा | कैसे गाऊँ – – – – – – जीवन को […]

गीत/नवगीत

भव भय से मुक्त अनासक्त

भव भय से मुक्त अनासक्त, विचरि जो पाबत; बाधा औ व्याधि पार करत, स्मित रहबत ! वह झँझावात झेल जात, झँकृत कर उर; वो सोंपि देत जो है आत, उनके बृहत सुर ! जग उनकौ लहर उनकी हरेक, प्राणी थिरकत; पल बदलि ज्वार-भाटा देत, चितवन चाहत ! चहुँ ओर प्रलय कबहु लखे, लय कभू लगे; […]

गीत/नवगीत

अनुरोध

हिय!निवेदन एक तुमसे,मत व्यथा के गीत गाना। प्राण में भरकर अमिय प्रिय,इस जगत को है हँसाना।। स्वार्थ में डूबे मनुज को, आभास है क्या त्याग का। मीत को जो छ्ल रहा नित, है अरि वही अनुराग का। सुप्त क्यों शुचि भावनाएँ,मन! तनिक इनको जगाना।। प्राण में भरकर अमिय प्रिय,इस जगत को हैै हँसाना।। ईश की […]

गीत/नवगीत

निर्भया और स्वर्ग

निर्भया और स्वर्ग ____________ बादल बीच लगाकर सीढ़ी ,स्वर्ग द्वार खोला| किरणों से ले ज्योति पुंज ,घर में अपार घोला| स्वर्णिम आभा ले धरती पर स्वर्ग बसाया हमने – पर हैवानों से जीवन का तार-तार डोला| मैंने अपने सपनों को परवान चढ़ाया था| अरमानों की लगा सीढियाँ स्वर्ग बसाया था| बीच बैठ बादल के रथ […]

गीत/नवगीत

चार दिन की जिन्दगी है

हर दिन जिन्दगी तेरा एक पत्ता टूट रहा। तेरे संग चलकर एक एक दिन छूट रहा।। काँटे ही बिछे हैं क्या तेरी राहों  में , कितने पहाड़ छुपे हैं तेरी पनाहों में। कहीं तू झील है, कहीं तू सागर के जैसी- कोई पार करता है, कोई यहाँ पर ढूब रहा। हर दिन जिन्दगी…………..एक दिन छूट […]