गीत/नवगीत

दर्द को शब्द में ढालकर आई हूं

दर्द को  शब्द  में ढालकर  आई हूं, बैठकर रोना  मुझको  गवारा नही। पीर के  मेघ  पलकों में  छाए मगर, अश्रुमोती  न  किंचित  बहाउंगी मैं, दर्द का  गांव  हो, धूप  हो, छांव हो, गीत होंठो  से  अब  गुनगुनाउंगी मैं, हाले दिल समझना मुमकिन हो गर, तेरी ज़ानिब  करूँगी  इशारा  नही। दर्द को शब्द  में  ढाल  कर […]

गीत/नवगीत

तुम आना प्रिये

तुम आना प्रिये! अब की बार, बनकर दीपक मेरे सूने आँगन में। दिन-मास मेरा प्रतिकुल रहा, सच धीमा बीता यह साल। नींद गयी मेरा चैन गया, सच मैं आज हुआ बदहाल। रिक्त पड़ी मेरे हृदय की देहरी, औ एक सूनापन मेरे जीवन में। तुम आना प्रिये!…. नहीं रही पहले जैसी, पूनम की वो निराली रात। […]

गीत/नवगीत

गीत

परिवर्तन है नियम प्रकृति का यूँ ही चलता रहता है नये रंग में नये रूप में जीवन ढ़लता रहता है। दुख जीवन में आया है तो सुख भी निश्चित आएगा कब रहता है सदा एक सा वक्त बदलता रहता है।। कौन यहाँ पर ऐसा है जो विधि विधान से बाध्य नही लेकिन यथा योग्य श्रम […]

गीत/नवगीत

गीत – मेरे मन

आशाओं के  मंगल दीप ,जला मेरे मन… तिमिर निराशाओं के, अब ना ला मेरे मन.. हर रात की  जब भोर हुई तो, तू क्यों रोता है बदल जाते हैं मौसम भी ,क्यों धीरज खोता है गहन अंधेरों में नव ,दीप जला मेरे मन… चलता चल तू अपनी ,राह बनाता जा सामने आए तो, बाधा विध्न […]

गीत/नवगीत

वसुधा है परिवार 

हम एक नया संसार बनायें। न ढलें अश्रु नयनों से, स्वप्न पलें। सुख-दुख में शामिल, बन दीप जलें। मानव-मन के सब कष्ट मिटाकर, जीवन में हर पल हंसें-हंसायें। हम एक नया संसार बनायें।। हर मानव को भोजन वस्त्र मिले। काम हाथ को, मुख- मुस्कान खिले। भेदभाव से ऊपर उठकर हम, वंचित- शोषित को गले लगायें। […]

गीत/नवगीत

प्राणाधार

स्वार्थ  लोलुप मानव  देखो, कैसे तुमको हैं काट रहे। अपने ही पतन  को  देखो,  अब भी नहीं हैं भाँप रहे।। प्रदूषण के विकराल दानव,  तभी तो उनको हैं ग्रास रहे। सदियों ही से तुमने तो, उसको जीवन के उपहार दिए।। जाने कितने ही कवियों के, महाकाव्यों को आकार दिए। यमुनातट के कदम्ब हुए, कान्हा का […]

गीत/नवगीत

सैनिक,फौज़ी,जवान,

ऐे सैनिक,फौज़ी,जवान, है तेरा नितअभिनंदन। अमन-चैन का तू पैगम्बर,तेरा है अभिवंदन।। गर्मी,जाड़े,बारिश में भी,तू सच्चा सेनानी अपनी माटी की रक्षा को,तेरी अमर जवानी तेरी देशभक्ति लखकर के,माथे तेरे चंदन। अमन-चैन का तू पैगम्बर,तेरा है अभिवंदन।। आँधी-तूफाँ खाते हैं भय,हरदम माथ झुकाते रिपु तो तुझको देख सिहरता,घुसपैठी थर्राते सीमाओं के प्रहरी तू तो,वीर शिवा का नंदन। […]

गीत/नवगीत

नवगीत निर्मित होगा

मन से मन का तार जुड़ेगा नवगीत निर्मित होगा। भूले भटके राही को खुशियों का संसार मिलेगा। करनी अपनी देख अज्ञानी झांक ले दर्पण में प्राणी। हर दर्पण तेरा दर्पण है हर चितवन तेरी चितवन। झूठे तन का अहम् त्याग कर मन मिट्टी का महल बनेगा। भूले भटके राही को खुशियों का संसार मिलेगा। मन […]

गीत/नवगीत

झरने की हर झरती झलकी

झरने की हर झरती झलकी, पुलकी ललकी चहकी किलकी; थिरकी महकी कबहुक छलकी, क्षणिका की कूक सुनी कुहकी! कब रुक पायी कब देख सकी, रुख़ दुख सुख अपना भाँप सकी; बहती आई दरिया धायी, बन दृश्य विवश धरिणी भायी! कब पात्र बनी किसकी करनी, झकझोर बहाया कौन किया; कारण था कौन क्रिया किसकी, सरका चुपके […]

गीत/नवगीत

तोता पिंजरा दाना पानी

तोता पिंजरा दाना पानी सदियों से रही यही कहानी बंधन चंदन या अभिशाप बना जीवन छोटी सी नाप रटे जिह्वा एक ही जाप खुश-नाखुश ना हैरानी तोता पिंजरा दाना पानी सदियों से रही यही कहानी इच्छा मर गई चाव ना रहा नींद विस्मृत ख्वाब ना रहा नियति समझ ताव ना रहा कातर नजरें लगे विरानी […]