Category : गीत/नवगीत

  • श्रीकृष्ण भजन

    श्रीकृष्ण भजन

      हे नटवर, लीलाधारी अब आओ कृष्णमुरारी धरती संतप्त तुम्हारी आ जाओ हे गिरधारी मार-काट,बस लूट-पाट, अब ये दुनिया हैवान हुई बमधमाकों और गोलियों से ख़िल्क़त हलकान हुई आज कंस फिर जाग उठा है, कष्ट हरो...

  • हां यही जिन्दगी है…

    हां यही जिन्दगी है…

    थोडे से हैं आंसू, थोडी सी हंसी है हां यही जिन्दगी है। तुम जो मुस्कुरादो, थोडा खिलखिलादो बस यही हर खुशी है॥ थोडे से हैं आंसूं…. डूबा जो सूरज चांद उगेगा, धूप गई तो होगी चांदनी।...

  • तेरे हाथों मे है सांवरे….

    तेरे हाथों मे है सांवरे….

    तेरे हाथों मे है सांवरे, मेरे जीवन की नैया। तार दो तार दो सांवरे पार, बनके खिवैया॥ हर तरफ गरदिशों के है घेरे, घिर गया हूं घनी मुश्किलों में। हो भंवर बीच सागर में जैसे, आग...

  • इस प्यार की धरा का

    इस प्यार की धरा का

    इस प्यार की धरा का, सावन सरस बनों तुम। हर बूंद से निकलता, बस प्रेम रस बनों तुम।। पलकें बिछाऊं अपनी, तेरी डगर में हमदम। हरियाली कर दो तन मन, मुझे प्रेयसी वरो तुम…. हर बूंद से...


  • भाई तो परदेस बसा है….

    भाई तो परदेस बसा है….

    भाई तो परदेस बसा है, मैं पर बस इस देश। ओ कागा ले आ रे उसके, आने का संदेश॥ दीपक चंदन और रोली का, थाल सजाये बैठी हूं। राखी लिये हाथ नयनों को, राह बिछाये बैठी...


  • गीत : भुला तो न देना

    गीत : भुला तो न देना

    कहीं प्यार अपना भुला तो न देना निगाहों से अपने गिरा तो न देना || चिंता हमारी पर है मंजिल तुम्हारी सोचती हूँ जीया में ये कैसी बीमारी पल पल जिलाकर रुला तो न देना चित...

  • गीत- पता नहीं चलता है

    गीत- पता नहीं चलता है

    कैसे मेरी रातें कटतीं कैसे दिन ढलता है. पहले उसे पता था अब क्यों पता नहीं चलता है. जनम-जनम तक साथ निभाने वाली कितनी बातें. करते-करते साथ गुज़ारीं हमने कितनी रातें. क्या-क्या मेरे मन को भाता...

  • चाहत..

    चाहत..

    मेरी हर सांस में, हर आस में विश्वास में तू है। तू दिल कि धडकनों में है, मेरे अहसास मे तू है। तू मेरी अारजू में है, तू मेरी जुस्तजु में है मेरी हर सोच में...