Category : गीत/नवगीत

  • गीत

    गीत

    (मोदी की बिना योजना लाहौर यात्रा का विरोध करने वालों को जवाब देती मेरी नई कविता) जिसकी आँखों में भारत की उन्नति का उजियारा है जिसकी गलबहियां करने को व्याकुल भी जग सारा है अमरीका जापान...

  • गीत : भाग ले

    गीत : भाग ले

    खुद के ही सवालों में उलझा है कोई भी सवाल अभी न सुलझा है दिल को कोई न तोड़ दे बीच राह में कोई न छोड़ दे भाग ले तू भाग ले सोया हुआ है कब...

  • गीत : अपना संवत्सर भूल गए

    गीत : अपना संवत्सर भूल गए

    हवा लगी पश्चिम की सारे कुप्पा बनकर फूल गए ईस्वी सन तो याद रहा अपना संवत्सर भूल गए चारों तरफ नए साल का ऐसा मचा है हो-हल्ला बेगानी शादी में नाचे ज्यों दीवाना अब्दुल्ला धरती ठिठुर...

  • मेरा हिन्दुस्तान है

    मेरा हिन्दुस्तान है

    धरती देखा अम्बर देखा देखा ए जहान है सबसे प्यारा ये वतन मेरा हिंदुस्तान है सच ईमान मानव का गहना औ’ लबों पे प्यार है खेतों में लहराती फसले सावन की फुहार है आदर सत्कार इतना...

  • गीत : इंसाफ़ी दरबारों से

    गीत : इंसाफ़ी दरबारों से

    (निर्भया के बलात्कारी अफ़रोज़ की रिहाई पर आक्रोश व्यक्त करती मेरी नयी कविता) किस भारत पर गौरव कर लूँ, किस भारत की शान कहूँ? किस भारत पर सीना ठोकूं, किसको हिन्दुस्तान कहूँ? गंगा के दामन में...


  • सतरंगा नववर्ष

    सतरंगा नववर्ष

    सतरंगा नववर्ष जग में फिर से आ गया उत्साह , उमंग का साज ले फिर से आ गया प्रेम की बांसुरी बजा गले लगाने आ गया दरकते रिश्तों की गांठे खोलने आ गया गम , दुःख...


  • नवगीत

    नवगीत

    गुस्ताख दिल मैने अपने दिल को बताया कोने है अपना कोने पराया आँखें चार करके इशक न करना और किसी को अपना न बनाना गुस्ताख दिल को मिली सजा दिल लगाना थीं वजह औरों की क्या...

  • हम सबको तुम छोड़ चले

    हम सबको तुम छोड़ चले

    हम सबको तुम छोड़ चले प्रिय मित्रो मुझे बताते हुए बहुत दुःख हो रहा है कि मेरे पिताजी का स्वर्गबास दिनांक २८/११/२०१५ को हो गया। बे अब हमारे बीच नहीं हैं लेकिन उनकी मधुर स्मृतियाँ और...