Category : गीत/नवगीत

  • गीत : प्रेम सार

    गीत : प्रेम सार

    तुम्हें भुला दूँ आखिर कैसे, तुमसे मन का तार जुड़ा है। तुम्हें देखकर दुनिया देखूं, तुमसे ही संसार जुड़ा है। रोज तुम्हारे एहसासों को, मैं चुपके से छू लेता हूँ, तुम लगती हो सबसे प्यारी, क्यूंकि...


  • गीत : मन बावरा रे…

    गीत : मन बावरा रे…

    मन बावरा मेरा बावरा मन बावरा रे । मन माने ना माने ना मेरा बावरा रे ।। मन की बातें मन ही जाने , बात किसी की एक न माने , प्रीत जोड़ के मनमोहन से...

  • राम-भजन : निर्गुन

    राम-भजन : निर्गुन

    छन्द: बचपन  बीता  खेल-खेल में, मस्ती  में  तरुणाई धन-दौलत,यश के पीछे; जीवन-भर दौड़ लगाई देख  बुढ़ापा  थर-थर  काँपा, भूल  गई  ठकुराई कभी राम का नाम लिया ना,बिरथा जनम गँवाई ००००००० उजली चादर  मैली  कर ली, कैसे ...

  • गीत : यारो आज शहीद दिवस है…

    ० शहीद दिवस :२३ मार्च ० (आज ही के दिन २३,मार्च सन् १९३१ को आज़ादी के दीवाने शहीद-ए-आज़म भगत सिंह, राजगुरु एवं सुखदेव  भारत माँ की रक्षा के लिए हँसते-हँसते फाँसी पर चढ़ गए।उन्हें एवं ऐसे समस्त आज़ादी के परवानों...


  • मुलाकात होली में

    होगी उन से फिर मुलाकात होली में होगी नैनों से नैनों की बात होली में होंगे बरसों बाद फिर आमने-सामने जाने संभलेंगे कैसे ज़ज्बात होली में छुअा था तुमने जो गुलाल के बहाने बन गये थे...

  • हमसफ़र चाहता हूँ

    हमसफ़र चाहता हूँ

    हमसफ़र चाहता हूँ, बस इक तेरी नज़र चाहता हूँ। जिन्दगी कुछ यूँ हो मेरी, बस इक घर चाहता हूँ॥ हमसफ़र चाहता हूँ॥ कदम दो कदम जो चलना जिन्दगी में कदमों पे तेरे, कदम चाहता हूँ। लबों...


  • कविता – अनकही !

    कविता – अनकही !

    है सदा तमन्ना मेरे दिल में, कुछ तुझ सी बातें पाने की कभी तुझमे जो है पाने की, कभी बस तुझको ही पाने की है लाख अदाएं तेरी उसमे एक तो है मेरे ही लिए यूँ...