Category : गीत/नवगीत


  • गुनगुनाना चाहता हूँ

    गुनगुनाना चाहता हूँ

      गज़ल गाना चाहता हूँ ,गुनगुनाना चाहता हूँ ग़ज़ल का ही ग़ज़ल में सन्देश देना चाहता हूँ ग़ज़ल मरती है नहीं बिश्बास देना चाहता हूँ गज़ल गाना चाहता हूँ ,गुनगुनाना चाहता हूँ ग़ज़ल जीवन का चिरंतन...


  • गीत

    गीत

    कोई अमीर है, कोई गरीब है बस अपना अपना नसीब है मुलाकात अपनी ना हो सकी तू भी फासलों पे कुछ रहे मैं भी देखूँ दूर दूर से यहाँ कौन किसके करीब है बस अपना अपना...





  • गीत : बातें खत्म न होती

    गीत : बातें खत्म न होती

    बारिश-धूप-हवा जैसी सौगातें खत्म न होतीं देखो धरती से अम्बर की बातें खत्म न होती. कितनी दूर धरा है नभ से फिर भी साथ न छूटे. इक-दूजे को छू न सकें पर रिश्ता कभी न टूटे....

  • हमने दिल को बनया है घर आपका…

    हमने दिल को बनया है घर आपका…

    हमने दिल को बनया है घर आपका, बांहों के दर खुले हैं। हम तुम्हारे हुए तुम हमारे हुए, इस ज़हां से भला क्या चाहिये॥ द्वार पलकों के तोरण सजा़ये हुए, राहों में अपनी नज़रे बिछाए हुए।...