मुक्तक/दोहा

मुक्तकों में हिंदी

गर्व से हिंदी में सिखाती  हूँ शान से हिंदी में पढ़ाती हूँ आजीविका   भी हिंदी से जुड़ी हिंदी को ओढ़ती – बिछाती  हूँ । १ सुरवाणी से  जन्मी है  हिंदी , है यह देश के भाल की बिंदी , राष्ट्र संघ ने  भी महिमा जानी ; भारतवासी की भाषा हिंदी . २ है हिन्दी युगों […]

मुक्तक/दोहा

हमीद के दोहे

अवसर  खोता है  अगर , रहता है  नाकाम। चाहे  जितना हो  प्रखर , पड़ा रहे  गुमनाम। सत्य अहिंसा  पर टिके , उनके  सारे  काम। सच्चा पक्का  आज भी , गाँधी  का पैगाम। समय क़ीमती है बहुत, रखना उसका मान। कार्य करो सब समय पर,पाना गर सम्मान। आज   आमने   सामने ,  अमरीका   ईरान। संकट में जिससे […]

मुक्तक/दोहा

दोहे “जिजीविषा”

रहती है आकांक्षा, जब तक घट में प्राण। जिजीविषा के मर्म को, कहते वेद-पुराण।। — जीने की इच्छा सदा, रखता मन में जीव। करता है जो कर्म को, वो होता सुग्रीव।। — आशायें जीवित रहे, जब तक रहे शरीर। जिजीविषा के साथ में, सब करते तदवीर।। — धन-दौलत की चाह में, पागल हैं सब लोग। […]

मुक्तक/दोहा

जाड़े के दोहे

जाड़ा बनकर के कहर,लगता लेगा जान । बना हुआ है काल यह,इसको लो पहचान। कहीं बर्फ,कहीं जल गिरे,गीला हर इनसान । तेगों सी लगती हवा,जाड़ा है हैवान ।। सूरज भी घबरा गया,ओढ़े पड़ा लिहाफ । सिकुड़ा इंसां हो गया,पूरा-पूरा हाफ ।। नया वर्ष है शीतमय,सर्दी से भयभीत । शीत करे षड़यंत्र अब,दुश्मन की बन मीत […]

मुक्तक/दोहा

नववर्ष २०२०

नवनीत नयन के नव उपवन मे, वृक्ष नये आरोपित हो। हर्षित हो हर जन का जीवन , मन्त्र मुग्ध आलोकित हो।। ज्ञानपृष्ठ भी विकसित हो, भाषा का संचार बढ़े। उज्ज्वल छवि हो भारत की, और आभा का विस्तार रहे।। — मोहित शुक्ल 

मुक्तक/दोहा

नव वर्ष के दोहे

सूरज आया इक नया,गाने मंगल गीत ! प्रियवर अब दिल में सजे,केवल नूतन जीत !! उसकी ही बस हार है,जो माना है हार ! साहस वाले का सदा,विजय करे श्रंगार !! बीते के सँग छोड़ दो,मायूसी-अवसाद ! नवल बनेगा अब धवल,देगा मधुरिम याद !! खट्टी-मीठी लोरियां,देकर गया अतीत ! वह भी था अपना कभी ,था […]

मुक्तक/दोहा

दोहे रमेश के नववर्ष पर

चला वर्ष उन्नीस भी, छोड सभी का साथ. हमें थमा कर हाथ में, नये साल का हाथ.. पन्नो मे इतिहास के, लिखा स्वयं का नाम. चला वर्ष उन्नीस भी, यादें छोड़ तमाम.. आने को मुस्तैद है, नया नवेला वर्ष. दिल में सबके प्यार का, दिखे उमड़ता हर्ष.. चला वर्ष उन्नीस भी, खेल कई नव खेल. […]