Category : मुक्तक/दोहा

  • दोहे – बेटी

    दोहे – बेटी

    बेटी तो कोमल कली ,बेटी तो  तलवार ! बेटी सचमुच धैर्य है,बेटी तो अंगार !! बेटी है संवेदना,बेटी है आवेश ! बेटी तो है लौह सम,बेटी भावावेश !! बेटी कर्मठता लिये,रचे नवल अध्याय ! बेटी चोखे...

  • मुक्तक

    मुक्तक

      जब जमाने से हर आस उठ सा गया अच्छा होने का एहसास उठ सा गया जब भलाई के बदले न हुआ कुछ भला तब भलाई से विश्वास उठ सा गया   शायद तन्हाईयां ही सबको...

  • मुक्तक

    मुक्तक

    (1) दिल में देने को विश्वास आओ जो तुम, मेरे जैसे अनायास आओ जो तुम, याचना,कामना,जागना,साधना, पूर्ण हो जायेगी पास आओ जो तुम। (2) साँस से दूर दिल में उतर जायेगी, हाथ में हाथ देकर गुजर...

  • मुक्तक

    मुक्तक

    (1) मैं जब भी याद करता हूँ मचलकर बैठ जाता हूँ, अगर गाता हूँ अन्दर से अब अक्सर टूट जाता हूँ, मैं लिखना खुद को चाहता हूँ तुझे बस ही पाता हूँ, मगर तुझको जो लिखता...

  • गणितीय मुक्तक

    गणितीय मुक्तक

    बिंदु-बिंदु रखते रहे, जुड़ हो गयी लकीर। जोड़ा किस्मत ने घटा, झट कर दिया फकीर।। कोशिश-कोशिश गुणा का, आरक्षण से भाग- रहे शून्य के शून्य हम, अच्छे दिन-तकदीर।। * खड़ी सफलता केंद्र पर, परिधि प्रयास अनाथ।...

  • दोहे – शहीदों के प्रति

    दोहे – शहीदों के प्रति

    अमर शहीदों के लिये,देता हूं संदेश । तुम हो तो हम हैं ‘शरद’,तुम हो तो यह देश।। पुलवामा के वीर तुम,रहो सदा आबाद। करे वतन सजदा सदा, तुम हो ज़िन्दाबाद।। क़ुरबानी बेकार ना,जायेगी यह सांच। शौर्य...

  • हमीद के दोहे

    हमीद के दोहे

    लफ्फाज़ी  होती  रही , हुई  तरक़्क़ी  सर्द। समझ नहीं  ये पा  रहे , सत्ता  के  हमदर्द। अबलाओं पर ज़ुल्म कर, बनते हैं जो मर्द। निन्दा जमकर  कीजिये , मिलेंं जहाँ बेदर्द। डंका अब बजने लगा ,...

  • मुक्तक

    मुक्तक

    न मिथ्या, न किसी छल से ना ही भ्रम से पहुंचा हूं मैं अपनी बुद्धि के बल से परिश्रम से पहुंचा हूं कोई अनुदान न वरदान न कोई अनुकंपा जो भी हूं जहां भी हूं अपने...

  • मुक्तक

    मुक्तक

    न मिथ्या, न किसी छल से ना ही भ्रम से पहुंचा हूं मैं अपनी बुद्धि के बल से परिश्रम से पहुंचा हूं कोई अनुदान न वरदान न कोई अनुकंपा जो भी हूं जहां भी हूं अपने...

  • प्रेम के दोहे

    प्रेम के दोहे

    आज समस्या है बनी, धुंध हुआ विकराल। वायु प्रदूषण बढ़ गया,गंद बनी है काल।। काला धुआॅ छोड़ रहे,वाहन चारों ओर। जाम समस्या है विकट,वाहन करते शोर।। दोषी कहें किसान को, जो करता है खेत। धूल कार्बन...