Category : मुक्तक/दोहा

  • दोहे – “रखो रेडियो पास में”

    दोहे – “रखो रेडियो पास में”

    भूल गया है रेडियो, अब तो सारा देश। टीवी पर ही देखते, दुनिया के सन्देश।। लाये फिर से रेडियो, मेरे भाई साब। मिलता हमको है नहीं, इसका कोई जवाब।। सुनने में अच्छे लगें, भूले बिसरे गीत।...



  • “मुक्तक”

    “मुक्तक”

    कवायत भी होगी सियासत भी होगी। पर बिन इजाजत क्या हिमायत भी होगी। बोली और भाषा क्यों बहरी हुई है- किसको रियायत जब रवायत भी होगी॥-1 मंजूरी मजूरी की बातें भी होंगी। मजबूरी गरीबी कमी कैसे...

  • “मुक्तक”

    “मुक्तक”

    उछलती मौज़ा बहारें ला, दरिया दिली दर्द लहराती। मचलती नौका किनारे ला, सरिता मिली सर्द विखराती। जहाँ नित तूफान आते है, भिगाते मन मोंह जाते हैं- पकड़ती बहियाँ किनारे ला, खुशियाँ खिली जर्द मचलाती॥ रुख हवावों...

  • “मुक्तक”

    “मुक्तक”

      अंग रंग प्रत्यंग कलेवर, शरद ऋतु भरे ढंग फुलेवर। सुनर वदन प्रिय पाँव महेवर, इत चितवत उत चली छरेहर। अजब गज़ब नर नारि नगारी, शोभा वरनी न जाय सुखारी- चुनर धानी पहिने प्रिया सेवर, तापर...


  • “मुक्तक”

    “मुक्तक”

    चलत  निक   लागे   चंद्रमा,  नचत   निक  लागे   मोर। गुंजन निक लागे भ्रमर अली, सु-सहज नयन चितचोर। निक   लागे  फुलत   कलियाँ,  महकत  झुरझुर  बयार- हिलत डुलत  कटि  काछनी,  मलत  बछवा  कर  लोर॥-1 अति प्रिय लाग बौर आम...

  • “मुक्तक”

    “मुक्तक”

    पन्नों में खो गई अकेली, हाथन लगी किताब सहेली निकलूँ कैसे बाहर बतला, छोड़ न पाती तुझे नवेली दरवाजा तो खोला तुमने, जाने पर मुँह मोड़ा तुमने निकली थी देखन चौराहा, छोड़ तुझे हो गई अकेली॥...

  • मुक्तक

    मुक्तक

    प्रणय घड़ी की स्मृतियां, विस्मृत न कर देना, तन न्योक्षावर मैं कर दूं, फिर छोड़ कभी न देना। बांह पाश में जकड़ रहे हो, प्रेम पिपासु बन कर, प्रेम रस का पान कर मधुकर, त्यज कभी...