Category : मुक्तक/दोहा

  • मुक्तक

    मुक्तक

    आप व आप के पूरे परिवार को मुबारक हो फागुन की होली……. मुक्तक मुरली की बोली और राधा की झोली। गोपी का झुंड और ग्वाला की टोली। कान्हा की अदाएं व नंद जी का द्वार- पनघट...

  • मुक्तक

    मुक्तक

    मेरे इन होठों पर हरदम पैगाम तुम्हारा ही होगा मुझको ठुकराने से ठोकर बदनाम तुम्हारा ही होगा भले ही तुम दिल से मिटा दो नामोनिशान को मेरे मरते दम तक मेरे दिल में बस नाम तुम्हारा...

  • मुक्तक

    मुक्तक

    सुना दो मुझे दिल का वो पैगाम जो भी हो नहीं है गम मुझे अब चाहे नीलाम जो भी हो मैं अपने दिल पे रखकर हाथ कहता हूं तुमसे आज तुम्हे अपना बनाना है अंजाम जो...



  • शराब छोड़ दी मैंने !

    शराब छोड़ दी मैंने !

    अपनी ज़िंदगी में कुछ दिनों की मियाद जोड़ दी मैंने । आज उनकी ख़ातिर शराब छोड़ दी मैंने । । जिन्हें साथी सुकून का मान कर, पीता गया ज़हर । उन कमज़र्फ शराबों से, यारी तोड़...

  • वो प्यार जिसे…

    वो प्यार जिसे…

    वो प्यार जिसे कभी ‘गीत’ कहता था , वो प्यार जिसे आज शब्दों में पिरोता हूँ ! वो प्यार जिसे कभी ख़्वाबों में संजोता था, वो प्यार जिसे आज शराबों में डुबोता हूँ !!

  • मुक्तक

    मुक्तक

    न मिलने का है अफसोस बिछड़ने का है गम ख्वाबों के टूट कर के बिखरने का है गम मुझे दुनिया नहीं पहचानती कोई बात नहीं बस तेरे बदलने और मुकरने का है गम  

  • मुक्तक

    मुक्तक

    “मुक्तक” हार-जीत के द्वंद में, लड़ते रहे अनेक। किसे मिली जयमाल यह, सबने खोया नेक। बर्छी भाला फेंक दो, विषधर हुई उड़ान- महँगे खर्च सता रहे, छोड़ो युद्ध विवेक।।-1 हार-जीत किसको फली, ऊसर हुई जमीन। युग...

  • दोहा

    दोहा

    दोहा लगता मित्र नाराज है, कहो न मेरा दोष। दोष दाग अच्छे नही, मन में भरते रोष।।-1 रोष विनाशक चीज है, भरे कलेश विशेष। विशेष मित्र से प्यार कर, करहु न गैर भरोष।।-2 भरोष हनन करना...