Category : मुक्तक/दोहा

  • अब केवल निंदा नहीं

    अब केवल निंदा नहीं

    निंदा के बदले हिन्द में ना जिंदा आतंकी दिखे, करे समर्थन जो इनका ना उनके धड़ पर शीश दिखे, पत्थरबाजों की टोली मरकर राख लगे बनने, चाह रहा है हिंदुस्तान नहीं सुहागन चीख दिखे। रक्तिम आँखों...

  • ले लो बदला,अब कायर से

    ले लो बदला,अब कायर से

    कौन कलाई तेरी इतनी मजबूती से है पकड़ रहा, कौन है तुझको अमर बेल सा अपने अंदर जकड़ रहा । पुलवामा की घटना से हर बच्चा बच्चा विचलित है, ले लो बदला अब कायर से जो...

  • ऋतुराज

    ऋतुराज

    पुष्प सुसज्जित पूर्ण यौवना बाग वन वन टेसू खिले लगाए आग। इतराती प्रकृति सोलह श्रृंगार कर मोहित हो प्रेम रस बरसाए अंबर। पुष्प पुष्प पर डोले प्यासे मधुकर प्रेम गीत गाए मोहित हो भ्रमर। ले उड़े...

  • दोहे- अपना देश महान है

    दोहे- अपना देश महान है

    अपना देश महान है,कहते सारे लोग। दुख सुख में साथी सभी, करते सारे भोग।। किसान मेरे देश के, करते हाहाकार। खाद बीज मिलते नहीं, खेत हुये बेकार।। गौरव गाथा कह रहा, अपना ये इतिहास। देश हमारा...

  • कुम्भ पर दोहे

    कुम्भ पर दोहे

    सुधा गिरा जब कुम्भ से, माया पुरी प्रयाग। उज्जैन नासिक तब से, है पावन भू भाग ॥ सागर से निकला सुधा , ये मंथन का सार। सुधा कैसे पान करे, सभी किये विचार॥ गंगा यमुना शारदा,...

  • मुक्तक

    मुक्तक

    1 बसा है जो मेरे मन में वो अब कहने की बारी है कि मेरे दिल के आईने में बस सूरत तुम्हारी है जो पूछा मैंनें यारों से बताओ क्या हुआ है ये कोई कहता मोहब्बत...



  • मुक्तक

    मुक्तक

    भैया दूज की रोली है राखी का धागा है बेटियों से ही देश का सौभाग्य जागा है बेटे की चाह में जिसने गर्भ में मार दी बेटी वो इंसां हो नहीं सकता है वो तो बस...

  • लोहड़ी पर दोहे

    लोहड़ी पर दोहे

    तिल खुटिया रेवड़ी मिले तापो खूब अलाव। मन चंगा है गा मेरा सरदारा घर जाव। भांति भांति के बन रहे उनके घर पकवान हमे खिलाया प्यार से जैसे हम भगवान। चाचा जी के लाड में चाची...