Category : मुक्तक/दोहा

  • “मुक्तक”

    “मुक्तक”

    “मुक्तक” सुखद आगमन आप का, माता महिमा प्यार। शारदीय नवरात में, सजा मातु दरबार। कीर्तन भजन व आरती, थाली पूजा फूल- नमन करूँ यश दायिनी, भजन करे परिवार।।-1 मातु आगमन आप का, जल्दी हो इस बार।...

  • “दोहावली”

    “दोहावली”

    “विधा- दोहा” बादल है आकाश में, लेकर अपना ढंग इंद्रधनुष की नभ छटा, चर्चित सातों रंग।।-1 दाँतों में विष भर चला, काला नाग भुजंग। नाम सुने तो डर गए, सर्प मुलायम अंग।।-2 जीवन की अपनी व्यथा,...

  • “मुक्तक”

    “मुक्तक”

    “मुक्तक” कितना मुश्किल कितना निश्छल, होता बचपन गैर बिना। जीवन होता पावन मंदिर, मूरत सगपन बैर बिना। किसकी धरती किसका बादल, बरसाते नभ उत्पात लिए- बच्चों की हर अदा निराली, लड़ते- भिड़ते खैर बिना।।-1 प्रत्येक दीवारें...

  • “सोमराजी छंद मुक्तक”

    “सोमराजी छंद मुक्तक”

    छंद- वाचिक सोमराजी (मापनीयुक्त मात्रिक) मापनी- लगागा लगागा, 122 122 “सोमराजी छंद” मुक्तक या राम माया। मृगा हेम भाया। छलावा दिखावा- सदा कष्ट पाया॥-1 तजो काम धामा। भजो राम नामा। सदा कृष्ण माधो- पुकारें सुदामा॥-2 मिले...

  • “मुक्तक”

    “मुक्तक”

    “मुक्तक” कतरा-कतरा माँ तेरा है। पुतरा पुतरा माँ तेरा है। शीश निछावर करते वीरा- सुंदर अँचरा माँ तेरा है।। गर्वित होते लाल हजारों। सीमा प्रहरी नायक यारो। दुश्मन के छक्के छुट जाते- नमन शहीद धन्य दिग...

  • दोहे-किसान

    दोहे-किसान

    (1)सदियों से इस देश में, मरता रहा किसान। कितनी सस्ती है यहाँ,देखो इनकी जान। (2)कर्ज तले डूबा रहा,निर्धन हुआ किसान। बरखा ने मारा कभी,सूखे ने ली जान। (3)जय किसान की बोलते,नेताजी दिनरात। ऋण माफ़ी की मांग...

  • मुक्तक

    मुक्तक

    स्वयं के स्वार्थ से मतलब, दुआ वो क्या भला जाने फरेबों से लबालब जो, वफा वो क्या भला जाने भले रोए कि फिर तड़पे, नहीं मतलब किसी से कुछ हृदय पत्थर बने जिनके, दया वो क्या...

  • मुक्तक

    मुक्तक

    रेत की दीवार पर महल बना सकता हूँ, बहते पानी पर लिखकर बता सकता हूँ। मेरे हौसलों का अहसास नहीं है तुमको, बिना पंख के भी उड़कर दिखा सकता हूँ। — अ कीर्तिवर्धन

  • “मुक्तक”

    “मुक्तक”

    हिंदी सिर बिंदी सजी, सजा सितंबर माह। अपनी भाषा को मिला, संवैधानिक छाँह। चौदह तारिख खिल गया, दे दर्जा सम्मान- धूम-धाम से मन रहा, प्रिय त्यौहारी चाह॥-1 बहुत बधाई आप को, देशज मीठी बोल। सगरी भाषा बहन सम,...