Category : मुक्तक/दोहा

  • आज के दिन

    आज के दिन

    कैसा लग रहा है आपको आज के दिन, पत्रिका में रचना देखकर आजके दिन, दोस्तों के समक्ष रखकर आज के दिन, सबके बधाईपात्र बनकर आज के दिन। बहुत ही सुंदर सुहावन पल लग रहा होगा ,...


  • मुक्तक

    मुक्तक

    मेघ की गिरती ये बूँद , सरगम इक सुना गयी सोये हुए अरमान में, चिंगारी सुलगा गयी तेरी यादों में गुम थी, उन फुरसत के पल में, सूख गये थे जो नासूर, फिर से नम बना...

  • बधाई

    बधाई

    आपस में आप सभी मित्र जन होली मनाई, प्रेम रूपी दिलभरे रंगों को एक में मिलाई, यही मैं ईश्वर से कर बद्ध प्रार्थना करता हूँ, सभी मित्र अपने-अपने घर खुशियाँ मनाई। •

  • हास्य मुक्तक

    हास्य मुक्तक

      अरे जिनकी मुहब्बत में खुदी को हम भुला बैठे। वही हमको पकड़वाने सिपाही को बुला बैठे। तमन्ना थी कि सावन फिल्म इक हमपर भी बन जाये, पुलिस स्टेशन के पचड़े में वो हमको ही झुला...



  • नारी

    नारी

    जिस देश की इज्जत की निगहवान है नारी, उस देश की हर आन बान शान है नारी । ये नारी ना होती तो फिर लोग कहाँ होते, सतरूपा के बगैर मनु जीवनभर रोते।।

  • अनेकता में एकता

    अनेकता में एकता

    आप लोग इस समूह को आगे बढायें, अनेकता में एकता जहां को दिखायें। हैं आप लोग इस देश का भविष्य, आने वाले भविष्य को सुन्दर बनायें। ———————— फुल की तरह हमेशा चहकते रहें। पंखुड़ियों की तरह...

  • मुक्तक

    मुक्तक

    नई भोर की सतरंगी छवि नई कविता लिखता है कवि गढ़ते है शब्द उकेरे चित्र निकलता जब बादलो से रवि आँखों में सपने लिए स्वागत नये वर्ष का नई किरण के साथ रवि आया नये वर्ष...