Category : हाइकु/सेदोका

  • माहिया

    माहिया

      काँटों में कलियाँ हैं बिटिया की बतियाँ मिसरी की डलियाँ हैं ।१ क्या थी कुव्वत मुझ में बाँट दिया रब ने माँ ! बिटिया में , तुझ में । २ क़िस्से दिन रातों के संग...

  • सेदोका (577 577 वर्ण)

    सेदोका (577 577 वर्ण)

    (1) जेठ ज्यों चूल्हा तवा बनी धरती सूरज सम आँच मानव सिंकें उबलता पसीना हाँफती त्रस्त साँसें   (2) तुम चंद्रमा मेरा हृदय नभ बंधन ये अटूट है कोहिनूर जिंदगी की कमाई मुस्कानों की वजह  ...

  • चन्द हाइकु

    चन्द हाइकु

    1 :~ सच बोलना आईने से सीखिये टूट कर भी 2:~घूरते नैंन सृष्टी देवी व्यथित छुपाये तन 3:~आत्मा जुगनूं घट ज्योति कलस रौशन जग ‘ 4:~ अभ्यर्थना है स्वीकृत हो प्रणय सार्थक प्रण 5:~ टकरा कर...

  • हाइकु

    हाइकु

    1 वीर हँसते जिन्दगी ज्यूँ छेड़ती भीरु रो लेते । 2 वसंत शोर रवि-स्वर्णाभा-होड़ पीले गुच्छों से। 3 असार स्वप्न भस्म हुई उम्मीदें धुँआ जिन्दगी । 4 दुःख व हंसी जिंदगी की सौगातें रूप सिक्के के...


  • होली हायकु

    1 भीगी है चोली सुलगा तन मन विरही होली । 2 होली में लाल रंग नहायी पिया खुश्बू तू ख्याल । 3 भीगी चुनर ज्यों सुधियाँ बरसी नयन कोर । 4 बांका है छोरा रंग डाला...


  • हाइकु

    हाइकु

    1 मिटती पीड़ा मिलते स्नेही-स्पर्श ओस उम्र सी । 2 ईर्षा वाग्दण्ड रिश्तो में डाले गांठ टूटे धागा सी 3 उलझा रिश्ता सुलझाये वागीश ऊन लच्छा सा 4 स्नेह की थापी बुझती वाड़वाग्नि मृतवत्सा की। 5...

  • मुस्कान स्मित

    मुस्कान स्मित

    ०१ मुस्कान तेरी, जीवन की नइया, है खेवइया। ०२ खिलखिलाना, तेरा मृदुल वाणी, मुस्कान मेरा। ०३ सदाबहार, बने रहे मुस्कान, मन हर्षित। ०४ आँखों में आशु, दिल में धड़कन, है हलचल। ०५ विखेरतें हैं, खुशबू चारों...

  • फागुन

    फागुन

    1 खड़का कुण्डा हुआ ठूंठ बासंती फागुन थापी । 2 बिंधे सौ तीर बिन पी , मीन साध्वी फागुन पीर । 3 बिखरी रोली तरु बाँछें खिलती फगुआ मस्ती। 4 शिकवा / सताया हेम विरही-भृंग पीड़ा...