हाइकु/सेदोका

हाइकु : तेरे बिन माँ

  आँगन सूना भाए नहीं पीहर तेरे बिन माँ राह तकें ना नैन बिछाए कोई दर पे खड़ा छूटा आँचल दर्द बहाऊं कहाँ टूटा ये दिल लाँघ न पाऊं / कैसे लांघूं माँ मैं घर की चौखट छलके आंसू मिले न छाया वो ममता का साया दम लूँ कहाँ? बतला ज़रा तुझे लाऊं कहा से […]

हाइकु/सेदोका

अमन चाँदपुरी के तीन हाइकु

अमन चाँदपुरी के तीन हाइकु 1. वृक्ष की छाँव न मिले शहर में गर्मी में गाँव। 2. बहती हवा बहका ले जाती है मेरे मन को। 3. गर्म हवाएँ कड़ी दोपहरी में पेड़ जलाएँ।

हाइकु/सेदोका

सागर /समुद्र पर आधारित हाइकु

गुंजन अग्रवाल 1 शर्मीला चाँद सिन्धु तट उतरा मेघों की ओटI 2 जीव इच्छाएँ सागर सी अथाह रही अधूरी/ होती न पूरी 3 आया तूफान बहा ले गया घर मौन सागर । 4 बचा लो पानी सागर भी है प्यासा नदी कहानी । 5 नयनवासी भवसिंधु में स्वप्न भविष्यवासी । 6 नन्हा शैशव अब्धि सी […]

हाइकु/सेदोका

कुछ हाइकू

1. ताकत नहीं प्यार से जुड़ती है रिश्तो की लड़ी 2. ना छटपटा दिल का दिया जला/ जला दिल का दिया मन बावरे 3. घर घर में विद्या दीप जलाएं तम मिटाएँ । 4. जान ले सच भ्रूण हत्या पाप है पाप से बच 5. चीखे पुकारे गर्वशय में शिशु जिसे तू मारे

हाइकु/सेदोका

हाइकू

1.छोड़ न जाना दुःख और सुख में साथ निभाना. 2.लौटा के मेरा बचपन सुहाना हंसा दे कोई. 3.कभी हंसातीं भूली बिसरी यादें कभी रुलातीं. 4.हमें रुलातीं भूली बिसरी यादें जब भी आतीं. 5.यही है सच अग्नि है प्रचंड क्रोध से बच.

हाइकु/सेदोका

हाइकु

  1. तू दूर नहीं मेरे पास है मां तू मुझमें कहीं. 2.शुक्रिया तेरा मेरे दोस्त तूने जीना सिखाया. 3.भूल न जाना मां की कुर्बानियां तू कर्ज़ चुकाना. 4.बतादे जरा तुझे लाऊं कहां से समझा ज़रा. 5.रख हौसला तिनके सहेज ले बना घोंसला    

हाइकु/सेदोका

कुछ हाइकू

{मेरी पहली कोशिश} 1.पेड़ लगाएं पेड़ों से है जीवन जीवन पाएं. 2.खो गई हूं मैं मुझे रास्ता दिखा दे ऐ मेरे खुदा. 3.रंग बिरंगी मेरे भैया की राखी मुझको भाती. 4. तुझे प्रणाम जग जननी नारी तू है महान. 5.हाइकु लाया गागर में सागर मन हर्षाया.

हाइकु/सेदोका

हायकू : कवि कविता

कवि हृदय रवि प्रकाश सम हुआ उजाला ============ देखि सुमन गति कलियाँ चली करने प्रेम =========== घिरी बदरी उमड़ि-उमड़ि के बरसे नीर ,,,, ========= कविता प्रिय प्रियतम संदेश है खुशहाली ============= प्रथम घटा घनघोर छोर न . कवि कविता ================ यथार्तबोध का नित गुंजन करे कविता ================= कवि हृदय तिमिर विनासक जग प्रकाश — राजकिशोर […]

हाइकु/सेदोका

हायकू : राधिका

भीगे नयन निहारि छटा कही राधिका बैन/ १ कान्हा के मन राधिका बसत हैं शृंगार बन …/ २ दिल तू राधा झूठा यह संसार लगत बाधा,,,३ रैन राधिका कहते नयनन दिल भाविका ४ श्याम राधिका नाम राधिका तेरा कान्हा प्रेमिका ५ नभ मे राधा तन मे राधेश्याम फिर क्यों व्याधा ,,,६ — राजकिशोर मिश्र [राज]