हाइकु/सेदोका

हाइकु

कोसते रहे समूची सभ्यता को बेचारे भ्रूण दौड़ाती रही आशाओं की कस्तूरी जीवन भर नयी भोर ने फडफढ़ाये पंख जागीं आशाएं प्रेम देकर उसने पिला दिए अमृत घूँट नहीं लौटता उन्हीं लकीरों पर समय-रथ —-त्रिलोक सिंह ठकुरेला

हाइकु/सेदोका

हायकू

हायकू [१] हे प्रियतम आषाढ़ बरसत वेदना देत / [२] ज्येष्ठ उमस, तन मन झुलसे , विरहण सी  / [३] अमराई मे शृंगार करे नित कूके कोयल / [४] नैन आकुल प्रियतम सनेह कंपित गात/ [५] विरहन के अंगार सेज मन ये कैसी वर्षा ? राजकिशोर मिश्र राज 22/06/2015

हाइकु/सेदोका

कुछ हाइकु

कटे जब से हरे भरे जंगल उगीं बाधाएँ कोसते रहे समूची सभ्यता को बेचारे भ्रूण दौड़ाती रही आशाओं की कस्तूरी जीवन भर नयी भोर ने फडफढ़ाये पंख जागीं आशाएं प्रेम देकर उसने पिला दिए अमृत घूँट नहीं लौटता उन्हीं लकीरों पर समय-रथ —-त्रिलोक सिंह ठकुरेला

हाइकु/सेदोका

हाइकु : तेरे बिन माँ

  आँगन सूना भाए नहीं पीहर तेरे बिन माँ राह तकें ना नैन बिछाए कोई दर पे खड़ा छूटा आँचल दर्द बहाऊं कहाँ टूटा ये दिल लाँघ न पाऊं / कैसे लांघूं माँ मैं घर की चौखट छलके आंसू मिले न छाया वो ममता का साया दम लूँ कहाँ? बतला ज़रा तुझे लाऊं कहा से […]

हाइकु/सेदोका

अमन चाँदपुरी के तीन हाइकु

अमन चाँदपुरी के तीन हाइकु 1. वृक्ष की छाँव न मिले शहर में गर्मी में गाँव। 2. बहती हवा बहका ले जाती है मेरे मन को। 3. गर्म हवाएँ कड़ी दोपहरी में पेड़ जलाएँ।

हाइकु/सेदोका

सागर /समुद्र पर आधारित हाइकु

गुंजन अग्रवाल 1 शर्मीला चाँद सिन्धु तट उतरा मेघों की ओटI 2 जीव इच्छाएँ सागर सी अथाह रही अधूरी/ होती न पूरी 3 आया तूफान बहा ले गया घर मौन सागर । 4 बचा लो पानी सागर भी है प्यासा नदी कहानी । 5 नयनवासी भवसिंधु में स्वप्न भविष्यवासी । 6 नन्हा शैशव अब्धि सी […]

हाइकु/सेदोका

कुछ हाइकू

1. ताकत नहीं प्यार से जुड़ती है रिश्तो की लड़ी 2. ना छटपटा दिल का दिया जला/ जला दिल का दिया मन बावरे 3. घर घर में विद्या दीप जलाएं तम मिटाएँ । 4. जान ले सच भ्रूण हत्या पाप है पाप से बच 5. चीखे पुकारे गर्वशय में शिशु जिसे तू मारे