हाइकु/सेदोका

हाइकु

१. अभिनंदन      बदल गया अर्थ      अभिनंदन २. वो नियंत्रण     यें प्रत्यक्षीकरण     पवन पुत्र ३. नहीं हो अब     नियंत्रण रेखा पे     वो नियंत्रण ४. अंतःकरण     पिघल गया आज     लौह पुरुष ५. महा संग्राम     सरहद पे रण    होगा […]

हाइकु/सेदोका

तीन हाइकु

     1 बसंत ऋतु खिले प्रणय पुष्प दिल मचला।      2 प्रेम की भाषा आँखें हुई चंचल निंदिया दूर।        3 जीना बेकार प्रेम स्पर्श न मिला प्यासा हृदय। — निर्मल कुमार डे

पद्य साहित्य हाइकु/सेदोका

वसन्त पंचमी (वसन्त पंचमी पर 10 हाइकु)

1. पीली सरसों आया है ऋतुराज ख़ूब वो खिली। 2. ज्ञान की चाह है वसन्त पंचमी अर्चन करो। 3. पावस दिन ये वसन्त पंचमी शारदा आईं। 4. बदली ऋतु, काश! मन में छाती बसन्त ऋतु। 5. अब जो आओ ओ! ऋतुओं के राजा कहीं न जाओ। 6. वाग्देवी ने दीं परा-अपरा विद्या, हुए शिक्षित। 7. चुनरी […]

हाइकु/सेदोका

“हाइकु”

चुनावी जोश खोता जा रहा होश है अफसोस।।-1 नेता जी आए वादे गुनगुनाए क्या मन भाए।।-2 फ्री का राशन इतराए शाशन भरा वासन।।-3 हिंदू हिंदुत्व जानी मानी आकृत छद्मि प्रवृत्ति।।-4 वोट के लाले मतलबी निवाले हैं दिलवाले।।-5 महातम मिश्र “गौतम” गोरखपुरी

हाइकु/सेदोका

हाइकु-सत्य असत्य

सत्य असत्य पर भारी पड़ता कलयुग है। ***** सत्य जीतेगा असत्य तो हारेगा मुमकिन है। ***** कष्ट सहता सत्य असत्य पर भारी पड़ता। ***** नामुमकिन सत्य का हार जाना असत्य से यूँ। ***** विजयपर्व मनाते, सत्यपथ पर चलते। ***** हर्षानुभूति सत्य की विजय से असत्य पर। ***** पक्की होती सत्य की जीत सदा असत्य पर। […]

हाइकु/सेदोका

हाइकु-विजयदशमी

विजयपर्व है विजयदशमी जीत सको तो ***** रावण भला मरता कब कहाँ बताओ भला। ***** अकेला था वो और अब रावण अनगिनत। ***** रावण भला रावण को मारेगा यकीन नहीं। ***** रावण कभी मर नहीं सकता मारेगा कौन? ***** तुम रावण हम भी तो रावण मार सकोगे। ***** रावण भला मरेगा भी तो कैसे रावण […]

हाइकु/सेदोका

हाइकू – माँ अम्बे को नमन

माँ तुम जैसा स्नेह-ममत्व पाऊँ, कहाँ जग में । —— कभी बनती, गौरी कभी काली सी, माँ कल्याण को । —— धर कलश करूँ मैं माँ स्वागत, बना साँतिया । ——- नारियल को, सजाकर पत्र से, कर जोड़ता । —— थाल सजाके, फूल-प्रसाद तुझे, अर्पण करूँ । —- तेज़ मुख पे, लिए आ रही तुम, […]

हाइकु/सेदोका

हाइकु-दान

अनमोल है दान की परंपरा नियम धर्म। *** यथा समय करते रहें दान जीवन धन्य। *** दान कीजिए खुशी खुशी पात्र को सामर्थ्य भर। *** धन ही नहीं नेत्रदान कीजिए खुले मन से। *** महादान है रक्तदान कीजिये स्वस्थ रहिए। *** दान का मोल कौन चुका सकता कोई भी नहीं। *** परंपरा है सदियों से […]

हाइकु/सेदोका

हाइकु

शिक्षक देता सदा हमको ज्ञान धन्य है वो। +++ जीवनधारा प्रवाहित करता शिक्षक शिक्षा। +++ नि.स्वार्थ पथ सतत चलता है शिष्य के लिए। +++ पूजो शिक्षक जीवन हो स्वच्छ निश्चिंत बन। +++ शिक्षा संस्कार शिक्षक दे सकता भरोसा तो हो। +++ शिक्षक ,गुरू भगवान सरीखे झुका लो सिर। +++ जीवन पथ प्रदर्शित करते शिक्षक ,गुरू।