Category : हाइकु/सेदोका

  • बेटी

    बेटी

    बटी निराली लगती बड़ी प्यारी है बड़ी न्यारी! ……………….. नन्ही कली ने जब आँगन आई बाजे बधाई! …………….. घर आँगन खिली उपवन से लगते प्यारे! ……………… फूलों सा सीचा सर्व गुण भरके नन्हीं परी को! ………………...

  • हाइकू !

    हाइकू !

    १. अंसतुलन प्रकृति का प्रकोप समझो अब ! २. ये प्रदूषण हरियाली सिमटे पेड़ बचाओ ! ३. क्यूं रुढ़िवाद करे खोखली जड़ें पीड़ित कहें ! ४. बदलो उन्हें बन बेड़ी जो यूंही उन्नति रोकें ! ५....

  • हाइकु

    हाइकु

    हाइकु ——————— एक ओंकार ब्रम्हांड का आधार निर्मल धार ————— अनंत नाद होती गुंजायमान शब्द लहरी ————— चेतना शून्य मृतक के समान हुआ निष्प्राण —————– नापी न जाए शून्य की गहराई बहुत बड़ी —————– रमा प्रवीर...


  • होली पर हाइकु

    होली पर हाइकु

    होली पर हाइकु 01ः- खेलते रंग विश्वास घात का अनोखा ढंग। 02ः- चतुराई से होलिका है जलती न प्रहृलाद। 03ः- होली के रंग अपनत्व के साथ रंग न भंग। 04ः- गुलाबी रंग गालों पर मलते दाग...



  • चुनावी हाइकु

    चुनावी हाइकु

    चुनावी हाइकु 01 – इस चुनाव आदमी तो आदमी गधे भी खुश । 02 – अपने साथ अपनों को गिराया इस चुनाव। 03 – स्वार्थ उनका हम सब पिसते हर चुनाव। 04 – पाक है साफ...