हाइकु/सेदोका

चंद हाइकु कविताएँ

1 फूटने लगा ललछौंहा उजास पूरबी छोर । 2 प्यासा पादप ताके अंतिम क्षण बरसो मेघ । 3 खिला सुमन प्रेमी सूरज संग /गाल चूमती हवा चूमे किरण / हँसे किरण । 4 मसल नैन सुबह की चौखट जागती रैन । 5 मधुमालिती अलि भरें सागर मधु सागर । 6 कमल-कुञ्ज अलि मधु सौरभ प्रीत […]

हाइकु/सेदोका

माहिया

  काँटों में कलियाँ हैं बिटिया की बतियाँ मिसरी की डलियाँ हैं ।१ क्या थी कुव्वत मुझ में बाँट दिया रब ने माँ ! बिटिया में , तुझ में । २ क़िस्से दिन रातों के संग खिलौने हैं मीठी सी बातों के । ३ मिलने की आस बँधी झूम उठी बगिया फूलों से ख़ूब लदी […]

हाइकु/सेदोका

सेदोका (577 577 वर्ण)

(1) जेठ ज्यों चूल्हा तवा बनी धरती सूरज सम आँच मानव सिंकें उबलता पसीना हाँफती त्रस्त साँसें   (2) तुम चंद्रमा मेरा हृदय नभ बंधन ये अटूट है कोहिनूर जिंदगी की कमाई मुस्कानों की वजह   (3) होंठ लजाए छिप गयी मुस्कान दिल की ओट ले के खिला चेहरा गुलाबी हुआ समां बहका रोम-रोम   […]

हाइकु/सेदोका

चन्द हाइकु

1 :~ सच बोलना आईने से सीखिये टूट कर भी 2:~घूरते नैंन सृष्टी देवी व्यथित छुपाये तन 3:~आत्मा जुगनूं घट ज्योति कलस रौशन जग ‘ 4:~ अभ्यर्थना है स्वीकृत हो प्रणय सार्थक प्रण 5:~ टकरा कर लौटती दबे पाँव शांत लहर 6:~सिन्दूरी नभ चूमता सागर को क्षितिज साक्षी 7:~क्षितिज गोद स्वर्णिम आभा फैली खेलता सूर्य […]

पद्य साहित्य हाइकु/सेदोका

हाइकु

1 वीर हँसते जिन्दगी ज्यूँ छेड़ती भीरु रो लेते । 2 वसंत शोर रवि-स्वर्णाभा-होड़ पीले गुच्छों से। 3 असार स्वप्न भस्म हुई उम्मीदें धुँआ जिन्दगी । 4 दुःख व हंसी जिंदगी की सौगातें रूप सिक्के के । 5 पद के मद आंगन में दीवारें घर कलह। 6 घर कलह बरसे रिश्तों पर बेमौसम सा। =

हाइकु/सेदोका

महिला दिवस हाइकु

1 माला की सूता संजोये दो दो ड्योढीं सेतु है सुता । 2 घर गमले स्त्री-वट हो बोंजाई रिश्ते सम्भले। 3 बिहँसे हिय छूती शिखर सुता नैन में भय। 4 चक्की जोहती खनकती चूड़ियाँ दाल दरती । 5 डूबाती ठाँव देहली जाती लाँघ मिटाती छाँव। 6 जीव सींचती स्थितप्रज्ञ स्त्री धारा अंक भींचती । रागी […]

हाइकु/सेदोका

होली हायकु

1 भीगी है चोली सुलगा तन मन विरही होली । 2 होली में लाल रंग नहायी पिया खुश्बू तू ख्याल । 3 भीगी चुनर ज्यों सुधियाँ बरसी नयन कोर । 4 बांका है छोरा रंग डाला है मोरा मुख था गोरा । 5 हर्षित मन होली के रंगों संग भीगता तन 6 नेह का रंग […]

पद्य साहित्य हाइकु/सेदोका

होली की आप सबको हार्दिक बधाई

1 अँक हो तंग मिटे जलन जंग स्नेह बौछारें । 2 धूल की होली बवंडर बनाती हवा खेलती । 3 रंग बौछार सतरंगी बहार खुश संसार । 4 आशीष रंग चमक बिखेरता गुलाल संग । 5 सखियाँ टोली रंगों से भरी झोली प्यार की हो ली। 6 होली ज्यूँ आती उन्मादित उमंग कलुष धोती । […]

पद्य साहित्य हाइकु/सेदोका

हाइकु

1 मिटती पीड़ा मिलते स्नेही-स्पर्श ओस उम्र सी । 2 ईर्षा वाग्दण्ड रिश्तो में डाले गांठ टूटे धागा सी 3 उलझा रिश्ता सुलझाये वागीश ऊन लच्छा सा 4 स्नेह की थापी बुझती वाड़वाग्नि मृतवत्सा की। 5 स्वयं का बैरी अति जल में लता मनु दुर्मदी

हाइकु/सेदोका

मुस्कान स्मित

०१ मुस्कान तेरी, जीवन की नइया, है खेवइया। ०२ खिलखिलाना, तेरा मृदुल वाणी, मुस्कान मेरा। ०३ सदाबहार, बने रहे मुस्कान, मन हर्षित। ०४ आँखों में आशु, दिल में धड़कन, है हलचल। ०५ विखेरतें हैं, खुशबू चारों ओर, गुलिस्तां जैसे।