हाइकु/सेदोका

हाइकु

ठंडी की ऋतु घर घर अलाव बुझती आग।।-1 गैस का चूल्हा न आग न अलाव ठिठुरे हाथ।।-2 नया जमाना सुलगता हीटर धुआँ अलाव।।-3 नोटा का कोटा असर दिखलाया मुरझा फूल।।-4 खिला गुलाब उलझा हुआ काँटा मूर्छित मन।।-5 — महातम मिश्र, गौतम गोरखपुरी

हाइकु/सेदोका

ये बालक कैसा? (हाइकु विधा)

ये बालक कैसा? (हाइकु विधा) अस्थिपिंजर कफ़न में लिपटा एक ठूँठ सा। पूर्ण उपेक्ष्य मानवी जीवन का कटु घूँट सा। स्लेटी बदन उसपे भाग्य लिखे मैलों की धार। कटोरा लिए एक मूर्त ढो रही तन का भार। लाल लोचन अपलक ताकते राहगीर को। सूखे से होंठ पपड़ी में छिपाए हर पीर को। उलझी लटें बरगद […]

हाइकु/सेदोका

बूँद बूँद गिरता नेह !!!!

सावन आता बूँद बूँद गिरता नेह मन का ! … मेहंदी सजा सावन में बहना शुभ करती ! … पावन रिश्ता बंधन है स्नेह का निभाना सदा ! … अक्षत रोली सजा थाली में राखी बहना लाई ! … चूड़ी खनके मेंहदी वाले हाँथ बाँधे जो राखी ! …

हाइकु/सेदोका

अटल जी

‘अटल’ गए छोड़ अमर लोक शोक में देश । बिछुड़ा रत्न अनंत में अटल युग का अंत । ओजस्वी कवि करिष्माई अटल थी सोम्य छवि। कलम रुकी कविताएँ खामोश अपूर्ण क्षति । अंजु गुप्ता

हाइकु/सेदोका

हाईकू

हाईकू प्रीत मिलन मधुरमय बेला करे पुकार! नई उमंग मन मे है तरंग हुई मगन ! सुनी डगर निहारते सनम मिले कदम! लोग बेगाने बने इस तरह मिले सबक! अजनबी ये मन करता दुआ शुक्रिया तेरा? बिजया लक्ष्मी

हाइकु/सेदोका

चन्द हायकु

चन्द हायकु 1. चुप रहना कुछ मत कहना कर दिखाना। ———– 2. अकेला तू ही बदलेगा दुनिया शुरु तो कर। ———– 3. शिक्षा जरूरी जीवन-संग्राम में डिग्री नहीं। ———– 4. सब संभव कुछ न असंभव करके देख। ———- 5. प्रतिभा कभी मोहताज न रही परिवेश की। ———- 6. यथार्थ में है वास्तविक योग्यता ढोंग में […]

हाइकु/सेदोका

श्रृंगार धरती का !!!!

हरियाली ये श्रृंगार धरती का उजाड़ो मत ! …. हैं वरदान धरा में पेड़ पौधे बचा लो इन्हें ! … बो देना बीज धरा की गोद सूनी प्रकृति कहे ! …. खुद तपते शीतल छाँव देते हमें वृक्ष ये! … कड़वी नीम मीठी निम्बोली देती शीतल छाँव ! …. कुल्हाड़ी मार गिराया जो पेड़ को […]

हाइकु/सेदोका

मातृदिवस पर हाइकु

1 – स्वर्ग है कहीं माँ के ही चरणों में ढूँढो तो सही | 2 – माँ वंदनीय चौदह भुवन में अतुलनीय | 3 – माँ सरगम माँ प्रेम प्रतिभास माँ अहसास | 4 – घूमता चक्र माँ के ही इर्द -गिर्द हर रिश्ते का | 5 – मिला जिस को माँ का प्यार -दुलार […]

हाइकु/सेदोका

हाईकु

तुम बेवफा बने हृदय शूल वफा का सिला! हो गये जुदा देकर तुम दगा कुछ ना मिला! दु:खी मत हो मेरे टूटे हृदय वक्त दे भुला! दुआएं मेरी तुम रहो प्रसन्न मैं हूँ अकेला! बोझिल साँझ जर्जर हुआ तन मैं हूँ बेहाल!

हाइकु/सेदोका

-दस हाइकु-

1 – क्या -क्या जंजाल इक्कीसवीं सदी में सब बेहाल | 2 – सत्य कसैला मनमोहक झूठ बाजी ले लूट | 3- शब्दों की भीड़ बीमार कल्पनाएं अर्थ रहित | 4 – पीड़ा का मौन पिघलता है प्यार से समझे कौन | 5 – सपने बुने अलगनी में पड़ें सूखते रहे | 6 – बहरे […]