Category : ग़ज़ल/गीतिका

  • गीतिका

    गीतिका

    गीतिका आये न लोभ हमको , चाहे कठिन समय हो जो भी मिला खुशी है , श्रम से हमें कमाना जो प्रेम मानते रिश्ते वास्ता निभाना हो दूर दोष कोशिश वादा रहा बनाना . बरसात हो...

  • गज़ल

    गज़ल

    मायूस न हो ग़र मिले नाकामियां कभी ऎसा हे कि सब खा़ब मुसल्सल नहीं होते। माँ-बाप मुहब्बत में यही चाहें कि बच्चे, पल भर को भी निगाह से ओझल नहीं होते| मुश्किल कोई भी हो यहां...

  • गज़ल

    गज़ल

    हम ढली हुई लहरों में दिखे दखल आरज़ू क्या किसी सफ़ीने को आरज़ू-ए-साहिल है जिंदगी खड़ी देखे शामिल अगर मुश्किल नाव खोजता पाया अहम ओहदा ले शातुर है हो रही उदासी मुख जख्म लिये आहत हैं...


  • बालमन

    बालमन

    जोश सब  में भरे  बालमन। शाद दिल को करे बालमन। खौफ रखता  परे  बालमन। कब किसी से  डरे बालमन। प्रेम की  जब हवा आ  लगे, फूल  जैसा   झरे  बालमन। प्रेम का  खाद  पानी  मिले, खूब जमकर...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    साथ  तेरे  जब  से  मैं  आया गया। गीत  मेरा   हर  जगह  गाया  गया। फैसला  हक़  में न  फरमाया गया। हर  तरह  से  खूब  बहकाया गया। उंगलियाँ  जज़  पर उठाता  है वही, हक़ ब जानिब जो न...

  • “गज़ल”

    “गज़ल”

    वज़्न – 122 122 122 122, अर्कान – फऊलुन फऊलुन फऊलुन फऊलुन, बह्र – बह्रे मुतक़ारिब मुसम्मन सालिम, काफ़िया – आएँ स्वर, रदीफ- जाएँ “गज़ल” बहुत सावधानी से आएँ व जाएँ डगर पर कभी भी न...


  • गर हो आज तुम्हारी इजाज़त मुझे तो

    गर हो आज तुम्हारी इजाज़त मुझे तो

    गर हो आज तुम्हारी इजाज़त मुझे तो आसमाँ पे तुम्हारी इबारत लिखना चाहता हूँ तमाम दौलतें एक तरफ और तुम्हारी एक मुस्कान मैं तुम्हारी मुस्कान पर भरे बाज़ार बिकना चाहता हूँ रात की चादर हटे और...