Category : ग़ज़ल/गीतिका


  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    दिल्लगी औ दिल की लगी समझाता कौन है दर्द दिल में हो तो कहो…. मुस्कुराता कौन है बनती बिगड़ती देखी है हस्तियों की किस्मत समय के साथ चलने की शर्त निभाता कौन है चाँद तारे तोड़...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    ज़माने से नफ़रत के साये गए चराग़े मुहब्बत जलाये गए मुहब्बत से मेरी ज़बां बंद थी वो तोहमत पे तोहमत लगाये गए मिलीं हम को रातों की तारीकियां मगर ख़्वाब दिन के दिखाए गए जो बेघर...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    मैं  दिया  हूँ  जल  उठा  कोई  न  आये, वस्ल  का  लम्हा  टला  कोई  न  आये। सीख  लूँगा  प्यार  करना  मुस्कुराकर, भर   रहा   हूँ   हौसला   कोई  न  आये। ख़ून  का  रिश्ता  सगा  था  खो गया है, ज़िन्दगी ...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    ज़िन्दगी में ख़ैरियत का सिलसिला कुछ भी नहीं, हम  उसूलों  पर  चलें  हैं  सिरफिरा कुछ भी नहीं। वक्त  की   पाबन्दियों  में  जल  रहा  हूँ  रात-दिन, दरबदर   हूँ  मैं  भटकता  माज़रा  कुछ  भी  नहीं। हर  घड़ी  बस ...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    दौर   हाज़िर   है   हमारा  आज   के   रूदाद  पर, रख दिया  है ख़ुद सफ़र को नेह की बुनियाद पर। दीप  बन  रौशन  करें  जग ज्ञान की किरणों तले, कोशिशें सच  बोल  दे  ख़ुद मौसमी फ़रियाद पर। लड़खड़ाने  ...

  • गज़ल

    गज़ल

    खो गई कहीं धरोहर सारी संस्कृति का नाश हुआ भूल के जिम्मेदारी आदमी इच्छाओं का दास हुआ पौ फटने से पहले उठना सोच पुरानी लगती है सूर्यवंशियों के बच्चों को रात सुहानी लगती है कौन करे...

  • गीतिका

    गीतिका

    ईश्वर का तुम ध्यान करो हर पल प्रभु गुणगान करो घर में बड़े जो वृद्धजन उनका तुम सम्मान करो रिश्ते होते हैं अपने उनको मत अनजान करो करना ही जो दान अगर निज पापों का दान...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    आज की रात ये बोलो कि कटेगी कैसे टूटा है दिल सांस सीने में रुकेगी कैसे सो गईं थककर तन्हा ये बोझल आँखें प्यास दीदार की आंखो की बुझेगी कैसे पूछ लो दिल से कोई फ़ैसला...

  • “गीतिका”

    “गीतिका”

    महा शिवरात्रि के परम पावन पर्व पर सादर प्रस्तुत गीतिका आप सभी को ॐ नमः शिवाय, हर हर महादेव, ॐ जय श्री महाकाल अवघड़ दानी भोले बाबा संग में नंदी बैला नाचे गाए धूम मचाए भंग...