Category : ग़ज़ल/गीतिका

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    रहनुमा दूंढते हैं’ माल कहाँ सत्ता’ कुर्सी समान हाल कहाँ | प्यार में तेरे’ मैं हुआ बेहाल मेरे’ तक़दीर में विसाल कहाँ | रात दिन व्यस्त हैं सभी सैनिक देखते हैं कि कब बवाल कहाँ |...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    राजाधिराज का गिरा’ दुर्जय कमान है सब जान ले अभी यही’ विधि का विधान है | अद्भूत जीव जानवरों का जहान है नीचे धरा, समीर परे आसमान है | संसार में तमाम चलन है ते’री वजह...


  • कारवां

    कारवां

    चलने लगा है मुस्कुराता कारवां ये हयात का चल पड़ो सब साथ मसला छोड़ जात पांत का रब ने भेजा है हमें एक ही दुनियाँ में साथ क्यूं बढ़ाते फ़ासला हो नामुनासिब बात का चांद सूरज...

  • जिन्दगी

    जिन्दगी

    नाशाद सी लगे,कुछ खफा सी लगे। आजकल जिन्दगी, हादसा सी लगे। बहुत गहरा ताल्लुक है अश्कों से, दर्द की तडफ महबूबा सी लगे। तूफान  मुझ  पे  हो  गए  मेहरबां, हर  लहर  मुझे  नाखुदा  सी  लगे। मै...

  • चारदीवारी

    चारदीवारी

    ढूंढता हूं इंसां को ईंट गारों की चारदीवारी में। उगते है केक्टस अब के गुलाब की क्यारी में। सोचा था कि न याद करेंगे तुम्हें अब भूले से, फिर तुम्हें याद किया दिल ने नींद की...


  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    चनावी दंगलों में स्याह धन की आजमाइश है इसी में रहनुमा के मन वचन की आजमाइश है | सभी नेता किये दावा कि उनकी टोली’ जीतेगी अदालत में अभी तो अभिपतन की आजमाइश है | खड़े...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    जिंदगी तू अब मुहब्बत गुनगुनाना सीख ले हर मुसीबत में सदा तू मुस्कुराना सीख ले | आपदा का आना’ जाना फ़क्त इत्तेफाक है मत डरो आपत्तियों से, डर मिटाना सीख ले | गर तुम्हे कोई डराए,...

  • सुनामी आ गई-

    सुनामी आ गई-

    मुसलसल बरसात का सिलसिला जारी रहा जिस पल………….. पलकों में भी सावन की सौगात आ गई इनायत औ गुनाहों ने संग में कदम रखा तरबतर दुनियां हुई, सुनामी आ गई मुसलसल बरसात……………. ढूंढते हैं सु कहीं...