Category : ग़ज़ल/गीतिका

  • गज़ल

    गज़ल

    मेरे जिक्र ने तुमको भी पलभर के लिए चौंकाया होगा। घड़ी भर के लिए सही पर चेहरा मेरा याद आया होगा। किस्सा पुराना कह कर तुमने तो दामन झाड़ लिया मगर किस्मत ने हमें फिर किसी...

  • गजल

    गजल

    दर पे मेरे आना उनकी इनायत हो गई बैठे-बिठाए जैसे एक बगावत हो गई गुस्ताखियाँ उनकी निगाहों से मशहूर हमसे भी शोहबत में हिमाकत हो गई वो लग रहा था मासूम मेरे ठिकाने पे बाहों में...

  • देश को दिल और मेरी जान लिख…

    देश को दिल और मेरी जान लिख…

    देश को दिल और मेरी जान लिख। मैं हिन्दुस्तानी हूं यही पहचान लिख॥ दिल में धडकता है तिरंगा रात दिन। दिल्ली को मेरी आन बान शान लिख॥ गंगां को जीवन और यमुना को बदन। कश्मीर घाटी...

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    ग़ज़ल

      हमारे मुल्क की दिखती हैं कुछ बेकार तस्वीरें बदन दिखला रही खुलकर सरे-बाजार तस्वीरें कलेजा हो गया छलनी मिरे आँसू निकल आये जहाँ में घूम कर देखा बहुत लाचार तस्वीरें कभी हासिल नहीं होती फ़क़त...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    सुना दिल की बातें कहने लगा वो के अब तो बहानो में जीने लगा वो बड़ी मुद्दतों से था कैद में पंछी के अब तो हवाओं में उड़ने लगा वो संभल जाएगा दिल जरा तो संभालो...


  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    इतराये बादल। छुप जाये बादल।। रो रो कर आँसू, ढलकाये बादल। प्यासी देख धरा झट छाये बादल। आज जुल्म इतना, क्यूँ ढाये बादल। कुछ यादों के हैं, ज्यूँ साये बादल। सावन झूले पे, बलखाये बादल। संग...



  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    सियासत वो पहेली है कि जिसका हल नहीं कोई, यहां जो आज साथी है वो अपना कल नहीं कोई बस अपनी जेब भरने को सभी नेता सयाने हैं, मुल्क पे वार दे खुद को इतना पागल...