Category : ग़ज़ल/गीतिका

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    गर्मी-ए-इश्क भी क्या ख़ाक असर लाएगी, बर्फ  पिघलेगी  तो  चट्टान  नज़र  आएगी। हम तो दिल देके सजाते थे कोई ख्वाबे-विसाल, किसको मालूम था  रुसवाई  कहर ढाएगी। शौक  पीने  का  अगर है  तो निगाहों  से पी, मय...

  • ग़ज़ल

    जख़्म जिन्दा हो गए, जब से हुआ उनका करम । तोड़ कर वो आ गए, मेरी मुहब्बत का भरम।। खैरियत में मांगता था , मैं दुआ जिनके लिए । वो सजाएँ लिख गए , होना मेरे...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    कहीं जीने से मैं डरने लगा तो ? अज़ल के वक़्त ही घबरा गया तो ? ये दुनिया अश्क से ग़म नापती है अगर मैं ज़ब्त करके रह गया तो ? ख़ुशी से नींद में ही...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    ये मौसम है खुशगवार सखी प्रीतम से मुझको प्यार सखी ।   मेरी  प्रीत  की  अदा निराली उसका मुझको इंतजार सखी ।   दिन रात उसका नाम पुकारू जीवन भर का व्यवहार सखी ।   मेरी...

  • ग़ज़ल : मौका

    ग़ज़ल : मौका

      गजब दुनिया बनाई है, गजब हैं लोग दुनिया के मुलायम मलमली बिस्तर में अक्सर वे नहीं सोते यहाँ हर रोज सपने क्यों, दम अपना तोड़ देते हैं नहीं है पास में बिस्तर, वे नींदें चैन...


  • दूर तुमसे…..

    दूर तुमसे…..

    दूर तुमसे मैं तो रह नहीं पाता बात तुमसे यह कह नहीं पाता बिखरा बिखरा सा अब रहता हूँ जुदाई तुम्हारी सह नहीं पाता विरह की ईटों से बना मीनार हूँ तेरी दुआ साथ हैं ढह...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    सीना अश्कों से भर गया होता मैं न रोता तो मर गया होता खुद ही डूबा हूँ मैं तेरे ग़म में चाहता तो उबर गया होता ग़म की लौ और तेज़ होती तो और थोडा निखर गया होता...


  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    गर्मी-ए-इश्क भी क्या ख़ाक  असर लाएगी, बर्फ  पिघलेगी  तो  चट्टान  नज़र  आएगी। हम तो दिल देके सजाते थे हंसी ख्वाब कई, किसको  मालूम था  रुसवाई कहर  ढाएगी। शौक  पीने का  अगर  है, तो निगाहों से  पी,...