Category : ग़ज़ल/गीतिका

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    भूख का भूगोल अब पढ़ना कठिन है डूबना आसान पर तरना कठिन है मूर्ति की पूजा करो या जाप भी दुखी के संग चार पग चलना कठिन है चीखती है भुखमरी मुख फाड़ कर यूँ खेद...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

      दोस्त तुम भी कमाल करते हो बेसबब क्यूँ मलाल करते हो भान ख़ुद चाँद से ज़ुदा कब है दोस्ती पर सवाल करते हो ? दौलते-हुस्नो-नूर से शब को दोस्त तुम मालामाल करते हो दीद देकर...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    अपने उजड़े हुए दयार की कहानी हूँ मैं, चीर कर रख दे दिल को उस ग़म की निशानी हूँ मैं। आरज़ू बन कर जो कभी दिल में निहाँ रहता था ख़िज़ाँ ने लूट ली जो बहार...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    कैसे समझें कब निकलेगी जान कहाँ। पल पल मरने वाले को ये भान कहाँ। मानवता से रिश्ता जोड़ो दुनिया में साथ निभाते हैं यारो भगवान कहाँ पाप धरा पर फ़ैल रहा है ज़ोरों  से गीता रामायण...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    ज़िंदगी कतरा-कतरा पिघलती रही शाम ढलनी ही थी शाम ढलती रही कुछ ना कहा मैंने लब सिल लिये आँखों के रस्ते हसरत निकलती रही किस्मत में था उसके फक्त इंतज़ार खल्वत-ए-शब में भी शमा जलती रही...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    मैं ये जाहिर नहीं करता कि मैं सब याद रखता हूँ पहले भूल जाता था मगर अब याद रखता हूँ भरोसा उठ गया जबसे मेरा इंसानियत पर से महफिल में हर इक बंदे का मजहब याद...

  • ग़ज़ल – हारता है प्यार

    ग़ज़ल – हारता है प्यार

    पिस गई अब भावनायें , हारता है प्यार दब गई इंसानियत ही , स्वार्थ में हर बार आज माँ बापू हुए हैं , बालकों पे भार जन्मदाता आज इतना , क्यों हुआ लाचार काटना मत अब...

  • हर और प्यार सा है…

    हर और प्यार सा है…

    तुम जब से मिल गये हो, दिल में करार सा है। सब कुछ बदल गया है, हर और प्यार सा है॥ खुशबु अलग सी है कुछ, बदले से हैं नजारे। मौसम पे भी अलग सा, छाया...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    अनकहे अल्फाजों और झुकी पलकों में छुपी हुई कहानी कुछ खास तो है तकती हैं राहों को हर पल ये निगाहें तुम्हारा इंतजार मिलन की आस तो है गिला करो या शिकवा या फेर लो नजरें...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    अजनबी तुम रहो अजनबी की तरह चाहते हैं तुम्हें जिंदगी की तरह । टूट जाए वफा का भरम गर कभी रौशनी भी लगे तीरगी की तरह । क़िस्मतों में मेरी क्यों जुदाई लिखी प्यार हमने किया...