Category : ग़ज़ल/गीतिका

  • गज़ल

    गज़ल

    ये माना कि शब का अँधेरा घना था, मगर राह में हमको रूकना मना था, ======================= धुँधले थे कुछ आसमां में सितारे, और चाँद भी थोड़ा सा अनमना था, ======================= बहुत तेजी से आगे निकला था...

  • गज़ल

    गज़ल

    खाक होने दे बदन ये धूप में, साया ना कर, हाल मेरा पूछकर वक्त अपना तू ज़ाया ना कर, ============================= गर छुपाना चाहता है दुश्मनों से राज़ सारे, बात कोई दोस्तों को अपनी बतलाया ना कर,...

  • गज़ल

    गज़ल

    एक बुलबुला फानी है, चंद साँसों की रवानी है, ================== कभी यहां तो कभी कहां, जीवन बहता पानी है, ================== दिन हैं सारे उजले-उजले, और हर शाम सुहानी है, ================== बड़ी कीमती शै होती है, जिसका...

  • गीतिका

    गीतिका

    अब छोड़ो भी तकरार प्रिये क्यों नोंक झोंक हर बार प्रिये . खुशियों की बारिश में भीगो गम से हो क्यूँ बेज़ार प्रिये .. ये धरती क्या ये अम्बर क्या अपना सारा संसार प्रिये .. औरों...




  • “गज़ल”

    “गज़ल”

    आप के पास है आप की साखियाँ मत समझना इन्हें आप की दासियाँ गैर होना इन्हें खूब आता सनम माप लीजे हुई आप की वादियाँ॥ कुछ बुँदें पिघलती हैं बरफ की जमी पर दगा दे गई...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    नया युग आ गया है अब, असहमति को मिटाना है नया भारत नया ढाँचा, बनेगा वह निराला है | वे’ जो नाराज़ हैं उनको, मनाना है दुबारा अब सभी को साथ लेकर अब हम्ही को दम...

  • गज़ल

    गज़ल

    कुछ तो अच्छी आदत रखिए, थोड़ी-बहुत नज़ाकत रखिए गैर भी अपने हो जाएँगे, दिल में बस रफाकत रखिए झूठ के पाँव नहीं होते हैं, सच कहने की हिम्मत रखिए बातों में मिठास ज़रा सी, नज़रों में...