Category : ग़ज़ल/गीतिका



  • ‘गज़ल”

    ‘गज़ल”

    वक्त को मिलने गया शय आसमां हो जाएगा छल गया उस जगह जाकर क्या खुदा हो जाएगा आप की नाराजगी है जो शहर भाती नहीं फेर कर भागे नयन क्या आईना हो जाएगा॥ भूल थी अपनी...

  • अपना बना ही लेंगे

    अपना बना ही लेंगे

    धीरे-धीरे तुझको अपना बना ही लेंगे देर लग सकती है पर तुझको मना ही लेंगे, बड़ी बेश कीमती होती है दिल की दौलत कितना भी संभालों पर तुम से चुरा ही लेंगे, आसमान पर बिखरे हुए...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    इक रोशनी की कैद में रहता हूँ इन दिनों लहरों के साथ-साथ मैं बहता हूँ इन दिनों सुनते ही जिसको ध्यान में खो जाये आदमी गजलें उसी मिजाज की कहता हूँ इन दिनों बालू से जो...

  • गज़ल

    गज़ल

    आगाज़ तो हो जाए अंजाम तक ना पहुंचे जब तक मेरी कहानी तेरे नाम तक ना पहुंचे तेरे आने से उजाला फैला है हरसू लेकिन ये सुबह धीरे-धीरे कहीं शाम तक ना पहुंचे कभी उनसे सिलसिले...


  •  “गज़ल”

     “गज़ल”

    बह्र- 212 212 212 212, काफ़िया – अने, रदीफ़- देखिए आइना पास है सामने देखिए सूरतों की कसक मायने देखिए आप भी बेवजह दाग धोने चलीं नूर नैना नजर दाहिने देखिए॥ उठ रहें हैं धुआँ किस...


  • गज़ल

    गज़ल

    सच की राह पर हम चल रहे हैं जलने वाले तो बस जल रहे हैं रहे गाफिल तो डस लेंगे ये झट से सांप आस्तीनों में जो पल रहे हैं सिखाएँगे वो अब हमको अकीदत रूसवा...