Category : ग़ज़ल/गीतिका

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    सैनिकों ने ही मिटाया, दाग दामन में नहीं वो गुलामी का चिन्ह भी आज गुलसन में नहीं | हिन्द की स्वाधीनता सैनिक इनायत मिली उनके’ जो बलिदान, नेताओं के’ चिंतन में नहीं | त्याग की जितनी...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    उन्हें मुफलिसी से उठा कर तो’ देखे विरादर में’ अपने मिलाकर तो’ देखे | महल जानते कष्ट क्या झोपडी का महल झोपडी द्वार आकर तो’ देखे | वफादार कोई नहीं बेवफा सब अधम की वफ़ा आजमाकर...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    अँधेरी’ रात में’ रब एक माहताब तो’ दे मे’रे सनम के’ दिले बाग के गुलाब तो’ दे | चलो कहीं को’ई’ मुझको कभी खिताब तो’ दे न चाहिए मुझे’ अब दोस्त, इक रकीब तो’ दे |...






  • गज़ल

    गज़ल

    कभी बना के हँसी होंठों पे सजाऊँ उसे कभी अश्कों की सूरत आँख से बहाऊँ उसे कभी पढूँ उसे पाकीज़ा आयतों की तरह कभी गज़ल की मानिंद गुनगुनाऊँ उसे वो कहता है कि न किया करो...

  • गीतिका

    गीतिका

    सुन्दर सलौने श्याम,करुणाकार तुम ही हो तुम ही अमिट एक नाम,जगदाधार तुम ही हो ।। धड़कन तुम्ही से चलती है,साँसे तुम्हारी दी हुयी निष्प्राण मेरे प्राणों का संचार तुम ही हो ।। कब तक भँवर टकरायेगी,नैया...