Category : भजन/भावगीत

  • कविता – ‘प्रभु की माया’

    कविता – ‘प्रभु की माया’

    हे! जगतगुरू जब –जब तुम्हें पुकारूं तब–तब तुम बहरे क्यों?हो जाते हो। क्या हवा लगी हैं इस दुनिया की जो तुम अंधे भी बन जाते हो।। आनाकानी जब–जब करते हो मेरा साहस क्षीण होता हैं। लाख...

  • सरस्वती-वंदना

    सरस्वती-वंदना

    मातु शारदे,नमन् कर रहा,तेरा नित अभिनंदन है ! ज्ञान की देवी,हंसवाहिनी,तू माथे का चंदन है !! अक्षर जन्मा है तुझसे ही, तुझसे ही सुर बिखरे हैं वाणी तूने ही दी सबको, चेतन-जड़ सब निखरे हैं दे...

  • सरस्वती वंदना

    सरस्वती वंदना

    हे हंस वाहिनी मुझे वरदान दो वरदान दो | अपनी कृपा की कोर दो उत्थान दो वरदान दो | वागीश वीणा वादिनी करुणा करो करुणा करो | मुझको अगम स्वर ज्ञान का वरदान दो वरदान दो...

  • भगवान परशुराम की वन्दना

    भगवान परशुराम की वन्दना

    ॐ जय ऋषिवर परशुराम,जय ऋषिवर परशुराम। विप्र जाति के रक्षक,सबके लीला धाम।।ॐ जय…. जमदाग्नि नन्दन हो,जग के पालनहार। रेणुका से जन्में,किया शत्रु संहार।।ॐ जय….. महादेव की भक्ति में,सब अर्पण किया। बदले में शिवजी ने,परशु भेंट किया।।ॐ...

  • माता रानी

    माता रानी

    माता रानी ओ ओ , माता रानी ओ ओ ll माता रानी शेर पे  सवार होकर आई है, —-2 हाथ में  भाला, है तलवार भी लाई हैं।। माता रानी ओ ओ , माता रानी ओ ओ...

  • जय माता दी

    जय माता दी

    जगत जननी आदिशक्ति तुम अम्बे मैया  भवानी जय जयकार सदा  रहे घर मेंं बसेरा तुम्हारा रखना सदा सलामत घर परिवार रखना रोशनी, मिटाना अन्धेरे मनोकामनाएं पूर्ण करती  सदा खुशी का सवेरा रहेगा हो रही  तेरी  मां...

  • राधा मैं हारी

    राधा मैं हारी

    सुन लो पुकार मेरी, कहती है राधा बेचारी। अब न बनूंगी मैं राधा, बनके राधा मैं हारी।। सुनो हे गिरधारी मुरली मनोहर अगले जन्म तुम्हें है राधा बनना, बनूंगी मैं कृष्ण कन्हैया तुम्हारा सही जो पीर...


  • सरसी छंद रचना – दुर्गा स्तुति

    सरसी छंद रचना – दुर्गा स्तुति

    नमो नमो है माता दुर्गे ,तेरी जय जयकार । सिंह वाहिनी मात भवानी ,वन्दन बारम्बार ।। तुम ही सृजन रूप में माता ,पालक रूप तुम्हार । कल्प अंत संहाररूपिणी ,जग तेरा विस्तार ।। शत रूपा  है...