भजन/भावगीत

हे त्रिपुरारि … 

जय त्रिपुंडधारी गल मुंडधारी सृष्टि जाने तव महिमा न्यारी हे सहज देव हे भोलेनाथ रख सिर हाथ कर दो सनाथ हे नीलकंठ हे अविनाशी जागो जागो हे हिमवासी संसार तृष्त रोगों का भय हे महादेव कर दो अभय हे चंद्रमोलि हे गंगाधर भक्तों के पालक हर हर हर हे त्रिनेत्र त्रिशूलधारि विनती सुनिये हे त्रिपुरारि […]

भजन/भावगीत

हे महावीर तुम्हें शत् शत् प्रणाम

हे राम दूत तुम सबके रक्षक हो, तुम कर्मवीर हनुमान जी , तुम ही तो बल के धाम हो, सब तुमको वंदन करते है, हे महावीर तुम्हें शत् शत् प्रणाम। तुम ही प्रेम के सच्चे स्वरूप हो, शिव जी के अवतार हो, तुम्ही दया के सागर हो, तुम्हीं कष्ट हरण नाशक हो, हे महावीर तुम्हें […]

कविता भजन/भावगीत

“शिवेंद्रवज्रा स्तुति”

इन्द्रवज्रा/उपेंद्र वज्रा/उपजाति छंद “शिवेंद्रवज्रा स्तुति” परहित कर विषपान, महादेव जग के बने। सुर नर मुनि गा गान, चरण वंदना नित करें।। माथ नवा जयकार, मधुर स्तोत्र गा जो करें। भरें सदा भंडार, औघड़ दानी कर कृपा।। कैलाश वासी त्रिपुरादि नाशी। संसार शासी तव धाम काशी। नन्दी सवारी विष कंठ धारी। कल्याणकारी शिव दुःख हारी।।१।। ज्यों […]

भजन/भावगीत

कविता – प्रभु ध्यान

कर्म भाग्य इंसान का सब प्रभु के हाथ कर समर्पित आपनो हो प्रभु के साथ सुंदर जीवन संसार में सुंदर सारे रीत मन समर्पित करो सदा मिले फिर मनमीत सुंदर जग श्याम का सुंदर है उपहार कर्म आपन करो सदा यही पूर्ण है सार मानव जीवन है मिला अनुपम ये उपहार ना भूलो तूम ये […]

भजन/भावगीत

सिर नवा लो प्रभु के धाम।

प्रभु से बड़ा है प्रभु का नाम सिर नवा लो प्रभु के धाम। कोमल किश्ती पार करेंगे हम सबके प्यारे प्रभु राम। मत देखो क्या खोया तुमने सोचो तुमने क्या पाया। इस जगती के हेर-फेर में कितना जीवन व्यर्थ गंवाया। मन-मंदिर की विचार ग्रंथि को अर्पण कर दो प्रभु के नाम। कोमल किश्ती पार करेंगे […]

भजन/भावगीत

गीत – बीती जाए उमरिया मेरी 

मेरे प्रभु राम जी कब दोगे तुम मुझको दर्शन। बीती जाए उमरिया मेरी तेरा तुझको सब कुछ अर्पण। क्या लाया था क्या ले जाए प्रभु की महिमा कही न जाए। दो कर जोड़ शीश नवा ले प्रभु में अपना ध्यान लगा ले। खिल जायेगा तेरा जीवन झांक ले तू मन के दर्पण । बीती जाए […]

भजन/भावगीत

माँ सिद्धिदात्री

नवम रुप माँ जगदम्बे का माँ सिद्धिदात्री कहलाती है, शंख, चक्र,गदा, कमल मैय्या धारण करती है। कमल आसन पर विराजित माँ कमलासनी भी कहलाती हैं, सिंहवाहिनी मैय्या मेरी सबको बहुत सुहाती है। इनकी पूजा से भोले ने भी सिद्धियाँ बड़ी प्राप्त किये, सर्वसिद्धियाँ मिलती उसको जो सिद्धिदात्री का ध्यान करे। चर्तुभुजी माँ सिद्धिदात्री सब मिल […]

भजन/भावगीत

माँ महागौरी

माँ जगदम्बे का अष्टम रूप माँ महागौरी कहलाये, श्वेत वस्त्र आभूषण से अलंकृत माँ श्वेतांबरा भी कहाये। चार भुजाओं वाली मैय्या त्रिशूल डमरु संग सुहाए, शंख, चंद्र, कुंद की महिमा माँ के मन को भाये। वृषभ वाहन धारिणी मैय्या वृषारूढ़ा भी कहलाये, न्यायप्रिय और शांत मुद्रा माँ की मन को बहुत रिझाये। माँ अन्नपूर्णा रूप […]

भजन/भावगीत

माँ कालरात्रि

सप्तम रूप माँ जगदम्बे का माँ कालरात्रि कहलाये, शुभकारी फल देती मैय्या शुभंकारी भी कहलाये। रुप भयानक, डरावनी पर भक्तों को नहीं कमी, दुष्टों का विनाश है करती काल विनाशिनी माँ। भूत प्रेत सब दूर रहे अग्नि, जल,शत्रु का न भय, ग्रहबाधा का नाश करे कालरात्रि माँ। एकनिष्ठ, नियम,संयम से पवित्र मन,वाणी,काया से, जो भी […]

भजन/भावगीत

देवी भक्ति- गीत

(नवरात्रि पर भक्तों की गुहार सुनकर माता रानी जब धरा पर आने को तत्पर हुई तो स्वर्गलोक और कैलाश स्थित शिव परिवार पर क्या बीती? उसकी सुन्दर कल्पना के चित्रण का प्रयास किया है।) चली भवानी सिंह पर चढ़के अब भक्तों के देशकोई राह बुहारो रे,!आँखों में है प्यार बरसात, और प्यारा है भेषज़रा नज़र […]