Category : भजन/भावगीत

  • भगवान परशुराम की वन्दना

    भगवान परशुराम की वन्दना

    ॐ जय ऋषिवर परशुराम,जय ऋषिवर परशुराम। विप्र जाति के रक्षक,सबके लीला धाम।।ॐ जय…. जमदाग्नि नन्दन हो,जग के पालनहार। रेणुका से जन्में,किया शत्रु संहार।।ॐ जय….. महादेव की भक्ति में,सब अर्पण किया। बदले में शिवजी ने,परशु भेंट किया।।ॐ...

  • माता रानी

    माता रानी

    माता रानी ओ ओ , माता रानी ओ ओ ll माता रानी शेर पे  सवार होकर आई है, —-2 हाथ में  भाला, है तलवार भी लाई हैं।। माता रानी ओ ओ , माता रानी ओ ओ...

  • जय माता दी

    जय माता दी

    जगत जननी आदिशक्ति तुम अम्बे मैया  भवानी जय जयकार सदा  रहे घर मेंं बसेरा तुम्हारा रखना सदा सलामत घर परिवार रखना रोशनी, मिटाना अन्धेरे मनोकामनाएं पूर्ण करती  सदा खुशी का सवेरा रहेगा हो रही  तेरी  मां...

  • राधा मैं हारी

    राधा मैं हारी

    सुन लो पुकार मेरी, कहती है राधा बेचारी। अब न बनूंगी मैं राधा, बनके राधा मैं हारी।। सुनो हे गिरधारी मुरली मनोहर अगले जन्म तुम्हें है राधा बनना, बनूंगी मैं कृष्ण कन्हैया तुम्हारा सही जो पीर...


  • सरसी छंद रचना – दुर्गा स्तुति

    सरसी छंद रचना – दुर्गा स्तुति

    नमो नमो है माता दुर्गे ,तेरी जय जयकार । सिंह वाहिनी मात भवानी ,वन्दन बारम्बार ।। तुम ही सृजन रूप में माता ,पालक रूप तुम्हार । कल्प अंत संहाररूपिणी ,जग तेरा विस्तार ।। शत रूपा  है...


  • मेरी भावना

    मेरी भावना

    श्री नवकार महामन्त्र का नित्य जप कर जिन धर्म को करूं स्वीकार। विश्व प्रेम शांति अहिंसा अपरिग्रह शाकाहार तप दान शील का करूं प्रचार।। अनित्य अशरण संसार एकत्व अन्यत्व अशुचि भावनाऐं। आस्रव संवर निर्जरा लोक बोधि-दुर्लभ...

  • शिव स्तुति

    शिव स्तुति

    हे महादेव   हे शिवशंकर, हे आशुतोष हे   गिरिवासी । हे जगद्नियंता जगपालक, हम हैं अबोध अनुचर दासी ।। मद मत्सर माया मोह हमें, अपने फेरे में उलझाये । इस अन्तहीन से अंधकूप में, समझ नहीं कुछ...

  • मां जयतु वीणा धारिणी

    मां जयतु वीणा धारिणी

    मां जयतु वीणा धारिणी मां सरस्वती वीणा वादिनी जयतु हे मां हंस विराजनी, जय हो शारदे ज्ञानदायिनी मां पद्म हंस की विराजनी मां सरस्वती——–। ऋद्धि-सिद्धि दायिनी मां विवेक शून्य विनाशिनी देवि! सुखद हास देती हृदय में...