Category : भजन/भावगीत

  • श्याम

    श्याम

    मन में बसी श्याम की मनमोहक काया। अधरों पे सजे बांसुरी जाने सुर क्या सजाया। भूल गई सब काम धाम मैं देखो सखी री, ह्रदय उस मोर मुकुट संग जब से लगाया। कहीं धुन मघुर बजाए...

  • आई तीजों प्यारी आई

    आई तीजों प्यारी आई

    हरियाली तीज राधे झूला झूलन आई, झोंटे देवत कन्हाई झोंटे देवत कन्हाई, आई तीजों प्यारी आई-राधे झूला झूलन———-   1.राधे सज-धज झूलन आई, लाल चुनरिया शीश सजाई कान्हा प्यारे के मन भाई, झोंटे देवत कन्हाई-झोंटे देवत...


  • गुरु पंचश्लोकी

    गुरु पंचश्लोकी

    “गुरु पंचश्लोकी” सद्गुरु-महिमा न्यारी, जग का भेद खोल दे। वाणी है इतनी प्यारी, कानों में रस घोल दे।। गुरु से प्राप्त की शिक्षा, संशय दूर भागते। पाये जो गुरु से दीक्षा, उसके भाग्य जागते।। गुरु-चरण को...


  • वन्दना

    वन्दना

    “वन्दना” इतनी ईश दया दिखला, जीवन का कर दो सुप्रभात। दूर गगन में भटका दो, अंधकारमय जीवन रात।।1।। मेरे कष्टों के पथ अनेक, भटका रहता जिनमें यह मन। ज्ञान ज्योति दर्शाओ प्रभो, सफल बने मेरा यह...

  • भजन

    भजन

    राधे कृष्ण राधे कृष्ण राधे कृष्ण गा अपने मन में ध्यान लगा के राधे कृष्ण गा-   1.मन में राधे कृष्ण बसें तो मन-मंदिर बन जाय मन वृंदावन मन बरसाना मन गोकुल कहलाय राधे कृष्ण नौका...

  • मुरलिया करत हिया में झंकार…

    मुरलिया करत हिया में झंकार…

    मुरलिया करत हिया में झंकार। अधर धरै जब कृष्ण कन्हैया बाजत दिल के तार। मुरलिया करत हिया में झंकार… खग दृग सुध बुध भूलै सारी तान धरै जब जब गिरधारी। गोप गोपियां सम्मोहित हो कहते बलिहारी...


  • तम को करो आलोक मां…

    तम को करो आलोक मां…

    तम को करो आलोक मां, मन ज्ञान की ज्तोति करो। मां शारदे वाणी को अमृत, शब्दो को मोती करो॥ मन मूढ़ता के वास से मुक्ति दो, हमको शारदे। शब्दों के हम साधक बने, शक्ति दो हमको...