Category : भजन/भावगीत


  • तम को करो आलोक मां…

    तम को करो आलोक मां…

    तम को करो आलोक मां, मन ज्ञान की ज्तोति करो। मां शारदे वाणी को अमृत, शब्दो को मोती करो॥ मन मूढ़ता के वास से मुक्ति दो, हमको शारदे। शब्दों के हम साधक बने, शक्ति दो हमको...


  • मैय्या-भजन

    मैय्या-भजन

    मेरी प्रकाशित पुस्तक ‘श्री हरि-भजनामृत” से नवरात्रों के लिए मैय्या-भजन आई नवरातों की वेला मैय्या आ जाओ                                  6827/8.10.10 आके भक्तों...

  • ब्रह्मानंद, कृष्ण !

    ब्रह्मानंद, कृष्ण !

    तुम नहीं आओगे हाँ ! तुम नहीं आओगे अभी इन्तजार लंबा है , निरंतर तुम खुद को ही झुठलाओगे हाँ तुम नहीं आओगे तुम नहीं आओगे सदानंद, कृष्ण । दुःख से परे सुख से परे अगण्य...

  • बिटिया के लिए माता की आशीष

    बिटिया के लिए माता की आशीष

    मेरी प्रकाशित पुस्तक ‘श्री हरि-भजनामृत” से बेटी के लिए भावगीत उठ जाग बिटिया माता की आशीष है, आशीष है, सद्बुद्धि तुमको दें प्रभु आशीष है, आशीष है. संतों का तुझको संग मिले आशीष है, आशीष है,...

  • शिव भजन

    शिव भजन

    मेरी प्रकाशित पुस्तक ‘श्री हरि-भजनामृत” से दो शिव भजन   घर आए मेरे शिव भोले, कुछ-कुछ कह गए शिव भोले 1.दिल न किसी का दुखाना कभी अनजाने भी न सताना कभी वरना बरसेंगे शोले, ऐसे वचन...


  • संबंध सुहाना है

    संबंध सुहाना है

    भावगीत है प्रेम से जग प्यारा, सुंदर है सुहाना है जिस ओर नज़र जाए, बस प्रेम-तराना है- बादल का सागर से, सागर का धरती से धरती का अंबर से, संबंध सुहाना है- तारों का चंदा से,...

  • सरस्वती  वन्दन

    सरस्वती वन्दन

    सरस्वती माँ के पावन पूजन पर्व “बसंत पंचमी ” पर माँ के चरणों में एक वन्दना : सरस्वती माता तुझे, शत शत करें प्रणाम सत्य भाव से हम सभी, नित लें तेरा नाम देवी हो तुम...