Category : भजन/भावगीत

  • गुरु पंचश्लोकी

    गुरु पंचश्लोकी

    “गुरु पंचश्लोकी” सद्गुरु-महिमा न्यारी, जग का भेद खोल दे। वाणी है इतनी प्यारी, कानों में रस घोल दे।। गुरु से प्राप्त की शिक्षा, संशय दूर भागते। पाये जो गुरु से दीक्षा, उसके भाग्य जागते।। गुरु-चरण को...


  • वन्दना

    वन्दना

    “वन्दना” इतनी ईश दया दिखला, जीवन का कर दो सुप्रभात। दूर गगन में भटका दो, अंधकारमय जीवन रात।।1।। मेरे कष्टों के पथ अनेक, भटका रहता जिनमें यह मन। ज्ञान ज्योति दर्शाओ प्रभो, सफल बने मेरा यह...

  • भजन

    भजन

    राधे कृष्ण राधे कृष्ण राधे कृष्ण गा अपने मन में ध्यान लगा के राधे कृष्ण गा-   1.मन में राधे कृष्ण बसें तो मन-मंदिर बन जाय मन वृंदावन मन बरसाना मन गोकुल कहलाय राधे कृष्ण नौका...

  • मुरलिया करत हिया में झंकार…

    मुरलिया करत हिया में झंकार…

    मुरलिया करत हिया में झंकार। अधर धरै जब कृष्ण कन्हैया बाजत दिल के तार। मुरलिया करत हिया में झंकार… खग दृग सुध बुध भूलै सारी तान धरै जब जब गिरधारी। गोप गोपियां सम्मोहित हो कहते बलिहारी...


  • तम को करो आलोक मां…

    तम को करो आलोक मां…

    तम को करो आलोक मां, मन ज्ञान की ज्तोति करो। मां शारदे वाणी को अमृत, शब्दो को मोती करो॥ मन मूढ़ता के वास से मुक्ति दो, हमको शारदे। शब्दों के हम साधक बने, शक्ति दो हमको...


  • मैय्या-भजन

    मैय्या-भजन

    मेरी प्रकाशित पुस्तक ‘श्री हरि-भजनामृत” से नवरात्रों के लिए मैय्या-भजन आई नवरातों की वेला मैय्या आ जाओ                                  6827/8.10.10 आके भक्तों...

  • ब्रह्मानंद, कृष्ण !

    ब्रह्मानंद, कृष्ण !

    तुम नहीं आओगे हाँ ! तुम नहीं आओगे अभी इन्तजार लंबा है , निरंतर तुम खुद को ही झुठलाओगे हाँ तुम नहीं आओगे तुम नहीं आओगे सदानंद, कृष्ण । दुःख से परे सुख से परे अगण्य...