Category : कविता

  • ओ माँ

    ओ माँ

    ओ माँ ओ माँ इधर तो आओ मुझे कुछ कहना। मुझे तूने जिन्दगी दी है तेरे साथ है अब रहना। मेरी खुशी अब तेरी खुशी बन गई है यहाँ पर, अब तेरे पास रहकर मुझे तेरे...

  • “पिरामिड”

    “पिरामिड”

    मेरे पूरे परिवार के तरफ से आप के पूरे परिवार को पावन चैत्री नवरात्र व नववर्ष की हार्दिक बधाई सह मंगल शुभकामना…….. (1) माँ तेरा दर्शन जन जन अभिलाषी है शक्ति भक्ति न्यारी पधारो अनुपमा॥ (2)...

  • देखो प्रिये !

    देखो प्रिये !

    मास चैत्र चला आया ,ताप सूर्य का दग्धाने लगा सूखे सरोवर औ तालाब ,खग पंछी लगे अकुलाने ताँक -झाँक करे वारि की ,दाने -दाने को सब तरसे चाँद आ गया आसमा में ,चाँदनी शीतलता देने  लगी...

  • कविता – दीपक

    कविता – दीपक

    एक दीपक जलाया है मैंने प्रेम का आशा का उम्मीदों का मिटाता रहेगा भीतर का अंधियारा तब तक जब तक है जिस्म में सांस कितने पथरीले,कँटीले हो जीवन के रास्ते साथ थामे तेरा जो दिखे प्रकाश...

  • “कली छंद”

    “कली छंद”

    *विधान:भगण भगण भगण लघु गुरु* *211 211 211 1 2* *11 वर्ण 4 चरण* *दो दो चरण समतुकांत* साथ रहे घर गाँव सजनी। भाव सुभाव अभाव भजनी।। शान सदा खुशहाल कथनी। देश बने धनवान मथनी।। लाग...

  • बेअदब दुनिया

    बेअदब दुनिया

    बेअदब दुनिया वाले आज उठा रहें हैं अदब का ज़नाज़ा, जिसका जितना ऊंचा कद उतना ऊंचा उठता है ज़नाज़ा , बेचारा आम आदमी इन बेअदबो से अदब से पेश आता है, फिर भी वह इन ऊंचे...

  • परिन्दे की उड़ान

    परिन्दे की उड़ान

    ‘परिन्दे की उड़ान’ ऐ परिन्दे! उड़, अभी तेरी उड़ान बाकी है; नजर ऊपर तो उठा, अभी पूरा आसमान बाकी है। निर्मल-नील-गगन में गुनगुनाता चल; नित-नए सफलता के गीत गाता चल। जाना है जहां तुझे, अभी वो...

  • दोस्ती

    दोस्ती

    जिनकी नीयत होती है साफ़, उनके दिल में हम धडकते हैं , जिनकी नीयत में खोट है उनकी आँखों में हम खटकते हैं, सावन की बहार आ जाती है चुपके चुपके जो गरजते हैं वह बादल...

  • कविता

    कविता

    कविता मात्र एक रचना नहीं एक अक्स होता है किसी दिल का मेल होता है भावों का उमड़कर बादलों की तरह आते हैं जो बरसते हैं फिर स्याही के रूप में लेते हैं आकार अक्षरों की...