Category : कविता

  • घाटी नर्क बनाकर

    घाटी नर्क बनाकर

    घाटी नर्क बनाकर दिल्ली बैठी पहन चूडियाँ किन्नर रोना रोती है | सिंहों के जिस्म कुत्ते नोच-नोच खाते शौर्य-वीरता के सम्मुख दीवार बना कानून राजनीति बंदूकों के मुख ताले लगवाती है | देखो कैसे स्वार्थवश दिल्ली...

  • कविता – नमन

    कविता – नमन

    तिरंगे में लिपटे शवों को नमन हमारा नमन तुम्हारा नमन। चल दिए मुस्कुरा कर वतन के लिए हो गए कुर्बान चमन के लिए ऐसे रण बाँकुरों को कण-कण का नमन। हमारा नमन तुम्हारा नमन तिरंगे में...

  • कविता – आतंकवाद

    कविता – आतंकवाद

    आतंकवाद से मुक्त करो भारत की हर मां धन्य है, जिन्होंने ऐसे सपूतों को जन्म दिया। भारत माता पर कुर्बान होने को, सब बेटे दंभ भरते हैं। कुछ ताकतो ने भारत मां को, फिर से ललकारा...


  • इंतज़ार

    इंतज़ार

    इंतजार सिर्फ इंतजार ही तो लिखा होता है रूहानी मोह्हबत में , बाँस के पेड़ों से कब खुश्बू आती है उदास जिंदगी में । लहरों की तरह यादों का दौर आता है रुकी जिंदगी में ,...

  • औरत

    औरत

    थक गई हूँ खुद से , जाने क्यों टूटने लगी हूँ। लगता है जैसे खुद को ही छलने लगी हूँ । जंजीरों को कब मैंने बाँध लिया पैरों में स्वतंत्रता की चाह जाने क्यों झुलसने लगी...

  • दर्द का रिश्ता

    दर्द का रिश्ता

    चंद पल जो तुमको जिंदगी दे जाएं , कुछ हसरतें जो बचपन में ले जाएं । भूल जाएं अतीत की दुख भरी यादें , कुछ सुकून के लम्हे वापिस आ जाएं । कब मांगे थे बेशकीमती...



  • शहादत

    शहादत

    अभी अभी प्राप्त खबर के अनुसार कश्मीर में आतंकी हमले में 30 जवानों की शहादत से दुःखी व आक्रोश से उपजी मेरी एक रचना — शहीद जवानों को विनम्र श्रद्धांजलि ! 💐💐💐 14 फरवरी दिन गुरुवार...