Category : कविता



  • है कोई जवाब

    है कोई जवाब

    है कोई जवाब तुम कहते हो आजकल बहुत बढ़ गई है बेशर्मी शर्म हया तक बेच खाई है नहीं रह गई है आँखों की शर्म क्यों निकलती हैं अकेली वे उनका चाल-चलन ही बिगड़ गया है...

  • सुकून मिले

    सुकून मिले

    कभी छू कर,देखूं तेरी रूह को तो मुझे भी सुकून मिले, कि तू मेरा हैं जिस्म से नहीं रूह से। कभी दिल लगा कर, देखो मेंरे एहसासों को तो मुझे भी सुकून मिले, कि इन एहसासों...

  • सपना एक बीज मन्त्र

    सपना एक बीज मन्त्र

    जिसके दिल में सौम्य सुभाषित सपन सलोना हो। जिसके दिल में बेहिसाब हर पाना – खोना हो।। ऐसे दिल के स्वामी सम्मुख सादर नत जग है। सपनों को पूरा करने के हेतु मगन मग है।। सपनों...



  • यारा कोई बात नहीं

    यारा कोई बात नहीं

    माना तुम सही हो पर में गलत तो नहीं यारा कोई बात नहीं तुम्हारे महफिल से रुस्वा हूँ ये सही तो नहीं यारा कोई बात नहीं तुम से शिकायत नहीं करता पर ऐसा नहीं तुम से...


  • जी चाहता है…

    जी चाहता है…

    ना कुछ चाहूँ ना किसीको चाहूँ सबकुछ छोड़कर जोगी बन जाऊँ जी चाहता है…. ना किसीकी चिंता ना किसीकी फ़िक्र ना किसीकी याद ना किसी का ज़िक्र सभी को भूल जाऊँ जी चाहता है…. प्यार का...