Category : कविता

  • रिश्ते

    रिश्ते

    बड़े सुंदर उजियाले थे,जब गाँव के घरों में छोटे से आले थे। दिल मे सच्चाई थी,जब गाँव के चूल्हे पर बनते निवाले थे।। एक साथ चूल्हे के सामने बैठकर खाना खाते भाई सभी। एक दूसरे के...

  • मैं नशे में हूँ

    मैं नशे में हूँ

    उजाले मंद हुए , मैं मयखाने चला गया। जख्म उजागर ना हो,मैं पीता चला गया।। जैसे जीवन से कभी नफरत होती थी। बस मैं वैसे ही जीवन जीता चला गया।। चंद बूंदे मय की जो मुझ...

  • कविता

    कविता

    यह मन दीवाना अलबेला सा न जाने किसे ढूंढता रहता फड़फड़ाता बेचैन होकर नरम कोमल पंखों से उड़ान भरने को आतुर ढूंढ रहा अनजाना प्यारा सा हमसफर जो लेकर साथ अपने खो जाये दूसरी दुनिया में...

  • तन्हाई….

    तन्हाई….

    जब भी तन्हाई में होती हूँ वो नजर आता है निगाहें स्थिर हैं गति मंथर है धड़कनें सामान्य हैं जिंदगी रोजमर्रा की सी है जरा वक्त बैठी हूँ लॉन में अनायास ही वो नजर आता है...

  • दिलखुश जुगलबंदी- 1

    दिलखुश जुगलबंदी- 1

    कामना है यही न हमें मंज़िल की तिश्नगी थी, न तलाश हमें तो राह के कांटों से ही राहत मिल गई. क्या करे कोई ज़माना ही ख़राब है राह के कांटे ही राहत की आवाज़ हैं...

  • प्रेम मीन का

    प्रेम मीन का

    सच बतलाना तुम सागर तुमसे मेरा क्या नाता है। पास देख कर तुम्हें मगर प्रेम उमड़ घुमड़ आता है। समझा सर्वस्व तुम्हीं को मैंने तुम में ही सब कुछ पाया है। शैतान शिकारी से फिर तुमने...

  • नट

    नट

    वो हम जैसा दिखता है पर हम जैसा है नहीं हम चलते हैं ज़मीन पर और बात करते हैं आसमान की वो चलता है रस्सी पर और बात करता है सिर्फ पेट की दिखाता है करतब...


  • विदाई

    विदाई

    तुम जा रहे हो ,नही रोकती तुमको, सुनो जाते जाते एक काम करना ।। सबके गम ले जाना संग , मुस्कान दे जाना सबके मुख पर ।। सारी बाधा सबकी संग ले जाना , मेहनत करने...

  • उड़ान

    उड़ान

    उड़ान भर लो अपने मन में चल देना तुम सीना तान लाख कोशिश कर ले दुनियाँ पाओगे मंजिल और पहचान डरना नहीं तूफानों से तुम जगाना दिल में यह अरमान अपने कर्मों के ही बल से...